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Amethi News: ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, घर के सामने शव रखकर प्रदर्शन
Wed, 19 Aug 2026 12:46 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 19 Aug 2026 12:46 AM IST
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बाजारशुकुल में महिला की मौत के बाद प्रदर्शन करते परिजन। -स्रोत : ग्रामीण
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बाजार शुकुल। गयासपुर ग्राम पंचायत के पूरे भाऊ निवासी सुनीता (35) की कस्बा स्थित इंदिरा अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के बाद सोमवार शाम इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मंगलवार सुबह घर के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया। पुलिस के पहुंचने पर अस्पताल प्रबंधन से बातचीत के बाद परिजन शांत हुए, लेकिन पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।
पति कन्हैयालाल पासी के मुताबिक, पथरी के ऑपरेशन के लिए 41 हजार रुपये में बात तय हुई थी। 14 अगस्त को सुनीता को अस्पताल में भर्ती कराया गया। 16-16 हजार रुपये दो बार जमा किए गए। वह बाकी रकम की व्यवस्था करने बाहर गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उसी दौरान शाम को ऑपरेशन कर दिया गया। इलाज के दौरान 17 अगस्त की शाम सुनीता की मौत हो गई। देर शाम परिजन शव लेकर घर पहुंचे। मंगलवार की सुबह घर के सामने शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
उधर, अस्पताल के मालिक डॉ. वीके शर्मा का कहना है कि बाहर कहीं से ऑपरेशन कराने के बाद सोमवार की शाम मरीज को अस्पताल लाया गया था। मरीज को भर्ती करने से इन्कार किए जाने पर परिजन उन पर फर्जी आरोप लगा रहे हैं।
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सूचना पर थानाध्यक्ष गजेंद्र प्रताप सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों और अस्पताल प्रबंधन के बीच फोन पर बातचीत कराई। चर्चा है कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से आर्थिक मदद का भरोसा दिए जाने के बाद परिजन शांत हुए। इसके बाद उन्होंने कार्रवाई और पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।
थानाध्यक्ष गजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस मौके पर मौजूद है और परिजनों से बातचीत चल रही है। अभी तक कोई प्रार्थनापत्र नहीं मिला है। प्रार्थनापत्र मिलने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच के लिए डॉ. प्रवीण कुमार उपाध्याय और डॉ. प्रदीप तिवारी की टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पहले भी हो चुकी है मौत
इंदिरा अस्पताल में इससे पहले पूरे धौताल महोना पश्चिम निवासी कुलसुम बानो (32) की पित्त की पथरी के ऑपरेशन के दौरान मौत हुई थी। परिजनों के लापरवाही के आरोप पर स्वास्थ्य विभाग ने जांच की थी। जांच में अस्पताल को क्लीन चिट मिली थी। अस्पताल प्रबंधन का दावा था कि परिजनों से समझौते के बाद पुलिस में दी गई शिकायत वापस ले ली गई थी। प्रबंधन ने लापरवाही से इन्कार किया था।
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पति और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
सुनीता की मौत से पति कन्हैयालाल, बेटे मनीष व हरीश और बेटी ज्योति का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी का शव देखकर कन्हैयालाल बिलख पड़े। बच्चे मां को याद कर रोते रहे। रिश्तेदार और ग्रामीण परिवार को संभालने में जुटे रहे। बच्चों को रोता देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
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पति कन्हैयालाल पासी के मुताबिक, पथरी के ऑपरेशन के लिए 41 हजार रुपये में बात तय हुई थी। 14 अगस्त को सुनीता को अस्पताल में भर्ती कराया गया। 16-16 हजार रुपये दो बार जमा किए गए। वह बाकी रकम की व्यवस्था करने बाहर गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उसी दौरान शाम को ऑपरेशन कर दिया गया। इलाज के दौरान 17 अगस्त की शाम सुनीता की मौत हो गई। देर शाम परिजन शव लेकर घर पहुंचे। मंगलवार की सुबह घर के सामने शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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उधर, अस्पताल के मालिक डॉ. वीके शर्मा का कहना है कि बाहर कहीं से ऑपरेशन कराने के बाद सोमवार की शाम मरीज को अस्पताल लाया गया था। मरीज को भर्ती करने से इन्कार किए जाने पर परिजन उन पर फर्जी आरोप लगा रहे हैं।
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सूचना पर थानाध्यक्ष गजेंद्र प्रताप सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों और अस्पताल प्रबंधन के बीच फोन पर बातचीत कराई। चर्चा है कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से आर्थिक मदद का भरोसा दिए जाने के बाद परिजन शांत हुए। इसके बाद उन्होंने कार्रवाई और पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।
थानाध्यक्ष गजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस मौके पर मौजूद है और परिजनों से बातचीत चल रही है। अभी तक कोई प्रार्थनापत्र नहीं मिला है। प्रार्थनापत्र मिलने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच के लिए डॉ. प्रवीण कुमार उपाध्याय और डॉ. प्रदीप तिवारी की टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हो चुकी है मौत
इंदिरा अस्पताल में इससे पहले पूरे धौताल महोना पश्चिम निवासी कुलसुम बानो (32) की पित्त की पथरी के ऑपरेशन के दौरान मौत हुई थी। परिजनों के लापरवाही के आरोप पर स्वास्थ्य विभाग ने जांच की थी। जांच में अस्पताल को क्लीन चिट मिली थी। अस्पताल प्रबंधन का दावा था कि परिजनों से समझौते के बाद पुलिस में दी गई शिकायत वापस ले ली गई थी। प्रबंधन ने लापरवाही से इन्कार किया था।
पति और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
सुनीता की मौत से पति कन्हैयालाल, बेटे मनीष व हरीश और बेटी ज्योति का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी का शव देखकर कन्हैयालाल बिलख पड़े। बच्चे मां को याद कर रोते रहे। रिश्तेदार और ग्रामीण परिवार को संभालने में जुटे रहे। बच्चों को रोता देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।