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Amethi News: भटकती लहर हूं, किनारा नहीं हूं....
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 22 Jun 2026 12:47 AM IST
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अमेठी। अवधी साहित्य संस्थान की ओर से रविवार को स्थानीय डाक बंगले के सभागार में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। रामेश्वर सिंह ‘निरास’ ने वाणी वंदना प्रस्तुत कर काव्यपाठ की शुरुआत की।
संस्थान के अध्यक्ष डॉ. अर्जुन पाण्डेय ने स्वागत संबोधन के साथ अपनी रचना तुम्हारी कसम मैं तुम्हारा नहीं हूं, भटकती लहर हूं, किनारा नहीं हूं सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरीं। अध्यक्षता कर रहे गोपाल शुक्ल ‘तपिश’ ने सामाजिक सरोकारों पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कीं। हरिनाथ शुक्ल ‘हरि’ ने नियमित जीवन का संदेश दिया।
प्रेम कुमार त्रिपाठी ‘प्रेम’ ने मानवता, सेवा और परोपकार को जीवन का आधार बताते हुए काव्यपाठ किया। आरके बागी की रचनाओं में देशभक्ति की भावना झलकी। रामेश्वर सिंह ‘निरास’ ने शिक्षा व्यवस्था की विसंगतियों पर व्यंग्य किया। शब्बीर अहमद सूरी ने एकता का संदेश दिया। दिवस प्रताप सिंह ने राजनीतिक गतिविधियों पर व्यंग्य प्रस्तुत कर श्रोताओं को गुदगुदाया। राजेंद्र शुक्ल ‘अमरेश’ ने साहित्यिक मूल्यों, अमर बहादुर सिंह ‘अमर’ ने सामाजिक चेतना, रामबदन शुक्ल ‘पथिक’ ने जीवन दर्शन, जगदम्बा तिवारी ‘मधुर’ ने सामाजिक यथार्थ पर आधारित रचनाएं सुनाईं।
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संस्थान के अध्यक्ष डॉ. अर्जुन पाण्डेय ने स्वागत संबोधन के साथ अपनी रचना तुम्हारी कसम मैं तुम्हारा नहीं हूं, भटकती लहर हूं, किनारा नहीं हूं सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरीं। अध्यक्षता कर रहे गोपाल शुक्ल ‘तपिश’ ने सामाजिक सरोकारों पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कीं। हरिनाथ शुक्ल ‘हरि’ ने नियमित जीवन का संदेश दिया।
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प्रेम कुमार त्रिपाठी ‘प्रेम’ ने मानवता, सेवा और परोपकार को जीवन का आधार बताते हुए काव्यपाठ किया। आरके बागी की रचनाओं में देशभक्ति की भावना झलकी। रामेश्वर सिंह ‘निरास’ ने शिक्षा व्यवस्था की विसंगतियों पर व्यंग्य किया। शब्बीर अहमद सूरी ने एकता का संदेश दिया। दिवस प्रताप सिंह ने राजनीतिक गतिविधियों पर व्यंग्य प्रस्तुत कर श्रोताओं को गुदगुदाया। राजेंद्र शुक्ल ‘अमरेश’ ने साहित्यिक मूल्यों, अमर बहादुर सिंह ‘अमर’ ने सामाजिक चेतना, रामबदन शुक्ल ‘पथिक’ ने जीवन दर्शन, जगदम्बा तिवारी ‘मधुर’ ने सामाजिक यथार्थ पर आधारित रचनाएं सुनाईं।