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Amroha News: ऑस्ट्रेलिया में नौकरी का झांसा देकर 4.13 लाख की ठगी, प्राथमिकी दर्ज
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अमरोहा। ऑस्ट्रेलिया में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 4.13 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। मामले में कोर्ट के आदेश पर तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों पर फर्जी वीजा और नियुक्ति पत्र देने का आरोप है।
ग्राम गोसपुर मिलक उर्फ चक पायंती निवासी शहबाज आलम का आरोप है कि वह और उसके दो दोस्त बेरोजगार थे। इसी दौरान सरकड़ी अजीज निवासी राजकुमार और अंकित ने उनकी मुलाकात नसीम नामक व्यक्ति से कराई और ऑस्ट्रेलिया में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। आरोप है कि तीनों ने पहले फाइल चार्ज के नाम पर 50 हजार रुपये लिए और बाद में वीजा, मेडिकल, प्रोसेसिंग व अन्य खर्चों के नाम पर किस्तों में कुल 4.13 लाख रुपये वसूल लिए।
आरोप है कि आरोपियों ने ऑस्ट्रेलिया की एक कंपनी के नाम से नियुक्तिपत्र, एंप्लॉयमेंट एग्रीमेंट और वीजा संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराए। बाद में उन्हें चंडीगढ़ स्थित वीजा केंद्र भेजा गया, जहां अधिकारियों ने दस्तावेज फर्जी बताए।
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इसके बाद आरोपियों से संपर्क करने पर वे टालमटोल करने लगे। रकम वापस मांगने पर एक चेक दिया गया, जो बैंक में बाउंस हो गया। शहबाज का कहना है कि डिडौली थाने और पुलिस अधीक्षक को शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने अदालत की शरण ली। सीओ सिटी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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ग्राम गोसपुर मिलक उर्फ चक पायंती निवासी शहबाज आलम का आरोप है कि वह और उसके दो दोस्त बेरोजगार थे। इसी दौरान सरकड़ी अजीज निवासी राजकुमार और अंकित ने उनकी मुलाकात नसीम नामक व्यक्ति से कराई और ऑस्ट्रेलिया में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। आरोप है कि तीनों ने पहले फाइल चार्ज के नाम पर 50 हजार रुपये लिए और बाद में वीजा, मेडिकल, प्रोसेसिंग व अन्य खर्चों के नाम पर किस्तों में कुल 4.13 लाख रुपये वसूल लिए।
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आरोप है कि आरोपियों ने ऑस्ट्रेलिया की एक कंपनी के नाम से नियुक्तिपत्र, एंप्लॉयमेंट एग्रीमेंट और वीजा संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराए। बाद में उन्हें चंडीगढ़ स्थित वीजा केंद्र भेजा गया, जहां अधिकारियों ने दस्तावेज फर्जी बताए।
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इसके बाद आरोपियों से संपर्क करने पर वे टालमटोल करने लगे। रकम वापस मांगने पर एक चेक दिया गया, जो बैंक में बाउंस हो गया। शहबाज का कहना है कि डिडौली थाने और पुलिस अधीक्षक को शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने अदालत की शरण ली। सीओ सिटी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।