{"_id":"6a3834f36b922d9c2305e0b5","slug":"nighttime-power-cuts-disrupted-sleep-amethi-news-c-96-1-ame1022-168802-2026-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: रात में बिजली कटौती से उड़ी नींद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: रात में बिजली कटौती से उड़ी नींद
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 22 Jun 2026 12:31 AM IST
विज्ञापन
मुसाफिरखाना के पूरे प्रेमशाह में ट्रांसफार्मर ठीक करते ऊर्जा निगम के कर्मी। स्रोत: विभाग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमेठी सिटी। उमस भरी गर्मी के बीच जिले के विभिन्न क्षेत्रों में शनिवार रात से शुरू हुआ बिजली संकट रविवार को भी जारी रहा। कई उपकेंद्रों और फीडरों में तकनीकी खराबी के कारण बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित हुई, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। रातभर चली कटौती के चलते लोगों की नींद पूरी न हो सकी, जबकि दिन में भी बिजली के लगातार आने-जाने से उमस के बीच लोग बेहाल रहे।
जिला मुख्यालय गौरीगंज में रात 9:15 बजे आपूर्ति ठप हुई और करीब एक घंटे बाद बहाल हुई, लेकिन इसके बाद भी कई बार कटौती होती रही। मुसाफिरखाना, करपिया, शुकुलपुर और मऊ उपकेंद्र क्षेत्रों में चार से छह घंटे तक बिजली गुल रही। रविवार को भी कई स्थानों पर सुबह और दोपहर के समय लंबी अवधि तक आपूर्ति बाधित रही। सेमरौता के इन्हौंना फीडर, जायस देहात, तिलोई और सलोन क्षेत्रों में भी तीन से पांच घंटे तक बिजली संकट बना रहा।
ग्रामीण इलाकों में स्थिति और अधिक खराब रही। भादर क्षेत्र के घोरहा, पीपरपुर और रामगंज उपकेंद्रों से जुड़े गांवों के लोगों ने बताया कि शनिवार रात करीब छह घंटे बिजली नहीं रही। लगातार कटौती के कारण इनवर्टर भी जवाब दे गए, जिससे पेयजल और अन्य जरूरी काम प्रभावित हुए।
विज्ञापन
अधिशाषी अभियंता गुरुचरन लाल भटनागर ने बताया कि कंट्रोल रूम की इमरजेंसी रोस्टिंग और कुछ तकनीकी खराबियों के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई। स्थानीय स्तर पर कोई अघोषित कटौती नहीं की जा रही है और व्यवस्था सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जिला मुख्यालय गौरीगंज में रात 9:15 बजे आपूर्ति ठप हुई और करीब एक घंटे बाद बहाल हुई, लेकिन इसके बाद भी कई बार कटौती होती रही। मुसाफिरखाना, करपिया, शुकुलपुर और मऊ उपकेंद्र क्षेत्रों में चार से छह घंटे तक बिजली गुल रही। रविवार को भी कई स्थानों पर सुबह और दोपहर के समय लंबी अवधि तक आपूर्ति बाधित रही। सेमरौता के इन्हौंना फीडर, जायस देहात, तिलोई और सलोन क्षेत्रों में भी तीन से पांच घंटे तक बिजली संकट बना रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीण इलाकों में स्थिति और अधिक खराब रही। भादर क्षेत्र के घोरहा, पीपरपुर और रामगंज उपकेंद्रों से जुड़े गांवों के लोगों ने बताया कि शनिवार रात करीब छह घंटे बिजली नहीं रही। लगातार कटौती के कारण इनवर्टर भी जवाब दे गए, जिससे पेयजल और अन्य जरूरी काम प्रभावित हुए।
अधिशाषी अभियंता गुरुचरन लाल भटनागर ने बताया कि कंट्रोल रूम की इमरजेंसी रोस्टिंग और कुछ तकनीकी खराबियों के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई। स्थानीय स्तर पर कोई अघोषित कटौती नहीं की जा रही है और व्यवस्था सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।