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Amethi News: एसडीएम के आदेश पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 24 Mar 2026 12:19 AM IST
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मुसाफिरखाना तहसील परिसर में अधिवक्ताओं से बात करते डीएम संजय चौहान। स्रोत : स्थानीय नागरिक
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मुसाफिरखाना। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल के नेतृत्व में सोमवार को अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर एसडीएम के आदेशों पर आपत्ति जताई। संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे डीएम संजय कुमार चौहान के समक्ष पूरे मामले को विस्तार से रखा गया।
अधिवक्ताओं ने बताया कि 12 मार्च को एसडीएम के न्यायिक अधिकार समाप्त हो चुके थे और यह जिम्मेदारी उपजिलाधिकारी (न्यायिक) नितेश राज को सौंपी गई थी। इसके बावजूद 13 मार्च को, जो स्थानीय अवकाश का दिन था, एसडीएम स्तर से आदेश जारी किए गए। ज्ञापन में कहा गया कि ग्राम महोना पश्चिम की भूमि, जो मौके पर बाग के रूप में उपयोग हो रही है, उसे अकृषक घोषित कर दिया गया।
इसी दिन ग्राम जलालपुर तिवारी की भूमि के एक हिस्से को भी अकृषक घोषित करने का आदेश पारित हुआ। अधिवक्ताओं का कहना है कि ये आदेश क्षेत्राधिकार के विपरीत हैं और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी दर्शाते हैं। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित मामलों में लेखपाल व राजस्व निरीक्षक की आख्या वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाती। इससे पूरे प्रकरण पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिलाधिकारी ने अधिवक्ताओं की बात सुनी और पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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अधिवक्ताओं ने बताया कि 12 मार्च को एसडीएम के न्यायिक अधिकार समाप्त हो चुके थे और यह जिम्मेदारी उपजिलाधिकारी (न्यायिक) नितेश राज को सौंपी गई थी। इसके बावजूद 13 मार्च को, जो स्थानीय अवकाश का दिन था, एसडीएम स्तर से आदेश जारी किए गए। ज्ञापन में कहा गया कि ग्राम महोना पश्चिम की भूमि, जो मौके पर बाग के रूप में उपयोग हो रही है, उसे अकृषक घोषित कर दिया गया।
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इसी दिन ग्राम जलालपुर तिवारी की भूमि के एक हिस्से को भी अकृषक घोषित करने का आदेश पारित हुआ। अधिवक्ताओं का कहना है कि ये आदेश क्षेत्राधिकार के विपरीत हैं और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी दर्शाते हैं। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित मामलों में लेखपाल व राजस्व निरीक्षक की आख्या वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाती। इससे पूरे प्रकरण पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिलाधिकारी ने अधिवक्ताओं की बात सुनी और पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।