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Amethi News: सांसारिक बंधनों से मुक्ति दिलाती है भागवत कथा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 08 Mar 2026 12:06 AM IST
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.संग्रामपुर के टीकरमाफी बाजार में भागवत कथा सुनते श्रद्धालु।स्रोत-आयोजक
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अमेठी सिटी। भागवत कथा सांसारिक बंधनों से मुक्ति दिलाती है, साथ ही जीवन का कल्याण करती है। ये बातें संग्रामपुर के टीकरमाफी बाजार में भागवत कथा के दूसरे दिन अयोध्या से पधारे प्रवाचक स्वामी राघवेंद्राचार्य ने कहीं।
प्रवाचक ने श्रीमद्भागवत महापुराण के महात्म्य, परीक्षित उपाख्यान और शुकदेव जी के आगमन का वर्णन किया। भक्ति, ज्ञान और वैराग्य पर जोर देते हुए बताया कि कृष्ण कथा जीवन का कल्याण करती है। बताया कि राजा परीक्षित ने कलयुग के प्रभाव में आकर शमीक ऋषि के गले में मृत सांप डाल दिया, जिसके बाद ऋषि के पुत्र ने उन्हें सात दिन में मरने का श्राप दे दिया। इसके बाद राजा परीक्षित ने अपना राज्य छोड़ दिया और गंगा किनारे जाकर प्रायश्चित करने लगे, जहां शुकदेवजी ने भागवत कथा सुनाकर उन्हें मुक्ति दिलाई।
प्रवाचक ने कहा कि भागवत कथा श्रवण मात्र से ही पापों से मुक्ति मिलती है और यह ईश्वर प्राप्ति का सबसे सुलभ साधन है। इस मौके पर मुख्य यजमान चंपा सिंह, लाल प्रताप सिंह, गायत्री सिंह, रवींद्र प्रताप सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह, संजय सिंह, जगन्नाथ पांडेय, शिवदर्शन ओझा, रवींद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने श्रीमद्भागवत महापुराण के महात्म्य, परीक्षित उपाख्यान और शुकदेव जी के आगमन का वर्णन किया। भक्ति, ज्ञान और वैराग्य पर जोर देते हुए बताया कि कृष्ण कथा जीवन का कल्याण करती है। बताया कि राजा परीक्षित ने कलयुग के प्रभाव में आकर शमीक ऋषि के गले में मृत सांप डाल दिया, जिसके बाद ऋषि के पुत्र ने उन्हें सात दिन में मरने का श्राप दे दिया। इसके बाद राजा परीक्षित ने अपना राज्य छोड़ दिया और गंगा किनारे जाकर प्रायश्चित करने लगे, जहां शुकदेवजी ने भागवत कथा सुनाकर उन्हें मुक्ति दिलाई।
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प्रवाचक ने कहा कि भागवत कथा श्रवण मात्र से ही पापों से मुक्ति मिलती है और यह ईश्वर प्राप्ति का सबसे सुलभ साधन है। इस मौके पर मुख्य यजमान चंपा सिंह, लाल प्रताप सिंह, गायत्री सिंह, रवींद्र प्रताप सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह, संजय सिंह, जगन्नाथ पांडेय, शिवदर्शन ओझा, रवींद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
