{"_id":"6a4ebb0cd661d796830c5668","slug":"all-leases-granted-in-amroha-district-over-the-past-13-years-will-be-investigated-dm-jpnagar-news-c-15-1-mbd1049-943094-2026-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमरोहा जिले में 13 साल में हुए सभी पट्टों की होगी जांच : डीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमरोहा जिले में 13 साल में हुए सभी पट्टों की होगी जांच : डीएम
Thu, 09 Jul 2026 02:33 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 09 Jul 2026 02:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरोहा। हसनपुर और मंडी धनौरा तहसीलों के क्षेत्र में पट्टों की आड़ में बड़ा भूमि घोटाला अमर उजाला की सुर्खियां बनने के बाद डीएम डॉ. नितिन गौड़ ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। उनका कहना है कि साल 1987 से 2000 के बीच (13 साल) में हुए सभी पट्टों की बारीकी से जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
डीएम के मुताबिक जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। समिति सभी अभिलेखों का परीक्षण करने के साथ मौके पर जाकर आवश्यक सत्यापन भी करेगी। जांच में अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि की सुरक्षा और राजस्व अभिलेखों की शुचिता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसलिए जांच पूरी निष्पक्षता के साथ कराई जाएगी और जांच में उजागर होने वाली अनियमितताओं के आधार पर संबंधितों पर कार्रवाई के लिए विधिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि नियमों को दरकिनार करके हसनपुर तहसील के चार गांवों (आदमपुर, रहरा, दढ़ियाल और गंगेश्वरी) में सार्वजनिक उपयोग की श्रेणी वाली करीब 2880 बीघा सरकारी जमीन के नियम विरुद्ध पट्टा आवंटन के मामले में संवाद न्यूज एजेंसी की खबर को सबसे पहले अमर उजाला ने प्रकाशित किया था। इसमें चरागाह, झील-नदी समेत सार्वजनिक उपयोग की करीब 2880 बीघा सरकारी जमीन श्रेणी बदलकर पट्टा आवंटन से खुर्दबुर्द की गई थी। करीब 500 पट्टों से संबंधित इस भूमि की कीमत जमीन के जानकारों ने आज के बाजार भाव के हिसाब से 1.44 अरब रुपये आंकी है। इसके बाद मंडी धनौरा तहसील क्षेत्र में सैंक्चुरी (अभ्यारण्य) के लिए आरक्षित 4900 बीघा जमीन 800 पट्टों के जरिये खुर्दबुर्द करने की बात सामने आई। इन इलाकों में जमीनों के इस वक्त के बाजार भाव के हिसाब से कीमत एक अरब बताई गई है।
विज्ञापन
00
आदमपुर और रहरा के पट्टों के मामले में सुनवाई कल
- अमरोहा के एडीएम न्यायिक कोर्ट में चल रही है सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
अमरोहा। चरागाह, झील, तालाब (कुंडा) और नदी की सरकारी भूमि की श्रेणी बदलकर किए गए पट्टों के आदमपुर और रहरा गांवों के प्रकरण पर सुनवाई तेज हो गई है। बुधवार को एडीएम न्यायिक की अदालत में दोनों गांवों से जुड़े मामलों की सुनवाई हुई। अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी।
जिले में सरकारी भूमि का बंदरबांट करते हुए वर्ष 1987 से 2000 के बीच हसनपुर तहसील के गंगेश्वरी, दढ़ियाल, रहरा और आदमपुर गांवों में करीब 2880 बीघा सरकारी भूमि की श्रेणी बदलकर पट्टे आवंटित किए गए थे। इनमें गंगेश्वरी में लगभग 1100 बीघा, दढ़ियाल में 80 बीघा, रहरा में 1200 बीघा तथा आदमपुर में करीब 500 बीघा भूमि शामिल है। नियम विरुद्ध तरीके से जमीनों की श्रेणी बदलकर की गई पट्टों की मनमानी सामने आने पर एडीएम न्यायिक कोर्ट ने गंगेश्वरी और दढ़ियाल गांवों के 225 पट्टे निरस्त कर दिए हैं। अन्य मामलों की सुनवाई जारी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) राजेश कुमार राणा ने बताया कि बुधवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। कुछ पट्टाधारकों द्वारा समय मांगे जाने के बाद न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को तय की है।
विज्ञापन
डीएम के मुताबिक जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। समिति सभी अभिलेखों का परीक्षण करने के साथ मौके पर जाकर आवश्यक सत्यापन भी करेगी। जांच में अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि की सुरक्षा और राजस्व अभिलेखों की शुचिता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसलिए जांच पूरी निष्पक्षता के साथ कराई जाएगी और जांच में उजागर होने वाली अनियमितताओं के आधार पर संबंधितों पर कार्रवाई के लिए विधिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि नियमों को दरकिनार करके हसनपुर तहसील के चार गांवों (आदमपुर, रहरा, दढ़ियाल और गंगेश्वरी) में सार्वजनिक उपयोग की श्रेणी वाली करीब 2880 बीघा सरकारी जमीन के नियम विरुद्ध पट्टा आवंटन के मामले में संवाद न्यूज एजेंसी की खबर को सबसे पहले अमर उजाला ने प्रकाशित किया था। इसमें चरागाह, झील-नदी समेत सार्वजनिक उपयोग की करीब 2880 बीघा सरकारी जमीन श्रेणी बदलकर पट्टा आवंटन से खुर्दबुर्द की गई थी। करीब 500 पट्टों से संबंधित इस भूमि की कीमत जमीन के जानकारों ने आज के बाजार भाव के हिसाब से 1.44 अरब रुपये आंकी है। इसके बाद मंडी धनौरा तहसील क्षेत्र में सैंक्चुरी (अभ्यारण्य) के लिए आरक्षित 4900 बीघा जमीन 800 पट्टों के जरिये खुर्दबुर्द करने की बात सामने आई। इन इलाकों में जमीनों के इस वक्त के बाजार भाव के हिसाब से कीमत एक अरब बताई गई है।
विज्ञापन
00
आदमपुर और रहरा के पट्टों के मामले में सुनवाई कल
- अमरोहा के एडीएम न्यायिक कोर्ट में चल रही है सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
अमरोहा। चरागाह, झील, तालाब (कुंडा) और नदी की सरकारी भूमि की श्रेणी बदलकर किए गए पट्टों के आदमपुर और रहरा गांवों के प्रकरण पर सुनवाई तेज हो गई है। बुधवार को एडीएम न्यायिक की अदालत में दोनों गांवों से जुड़े मामलों की सुनवाई हुई। अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी।
जिले में सरकारी भूमि का बंदरबांट करते हुए वर्ष 1987 से 2000 के बीच हसनपुर तहसील के गंगेश्वरी, दढ़ियाल, रहरा और आदमपुर गांवों में करीब 2880 बीघा सरकारी भूमि की श्रेणी बदलकर पट्टे आवंटित किए गए थे। इनमें गंगेश्वरी में लगभग 1100 बीघा, दढ़ियाल में 80 बीघा, रहरा में 1200 बीघा तथा आदमपुर में करीब 500 बीघा भूमि शामिल है। नियम विरुद्ध तरीके से जमीनों की श्रेणी बदलकर की गई पट्टों की मनमानी सामने आने पर एडीएम न्यायिक कोर्ट ने गंगेश्वरी और दढ़ियाल गांवों के 225 पट्टे निरस्त कर दिए हैं। अन्य मामलों की सुनवाई जारी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) राजेश कुमार राणा ने बताया कि बुधवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। कुछ पट्टाधारकों द्वारा समय मांगे जाने के बाद न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को तय की है।