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Amroha News: हाईकोर्ट के निर्देश से शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच पर टिकी निगाहें
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अमरोहा। कक्षा एक से आठ तक के विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के शैक्षिक और नियुक्ति संबंधी प्रमाणपत्रों की जांच के इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश से अमरोहा के बेसिक शिक्षा विभाग में हलचल बढ़ गई है। जिले में एसटीएफ और विभागीय जांच में अब तक करीब दस शिक्षक फर्जी प्रमाणपत्रों से नौकरी पाते पकड़े जा चुके हैं।
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, करीब पांच साल पहले अदलपुर के प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक हर प्रसाद का मामला सामने आया था। एसटीएफ की जांच में पता चला कि वह एक ही डिग्री के आधार पर शिक्षक के साथ संभल में लेखपाल के पद पर भी कार्यरत थे। वह करीब 17 साल से लेखपाल की नौकरी कर रहे थे। सेवा समाप्त होने के बाद तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी मुकेश कुमार ने नौगावां सादात थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बीते साल डिडौली क्षेत्र के सिबौरा स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक रियाजुल पर भी फर्जी डिग्री से नौकरी पाने का मामला सामने आया। उनकी सेवा समाप्त कर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। वर्ष 2016 में भी जिले में चार फर्जी शिक्षक पकड़े गए थे। जिले के 1254 परिषदीय विद्यालयों में करीब चार हजार शिक्षक तैनात हैं।
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प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए सभी शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच होनी चाहिए। किसी शिक्षक को इसमें दिक्कत नहीं होनी चाहिए। जिला समन्वयक प्रशांत कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलते ही जांच शुरू कराई जाएगी।
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शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, करीब पांच साल पहले अदलपुर के प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक हर प्रसाद का मामला सामने आया था। एसटीएफ की जांच में पता चला कि वह एक ही डिग्री के आधार पर शिक्षक के साथ संभल में लेखपाल के पद पर भी कार्यरत थे। वह करीब 17 साल से लेखपाल की नौकरी कर रहे थे। सेवा समाप्त होने के बाद तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी मुकेश कुमार ने नौगावां सादात थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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बीते साल डिडौली क्षेत्र के सिबौरा स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक रियाजुल पर भी फर्जी डिग्री से नौकरी पाने का मामला सामने आया। उनकी सेवा समाप्त कर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। वर्ष 2016 में भी जिले में चार फर्जी शिक्षक पकड़े गए थे। जिले के 1254 परिषदीय विद्यालयों में करीब चार हजार शिक्षक तैनात हैं।
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प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए सभी शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच होनी चाहिए। किसी शिक्षक को इसमें दिक्कत नहीं होनी चाहिए। जिला समन्वयक प्रशांत कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलते ही जांच शुरू कराई जाएगी।