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Amroha News: कल से आधार सत्यापन के बाद हो सकेगी संपत्तियों की रजिस्ट्री
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अमरोहा। संपत्तियों के बैनामे में फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने को अब रजिस्ट्री के दौरान आधार सत्यापन किया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। सभी सब रजिस्ट्रार दफ्तरों में एक फरवरी से यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। रजिस्ट्री के दौरान खरीदार, विक्रेता के साथ गवाहों के आधार नंबर का मौके पर सत्यापन होगा। इस व्यवस्था से फर्जी आधार, फर्जी गवाह और बेनामी संपत्तियों की रजिस्ट्री पर प्रभावी तरह से रोक लग सकेगी।
एआईजी स्टांप अनूप कुमार सिन्हा ने बताया कि नई व्यवस्था को अमल में लाने के लिए पोर्टल को यूआईडीएआई के सर्वर से जोड़ दिया गया है। अब कोई भी व्यक्ति किसी भी उपनिबंधक कार्यालय में जाएगा तो वहां पर पक्षकार बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाएंगे। इससे दिल्ली स्थित केंद्रीय सर्वर से उनकी पहचान सत्यापित हो जाएगी। पहचान सही होने पर ही साफ्टवेयर से रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सत्यापन के दौरान सही पहचान नहीं होने पर तत्काल पुलिस को सूचित कर कार्रवाई की जाएगी। बताया कि अब तक केवल आधार की फोटोकॉपी से काम चल जाता था, जिससे धोखाधड़ी की आशंका बनी रहती थी, लेकिन अब बैनामे से पूर्व ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान आधार में लगे मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगी। ओटीपी फीड करने के बाद ही बैनामे के लिए ऑनलाइन कापी विभाग के पोर्टल पर आएगी।
एक फरवरी से सभी बैनामे आधार सत्यापन के बाद ही हो सकेंगे। रजिस्ट्री कार्यालयों में एक फरवरी से क्रेता-विक्रेता और गवाहों का आधार सत्यापन आरडी (रजिस्टर्ड डिवाइस) थंब के जरिये किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह सुरक्षित बायोमीट्रिक स्कैनर है, जो आधार मानकों का पालन करते हुए बायोमीट्रिक पहचान को सत्यापित करता है। इस पर अंगूठा लगाते ही पूरा विवरण आ जाएगा। पहचान प्रमाणित होने पर ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।
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एआईजी स्टांप अनूप कुमार सिन्हा ने बताया कि नई व्यवस्था को अमल में लाने के लिए पोर्टल को यूआईडीएआई के सर्वर से जोड़ दिया गया है। अब कोई भी व्यक्ति किसी भी उपनिबंधक कार्यालय में जाएगा तो वहां पर पक्षकार बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाएंगे। इससे दिल्ली स्थित केंद्रीय सर्वर से उनकी पहचान सत्यापित हो जाएगी। पहचान सही होने पर ही साफ्टवेयर से रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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सत्यापन के दौरान सही पहचान नहीं होने पर तत्काल पुलिस को सूचित कर कार्रवाई की जाएगी। बताया कि अब तक केवल आधार की फोटोकॉपी से काम चल जाता था, जिससे धोखाधड़ी की आशंका बनी रहती थी, लेकिन अब बैनामे से पूर्व ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान आधार में लगे मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगी। ओटीपी फीड करने के बाद ही बैनामे के लिए ऑनलाइन कापी विभाग के पोर्टल पर आएगी।
एक फरवरी से सभी बैनामे आधार सत्यापन के बाद ही हो सकेंगे। रजिस्ट्री कार्यालयों में एक फरवरी से क्रेता-विक्रेता और गवाहों का आधार सत्यापन आरडी (रजिस्टर्ड डिवाइस) थंब के जरिये किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह सुरक्षित बायोमीट्रिक स्कैनर है, जो आधार मानकों का पालन करते हुए बायोमीट्रिक पहचान को सत्यापित करता है। इस पर अंगूठा लगाते ही पूरा विवरण आ जाएगा। पहचान प्रमाणित होने पर ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।
