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Amethi News: संदिग्ध हालात में फंदे से लटकी मिली छात्रा, मौत
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 28 Apr 2026 12:16 AM IST
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शाहगढ़। गौरीगंज के पूरे खुशयाल पंडरी गांव में रविवार रात सोनाली (16) ने संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाकर जान दे दी। वह हाईस्कूल की छात्रा थी। परिजनों के अनुसार परीक्षा परिणाम से असंतोष के कारण वह कुछ दिनों से तनाव में थी।
परिजनों के मुताबिक सोनाली जंगबहादुर सिंह इंटर कॉलेज ककवा की छात्रा थी और पढ़ाई में मेधावी थी। यूपी बोर्ड परीक्षा में उसे 85 प्रतिशत अंक मिले थे, लेकिन वह अपने अपेक्षित परिणाम से संतुष्ट नहीं थी। परिजन उसे लगातार समझा रहे थे और आगे की पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए प्रेरित कर रहे थे।
रविवार रात उसकी मां और बहन घर से बाहर थीं। इसी दौरान सोनाली कमरे में गई और रस्सी के सहारे फंदा लगा लिया। काफी देर तक बाहर न आने पर परिजन कमरे में पहुंचे तो वह फंदे से लटकी मिली। उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इंस्पेक्टर अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि परिजनों की ओर से कोई आरोप नहीं लगाया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
सोनाली की मौत के बाद मां सरोज का रो-रोकर बुरा हाल है। बहन आंचल, दीपिका और काजल गमगीन हैं, जबकि पिता अरविंद शुक्ल सदमे में हैं। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष राम प्रसाद मिश्र और सेवा भारती जिलाध्यक्ष उमाशंकर शुक्ल सहित अन्य लोगों ने पीड़ित परिवार से मिलकर शोक संवेदना जताई।
बच्चों से करें नियमित करें संवाद
जिला अस्पताल में तैनात मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. वीर बहादुर सिंह ने बताया कि परीक्षा परिणाम को लेकर बच्चों में तनाव बढ़ जाता है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों पर दबाव न डालें और उनसे नियमित संवाद बनाए रखें। समय रहते परामर्श मिलने पर ऐसी स्थितियों से बचाव संभव है। इंदिरा गांधी पीजी कॉलेज के सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. राजेंद्र देव मिश्र ने बताया कि परीक्षा परिणाम जीवन का अंतिम सत्य नहीं होता। विद्यार्थियों को असफलता या अपेक्षा से कम अंक मिलने पर निराश नहीं होना चाहिए। सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास से आगे बेहतर अवसर मिलते हैं।
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रविवार रात उसकी मां और बहन घर से बाहर थीं। इसी दौरान सोनाली कमरे में गई और रस्सी के सहारे फंदा लगा लिया। काफी देर तक बाहर न आने पर परिजन कमरे में पहुंचे तो वह फंदे से लटकी मिली। उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इंस्पेक्टर अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि परिजनों की ओर से कोई आरोप नहीं लगाया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
सोनाली की मौत के बाद मां सरोज का रो-रोकर बुरा हाल है। बहन आंचल, दीपिका और काजल गमगीन हैं, जबकि पिता अरविंद शुक्ल सदमे में हैं। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष राम प्रसाद मिश्र और सेवा भारती जिलाध्यक्ष उमाशंकर शुक्ल सहित अन्य लोगों ने पीड़ित परिवार से मिलकर शोक संवेदना जताई।
बच्चों से करें नियमित करें संवाद
जिला अस्पताल में तैनात मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. वीर बहादुर सिंह ने बताया कि परीक्षा परिणाम को लेकर बच्चों में तनाव बढ़ जाता है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों पर दबाव न डालें और उनसे नियमित संवाद बनाए रखें। समय रहते परामर्श मिलने पर ऐसी स्थितियों से बचाव संभव है। इंदिरा गांधी पीजी कॉलेज के सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. राजेंद्र देव मिश्र ने बताया कि परीक्षा परिणाम जीवन का अंतिम सत्य नहीं होता। विद्यार्थियों को असफलता या अपेक्षा से कम अंक मिलने पर निराश नहीं होना चाहिए। सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास से आगे बेहतर अवसर मिलते हैं।

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