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Amethi News: महिला की मौत, पति-ससुर और दो देवरों पर हत्या की प्राथमिकी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 19 Feb 2026 12:09 AM IST
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चेतना।
- फोटो : चेतना।
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अमेठी। पूरे शिवगुलाम मजरे सोमपुर मनकंठ गांव निवासी चेतना (30) की बुधवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद जिला अस्पताल में मायके और ससुराल पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए, जिससे तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने किसी तरह दोनों पक्षों को शांत कराया। चेतना के पिता की तहरीर पर पति-ससुर और दो देवरों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है।
गौरीगंज के शिवदीन टिकरिया गांव निवासी कृष्ण कुमार पांडेय ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की करंट लगाकर हत्या की गई है। उन्होंने बताया कि 10 वर्ष पूर्व चेतना का विवाह उमाकांत शुक्ल से हुआ था। शादी के बाद से पति के अलावा देवर रविकांत शुक्ल व जटाशंकर शुक्ल और ससुर अरविंद शुक्ल उनकी बेटी को प्रताड़ित कर रहे थे। कई बार सामाजिक स्तर पर समझौता भी हुआ, मगर हालात नहीं बदले। आरोप है कि बुधवार सुबह चेतना की हत्या कर दी गई। उन्हें सुबह करीब नौ बजे फोन पर सूचना दी गई कि चेतना की तबीयत खराब है। जिला अस्पताल पहुंचने पर बेटी की मौत की जानकारी मिली। मायके पक्ष ने बिना प्राथमिकी दर्ज किए पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। अमेठी कोतवाली में पति, ससुर और दोनों देवर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके बाद शव पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। इंस्पेक्टर रवि कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। नामजद आरोपियाें को हिरासत में लिया गया है।
मासूम की पुकार से नम हुई आंखें
मां की मौत के बाद छोटा बेटा प्रशांत बार-बार उन्हें पुकारता रहा। यह दृश्य देख अस्पताल में मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। पिता कृष्ण कुमार पांडेय गहरे सदमे में नजर आए। ग्रामीण व रिश्तेदार परिवार को ढांढस बंधाते रहे।
अस्पताल में जमकर हुई कहासुनी
जिला अस्पताल में चेतना की मौत के बाद मायके और ससुराल पक्ष के बीच जमकर कहासुनी हुई। सीओ गौरीगंज अखिलेश वर्मा ने मायके पक्ष को लोगों को समझाकर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद परिजन अमेठी कोतवाली पहुंचे और तहरीर सौंपी। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम शव मायके पक्ष को सौंप दिया गया।
देर रात बारामासी लौटी थी महिला
अरविंद शुक्ल के अनुसार, उनका बेटा उमाकांत शुक्ल, बहू चेतना और पोता प्रशांत बारामासी स्थित मकान में रहते थे। पैतृक गांव में धार्मिक आयोजन चल रहा था, इसलिए परिवार के सदस्य तीन दिन से गांव आ-जा रहे थे। मंगलवार को भंडारा समाप्त होने के बाद बेटा-बहू प्रशांत को लेकर बारामासी चले गए थे। बताया गया कि बुधवार सुबह उमाकांत स्कूल चले गए। इसी दौरान भांजा शिवपूजन घर पहुंचा तो चेतना को कमरे के फर्श पर अचेत पड़ा देखा। चेतना को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद उनके परिवार में कोहराम मच गया।
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गौरीगंज के शिवदीन टिकरिया गांव निवासी कृष्ण कुमार पांडेय ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की करंट लगाकर हत्या की गई है। उन्होंने बताया कि 10 वर्ष पूर्व चेतना का विवाह उमाकांत शुक्ल से हुआ था। शादी के बाद से पति के अलावा देवर रविकांत शुक्ल व जटाशंकर शुक्ल और ससुर अरविंद शुक्ल उनकी बेटी को प्रताड़ित कर रहे थे। कई बार सामाजिक स्तर पर समझौता भी हुआ, मगर हालात नहीं बदले। आरोप है कि बुधवार सुबह चेतना की हत्या कर दी गई। उन्हें सुबह करीब नौ बजे फोन पर सूचना दी गई कि चेतना की तबीयत खराब है। जिला अस्पताल पहुंचने पर बेटी की मौत की जानकारी मिली। मायके पक्ष ने बिना प्राथमिकी दर्ज किए पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। अमेठी कोतवाली में पति, ससुर और दोनों देवर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके बाद शव पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। इंस्पेक्टर रवि कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। नामजद आरोपियाें को हिरासत में लिया गया है।
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मासूम की पुकार से नम हुई आंखें
मां की मौत के बाद छोटा बेटा प्रशांत बार-बार उन्हें पुकारता रहा। यह दृश्य देख अस्पताल में मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। पिता कृष्ण कुमार पांडेय गहरे सदमे में नजर आए। ग्रामीण व रिश्तेदार परिवार को ढांढस बंधाते रहे।
अस्पताल में जमकर हुई कहासुनी
जिला अस्पताल में चेतना की मौत के बाद मायके और ससुराल पक्ष के बीच जमकर कहासुनी हुई। सीओ गौरीगंज अखिलेश वर्मा ने मायके पक्ष को लोगों को समझाकर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद परिजन अमेठी कोतवाली पहुंचे और तहरीर सौंपी। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम शव मायके पक्ष को सौंप दिया गया।
देर रात बारामासी लौटी थी महिला
अरविंद शुक्ल के अनुसार, उनका बेटा उमाकांत शुक्ल, बहू चेतना और पोता प्रशांत बारामासी स्थित मकान में रहते थे। पैतृक गांव में धार्मिक आयोजन चल रहा था, इसलिए परिवार के सदस्य तीन दिन से गांव आ-जा रहे थे। मंगलवार को भंडारा समाप्त होने के बाद बेटा-बहू प्रशांत को लेकर बारामासी चले गए थे। बताया गया कि बुधवार सुबह उमाकांत स्कूल चले गए। इसी दौरान भांजा शिवपूजन घर पहुंचा तो चेतना को कमरे के फर्श पर अचेत पड़ा देखा। चेतना को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद उनके परिवार में कोहराम मच गया।
