अमेठी सिटी। आपदा में अवसर का इससे बेहतर उदाहरण क्या होगा। सिलिंडर की होम डिलीवरी दो सप्ताह से बंद है। उपभोक्ता गैस के लिए एजेंसियों के बाहर लाइन में लगे। लंबे इंतजार के बाद उन्हें गैस तो मिल रही है, लेकिन सिलिंडर डिलीवरी चार्ज में छूट नहीं दी जा रही है। 10 मार्च से गैस किल्लत को लेकर हो हल्ला शुरू हुआ।
इस बीच प्रतिदिन औसतन तीन हजार सिलिंडर वितरित किए गए और उपभोक्ताओं से करीब 12 लाख रुपये वसूल लिए गए। इसके उलट, विभागीय अफसर शिकायत मिलने पर एजेंसियों पर कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। गैस की आस में पहले तो उपभोक्ताओं ने विरोध नहीं किया, लेकिन अब उनका गुस्सा फूट रहा है।
नियम ये है कि सिलिंडर घर पहुंचाने पर 976 रुपये का भुगतान करना होता है। इसमें 27 रुपये डिलीवरी चार्ज जुड़ा है। गैस किल्लत की अफवाह फैलने पर पिछले एक पखवारे से उपभोक्ता एजेंसियों के बाहर कतार में लग रहे हैं। 19 मार्च को 5099, 20 मार्च को 3150, 21 मार्च को 3410, 22 मार्च को 3942, 23 मार्च को 2360 और 24 मार्च को 3516 सिलिंडर वितरित किए गए। अगर प्रतिदिन औसतन तीन हजार सिलिंडर के हिसाब से जोड़ें तो भी 15 दिनों में 12 लाख रुपये से अधिक की अतिरिक्त वसूली की गई है। कई लोगों ने ये भी आरोप लगाया कि सिलिंडर के साथ जबरन गैस पाइप थमाकर अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है। विरोध करने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।