{"_id":"6a0cc6bed17877add501a3ad","slug":"bank-officials-and-revenue-staff-accused-of-fraud-and-harassmentbank-officials-and-revenue-staff-accused-of-fraud-and-harassment-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-164058-2026-05-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: बैंक अधिकारियों व राजस्व कर्मियों पर धोखाधड़ी और उत्पीड़न का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: बैंक अधिकारियों व राजस्व कर्मियों पर धोखाधड़ी और उत्पीड़न का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 20 May 2026 01:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नौगावां सादात। खुद को आग लगाकर जान देने की कोशिश करने वाले कर्जदार अशोक के मामले में नया मौड़ आ गया है। अशोक के भाई विपिन ने नौगावां सादात थाने में तहरीर देकर पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों, बैंक के अधिवक्ता तथा राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और परिवार को प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही विपिन ने एक वीडियो वायरल करके पुलिस कार्रवाई नहीं होने के साथ फैसले का दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
विपिन कुमार का आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2019 में अपने मकान पर पंजाब नेशनल बैंक से करीब 15 लाख रुपये का लोन लिया था। लॉकडाउन के दौरान आर्थिक स्थिति बिगड़ने से खाते की किस्तें समय पर जमा नहीं हो सकीं, जिससे खाता एनपीए हो गया। साल 2023 में केंद्र सरकार की ओर से खाते में सब्सिडी की राशि आई थी, जिसके बाद बैंक अधिकारियों ने खाते को एनपीए से बाहर करने के नाम पर रिश्वत की मांग की। बैंक के अधिवक्ता और अन्य लोगों ने झांसा देकर नकद रकम लेने के बावजूद पैसा बैंक में जमा नहीं किया और मकान की नीलामी करा दी। लेकिन, बाद में उन्हें मकान वापस दिलाने का आश्वासन दिया जाता रहा। आरोप लगाया कि 14 मई को बैंक अधिकारी, राजस्व विभाग के कर्मचारी और पुलिस बल मकान पर कब्जा दिलाने पहुंचे। इस दौरान परिवार की महिलाओं और बच्चों के साथ अभद्रता, मारपीट की गई। घर में रखा सामान बाहर फेंक दिया। घटना के बाद उनके भाई अशोक प्रजापति मानसिक रूप से टूट गए और उन्होंने खुद को आग लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास कर लिया। तहरीर में बैंक के अधिवक्ता, उनके मुंशी, नायब तहसीलदार, लेखपाल, चौकी प्रभारी और बैंक अधिकारियों को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। पीड़ित विपिन कुमार ने तहरीर देकर मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और परिवार की संपत्ति वापस दिलाने की मांग की है। सीओ अवधभान भदोरिया ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Trending Videos
विपिन कुमार का आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2019 में अपने मकान पर पंजाब नेशनल बैंक से करीब 15 लाख रुपये का लोन लिया था। लॉकडाउन के दौरान आर्थिक स्थिति बिगड़ने से खाते की किस्तें समय पर जमा नहीं हो सकीं, जिससे खाता एनपीए हो गया। साल 2023 में केंद्र सरकार की ओर से खाते में सब्सिडी की राशि आई थी, जिसके बाद बैंक अधिकारियों ने खाते को एनपीए से बाहर करने के नाम पर रिश्वत की मांग की। बैंक के अधिवक्ता और अन्य लोगों ने झांसा देकर नकद रकम लेने के बावजूद पैसा बैंक में जमा नहीं किया और मकान की नीलामी करा दी। लेकिन, बाद में उन्हें मकान वापस दिलाने का आश्वासन दिया जाता रहा। आरोप लगाया कि 14 मई को बैंक अधिकारी, राजस्व विभाग के कर्मचारी और पुलिस बल मकान पर कब्जा दिलाने पहुंचे। इस दौरान परिवार की महिलाओं और बच्चों के साथ अभद्रता, मारपीट की गई। घर में रखा सामान बाहर फेंक दिया। घटना के बाद उनके भाई अशोक प्रजापति मानसिक रूप से टूट गए और उन्होंने खुद को आग लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास कर लिया। तहरीर में बैंक के अधिवक्ता, उनके मुंशी, नायब तहसीलदार, लेखपाल, चौकी प्रभारी और बैंक अधिकारियों को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। पीड़ित विपिन कुमार ने तहरीर देकर मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और परिवार की संपत्ति वापस दिलाने की मांग की है। सीओ अवधभान भदोरिया ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन