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Amethi News: गबन केस में गवाही से गैरहाजिर पूर्व नपं अध्यक्ष को पेश कराने का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 16 Feb 2026 01:20 AM IST
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अमेठी सिटी। सरकारी धन के गबन के मामले में गवाही से लगातार अनुपस्थित रहने वाली पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष चंद्रमा देवी के खिलाफ अदालत ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह की अदालत ने शुक्रवार को नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र जारी कर साक्षी को अगली नियत तिथि पर हर हाल में पेश कराने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी को निर्धारित की गई है।
चार जून 2019 की घटना के संबंध में तत्कालीन अध्यक्ष चंद्रमा देवी ने अमेठी कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने नगर पंचायत अमेठी के तत्कालीन लिपिक विपुल तिवारी पर सरकारी कार्यों में लापरवाही, भ्रामक सूचना देने, वित्तीय अनियमितता और करीब 6.60 लाख रुपये के सरकारी धन के गबन का आरोप लगाया था। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी लिपिक के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया था, जिसके बाद से मामला विचाराधीन है।
इस मामले में मुख्य साक्षी के तौर पर चंद्रमा देवी की गवाही आवश्यक है, लेकिन कई तारीख से उनकी अनुपस्थिति के कारण सुनवाई बाधित हो रही है। पिछली पेशी पर अदालत ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश भी दिया था। इसके बावजूद उपस्थिति सुनिश्चित न होने पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है।
डीएम और एसपी को लिखे पत्र के माध्यम से साक्षी की उपस्थिति सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि स्वयं फर्जीवाड़े के एक अन्य मामले में आरोपों का सामना कर रहीं चंद्रमा देवी इस प्रकरण को लेकर फिर चर्चा में हैं। 18 फरवरी को होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं, जहां अदालत की सख्ती को देखते हुए साक्षी की उपस्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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चार जून 2019 की घटना के संबंध में तत्कालीन अध्यक्ष चंद्रमा देवी ने अमेठी कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने नगर पंचायत अमेठी के तत्कालीन लिपिक विपुल तिवारी पर सरकारी कार्यों में लापरवाही, भ्रामक सूचना देने, वित्तीय अनियमितता और करीब 6.60 लाख रुपये के सरकारी धन के गबन का आरोप लगाया था। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी लिपिक के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया था, जिसके बाद से मामला विचाराधीन है।
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इस मामले में मुख्य साक्षी के तौर पर चंद्रमा देवी की गवाही आवश्यक है, लेकिन कई तारीख से उनकी अनुपस्थिति के कारण सुनवाई बाधित हो रही है। पिछली पेशी पर अदालत ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश भी दिया था। इसके बावजूद उपस्थिति सुनिश्चित न होने पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है।
डीएम और एसपी को लिखे पत्र के माध्यम से साक्षी की उपस्थिति सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि स्वयं फर्जीवाड़े के एक अन्य मामले में आरोपों का सामना कर रहीं चंद्रमा देवी इस प्रकरण को लेकर फिर चर्चा में हैं। 18 फरवरी को होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं, जहां अदालत की सख्ती को देखते हुए साक्षी की उपस्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।