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Amethi News: संसार में कोई भी वस्तु भगवान से अलग नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 07 Jan 2026 01:00 AM IST
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जगदीशपुर। परमात्मा ही परम सत्य है। जब हमारी वृत्ति परमात्मा में लगेगी तो संसार गायब हो जाएगा। संसार का नाश होने पर भी परमात्मा का नाश क्यों नहीं होता। इसका उत्तर यह है कि भगवान संसार से जुड़े भी हैं और अलग भी हैं। संसार में कोई भी वस्तु भगवान से अलग नहीं है। ये बातें यूपीसीडा सेक्टर पांच में श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन मंगलवार को प्रवाचक पंडित यदुनाथ अवस्थी ने कहीं।
उन्होंने भगवान कृष्ण के जन्म और लीलाओं की कथा सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के घरों से माखन चोरी की। इस घटना के पीछे भी आध्यात्मिक रहस्य है। दूध का सार तत्व माखन है। उन्होंने गोपियों के घर से केवल माखन चुराया अर्थात सार तत्व को ग्रहण किया और असार को छोड़ दिया। प्रभु हमें समझाना चाहते हैं कि सृष्टि का सार तत्व परमात्मा है। इसलिए असार यानी संसार के नश्वर भोग पदार्थों की प्राप्ति में अपने समय, साधन को अपव्यय करने की जगह हमें अपने अंदर स्थित परमात्मा को प्राप्त करने का लक्ष्य रखना चाहिए। इसी से जीवन का कल्याण संभव है।
प्रवाचक ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, वामन अवतार, भक्त प्रहलाद, हिरण्यकश्यप और राजा बलि की कथाओं के माध्यम से भक्ति, त्याग और ईश्वर के प्रति समर्पण का महत्व समझाया। श्रीकृष्ण के जन्म के बाद मिठाई बांटी गई। पटाखे फोड़े और हाथी-घोड़ा पालकी जय कन्हैयालाल की... के जयकारे लगे।
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उन्होंने भगवान कृष्ण के जन्म और लीलाओं की कथा सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के घरों से माखन चोरी की। इस घटना के पीछे भी आध्यात्मिक रहस्य है। दूध का सार तत्व माखन है। उन्होंने गोपियों के घर से केवल माखन चुराया अर्थात सार तत्व को ग्रहण किया और असार को छोड़ दिया। प्रभु हमें समझाना चाहते हैं कि सृष्टि का सार तत्व परमात्मा है। इसलिए असार यानी संसार के नश्वर भोग पदार्थों की प्राप्ति में अपने समय, साधन को अपव्यय करने की जगह हमें अपने अंदर स्थित परमात्मा को प्राप्त करने का लक्ष्य रखना चाहिए। इसी से जीवन का कल्याण संभव है।
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प्रवाचक ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, वामन अवतार, भक्त प्रहलाद, हिरण्यकश्यप और राजा बलि की कथाओं के माध्यम से भक्ति, त्याग और ईश्वर के प्रति समर्पण का महत्व समझाया। श्रीकृष्ण के जन्म के बाद मिठाई बांटी गई। पटाखे फोड़े और हाथी-घोड़ा पालकी जय कन्हैयालाल की... के जयकारे लगे।