{"_id":"6963f5b0cf6c14f3d70d0847","slug":"the-masons-family-was-shocked-by-the-rs-15-crore-notice-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-155336-2026-01-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: 15 करोड़ रुपये के नोटिस से सहमा राजमिस्त्री का परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: 15 करोड़ रुपये के नोटिस से सहमा राजमिस्त्री का परिवार
विज्ञापन
विज्ञापन
अमरोहा। तिगरी में बोगस फर्म के मामले 15 करोड़ का नोटिस मिलने के बाद राजमिस्त्री का परिवार सहमा हुआ है। हालांकि, उसकी माली हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसे फंसाया गया है। वसूली का नोटिस मिलने के बाद अब उसे प्रशासन से न्याय व कार्रवाई की आस है।
डीएम निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि गजरौला के तिगरी गांव में राजमिस्त्री अतेंद्र का परिवार रहता है। राजमिस्त्री की पत्नी और चार बच्चे हैं। राजमिस्त्री के अनुसार बड़ा बेटा सचिन कुमार गांव के निजी स्कूल में शिक्षक है। उनका घर फूस व छप्पर से बना है। कुछ लोगों ने कहीं से सचिन का आधार और पैन कार्ड चोरी किया। उसके बाद जून 2025 में सचिन ट्रेडर्स के नाम से फर्म खोल दी।
इस फर्म का जीएसटी नंबर 09जेबीएफपीके7670के1जेडडब्ल्यू है। यही नहीं पंजीकरण में दो मोबाइल नंबर भी दर्ज कराए। इसके बाद फर्जी बिलिंग के माध्यम से दिसंबर 2025 तक 80 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया गया। बड़े कारोबार की जांच राज्य कर विभाग ने शुरू की।
इसके बाद राज्यकर विभाग की टीम सचिन के घर पहुंची तो उन्होंने देखा कि वह फूस के छप्पर वाले घर में रह रहे हैं। टीम ने उन्हें नोटिस दिया। जोकि 15 करोड़ का था। नोटिस मिलते ही परिवार के होश उड़ गए। यह मामला बीती 29 दिसंबर 2025 का है।
नोटिस मिलने के बाद मामले में सचिन का परिवार डीएम से मिला और बताया कि उनके परिवार को घर चलाने के लिए मजदूरी करनी पड़ती है। ऐसे में 80 करोड़ रुपये का कारोबार होना असंभव है।
सचिन ने विभागीय टीम को भी अपनी सच्चाई बताई। इस पर डीएम ने राज्यकर विभाग को मामले की जांच करने का आदेश दिया है। डीएम निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि मामले में जांच के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, पीड़ित परिवार को जीएसटी के अधिकारियों ने बुलाया है।
Trending Videos
डीएम निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि गजरौला के तिगरी गांव में राजमिस्त्री अतेंद्र का परिवार रहता है। राजमिस्त्री की पत्नी और चार बच्चे हैं। राजमिस्त्री के अनुसार बड़ा बेटा सचिन कुमार गांव के निजी स्कूल में शिक्षक है। उनका घर फूस व छप्पर से बना है। कुछ लोगों ने कहीं से सचिन का आधार और पैन कार्ड चोरी किया। उसके बाद जून 2025 में सचिन ट्रेडर्स के नाम से फर्म खोल दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस फर्म का जीएसटी नंबर 09जेबीएफपीके7670के1जेडडब्ल्यू है। यही नहीं पंजीकरण में दो मोबाइल नंबर भी दर्ज कराए। इसके बाद फर्जी बिलिंग के माध्यम से दिसंबर 2025 तक 80 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया गया। बड़े कारोबार की जांच राज्य कर विभाग ने शुरू की।
इसके बाद राज्यकर विभाग की टीम सचिन के घर पहुंची तो उन्होंने देखा कि वह फूस के छप्पर वाले घर में रह रहे हैं। टीम ने उन्हें नोटिस दिया। जोकि 15 करोड़ का था। नोटिस मिलते ही परिवार के होश उड़ गए। यह मामला बीती 29 दिसंबर 2025 का है।
नोटिस मिलने के बाद मामले में सचिन का परिवार डीएम से मिला और बताया कि उनके परिवार को घर चलाने के लिए मजदूरी करनी पड़ती है। ऐसे में 80 करोड़ रुपये का कारोबार होना असंभव है।
सचिन ने विभागीय टीम को भी अपनी सच्चाई बताई। इस पर डीएम ने राज्यकर विभाग को मामले की जांच करने का आदेश दिया है। डीएम निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि मामले में जांच के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, पीड़ित परिवार को जीएसटी के अधिकारियों ने बुलाया है।