फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   No coaches, no facilities... where are the players supposed to go to learn?

Amroha News: कोच न सुविधाएं...खिलाड़ी सीखने कहां जाएं

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2026 01:37 AM IST
विज्ञापन
No coaches, no facilities... where are the players supposed to go to learn?
अमरोहा। जिले की खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करीब चार वर्ष पहले 10.69 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया मालीखेड़ा स्पोर्ट्स स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए उपयोगी साबित नहीं हो रहा है। अधिकांश खेलों के प्रशिक्षकों (कोच) की तैनाती न होने से खिलाड़ियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा। लाखों रुपये की लागत से तैयार की गई क्रिकेट पिच भी देखरेख के अभाव में खराब हो चुकी है।
विज्ञापन

मालीखेड़ा गांव के पास 53 बीघा भूमि पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय चेतन चौहान के प्रयासों से स्टेडियम का निर्माण कराया गया था। इसका उद्देश्य जिले के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना था, लेकिन प्रशिक्षकों की कमी के कारण यह लक्ष्य अधूरा है।
विज्ञापन

वर्तमान में स्टेडियम में केवल एथलेटिक्स और कुश्ती के प्रशिक्षक तैनात हैं। जिला क्रीड़ा अधिकारी देशकांत त्यागी स्वयं एथलेटिक्स खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं, जबकि कुश्ती के लिए आंचल की नियुक्ति है। यहां करीब 60 एथलेटिक्स और 45 कुश्ती खिलाड़ी नियमित अभ्यास कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्रिकेट, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, लॉन टेनिस, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल समेत अन्य खेलों के लिए प्रशिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में इन खेलों के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए मुरादाबाद, मेरठ और अन्य जिलों का सहारा लेना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के खिलाड़ियों के लिए यह अतिरिक्त खर्च और समय बड़ी चुनौती बन गया है।
--------------------
लाखों की क्रिकेट पिच भी हुई खराब
स्टेडियम में लाखों रुपये खर्च कर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रिकेट पिच तैयार की गई थी, लेकिन नियमित उपयोग और रखरखाव के अभाव में इसकी स्थिति खराब हो गई है। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि समय रहते क्रिकेट कोच की नियुक्ति होती और नियमित अभ्यास चलता तो पिच का बेहतर उपयोग होता। वर्तमान में पिच की हालत खराब होने से स्थानीय क्रिकेट खिलाड़ियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
---------------------
दिसंबर तक तैयार होगा स्विमिंग पूल
स्टेडियम में लगभग 1.25 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्वीमिंग पूल (तरणताल) का निर्माण कराया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इसका निर्माण दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि, खिलाड़ियों का कहना है कि यदि तैराकी का प्रशिक्षक समय पर नियुक्त नहीं किया गया तो नई सुविधा भी अन्य व्यवस्थाओं की तरह सीमित उपयोग तक ही सिमट जाएगी।
----------------------
बहुउद्देश्यीय हॉल तैयार, लेकिन संचालन की चुनौती
स्टेडियम में 7.76 करोड़ रुपये की लागत से बहुउद्देश्यीय इंडोर हॉल का निर्माण पूरा हो चुका है। इस हॉल में बैडमिंटन, टेबल टेनिस, बास्केटबॉल, हैंडबॉल, कबड्डी, जूडो, कुश्ती और अन्य इंडोर खेलों की प्रतियोगिताएं और प्रशिक्षण कराए जाने की व्यवस्था है। फोल्डिंग कोर्ट की सुविधा भी विकसित की गई है, लेकिन प्रशिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण इन सुविधाओं का पूरा लाभ खिलाड़ियों को नहीं मिल पा रहा।
-----------------------
खेल आयोजन के लिए भी दूसरे मैदानों पर निर्भर विभाग
स्थिति यह है कि जिला खेल विभाग को कई बार प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन के लिए निजी या अन्य संस्थानों के मैदानों का सहारा लेना पड़ता है। जबकि मालीखेड़ा स्टेडियम का निर्माण ही इस उद्देश्य से किया गया था कि जिले के खिलाड़ियों को एक ही परिसर में सभी प्रमुख खेलों की सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

----------------------
जिले में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न खेलों के प्रशिक्षकों की नियुक्ति के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे कोचों की नियुक्ति होगी, खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा और स्टेडियम की सभी सुविधाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
-देशकांत त्यागी, जिला क्रीड़ा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed