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Amroha News: सड़क हादसे के पीड़ितों को अब 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज
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अमरोहा। सड़क हादसों में घायल लोगों को अब इलाज के लिए पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। सरकार ने कैशलेस ट्रीटमेंट ऑफ रोड एक्सीडेंट विक्टिम्स (सीटीआरएवी) स्कीम-2025 लागू कर दी है, जिसके तहत घायलों को अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा, भले ही उनके पास आयुष्मान कार्ड न हो।
13 मार्च से शुरू हुई इस योजना के तहत जिले में आयुष्मान से जुड़े 23 निजी अस्पतालों में भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। शासन द्वारा हाईवे और स्टेट हाईवे किनारे स्थित अस्पतालों को चिन्हित किया जा रहा है, ताकि हादसे के तुरंत बाद घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया जा सके।
सीएमओ डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में गोल्डन आवर के दौरान तत्काल इलाज सुनिश्चित करना है, जिससे मृत्यु दर को कम किया जा सके। अब तक घायलों के इलाज में आर्थिक बाधाएं बड़ी समस्या थीं, लेकिन इस योजना से उन्हें राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि पहले सरकारी अस्पतालों में ही यह सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन अब निजी अस्पतालों को भी इसमें शामिल किया गया है।
इससे हाईवे पर होने वाले हादसों में घायलों को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराना आसान होगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी अस्पतालों के साथ अनुबंध की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इस योजना के लागू होने से अब घायलों को पैसे के अभाव में इलाज से वंचित नहीं रहना पड़ेगा और समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
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सात दिनों तक का मिलेगा कवर
दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक का इलाज कवर होगा। घायल को अस्पताल में भर्ती कराने पर कोई एडवांस या नकद भुगतान नहीं करना होगा। इलाज के बाद अस्पताल को सरकार से सीधे भुगतान मिलेगा। योजना सभी प्रकार की सड़क दुर्घटनाओं (राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग या अन्य सड़कों) पर लागू है। कोई अलग कार्ड या दस्तावेज बनाने की जरूरत नहीं है। पुलिस रिपोर्ट और ई-डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट के आधार पर प्रक्रिया पूरी होगी।
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13 मार्च से शुरू हुई इस योजना के तहत जिले में आयुष्मान से जुड़े 23 निजी अस्पतालों में भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। शासन द्वारा हाईवे और स्टेट हाईवे किनारे स्थित अस्पतालों को चिन्हित किया जा रहा है, ताकि हादसे के तुरंत बाद घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया जा सके।
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सीएमओ डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में गोल्डन आवर के दौरान तत्काल इलाज सुनिश्चित करना है, जिससे मृत्यु दर को कम किया जा सके। अब तक घायलों के इलाज में आर्थिक बाधाएं बड़ी समस्या थीं, लेकिन इस योजना से उन्हें राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि पहले सरकारी अस्पतालों में ही यह सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन अब निजी अस्पतालों को भी इसमें शामिल किया गया है।
इससे हाईवे पर होने वाले हादसों में घायलों को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराना आसान होगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी अस्पतालों के साथ अनुबंध की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इस योजना के लागू होने से अब घायलों को पैसे के अभाव में इलाज से वंचित नहीं रहना पड़ेगा और समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
सात दिनों तक का मिलेगा कवर
दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक का इलाज कवर होगा। घायल को अस्पताल में भर्ती कराने पर कोई एडवांस या नकद भुगतान नहीं करना होगा। इलाज के बाद अस्पताल को सरकार से सीधे भुगतान मिलेगा। योजना सभी प्रकार की सड़क दुर्घटनाओं (राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग या अन्य सड़कों) पर लागू है। कोई अलग कार्ड या दस्तावेज बनाने की जरूरत नहीं है। पुलिस रिपोर्ट और ई-डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट के आधार पर प्रक्रिया पूरी होगी।