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Amroha News: मजरे बदहाल... आंखें मूंद कर बैठे जिम्मेदार
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अमरोहा। जनपद में ग्राम पंचायत के साथ ही इनके मजरों की हालात बेहद खराब है। इनमें रहने वाले लोगों के लिए सुविधाएं तो कोसों दूर हैं, लेकिन समस्याएं बड़े करीब हैं। हर दिन समस्याएं झेल रहे लोग अब आजिज आ गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय वादे तो किए जाते हैं लेकिन चुनाव निपटने के बाद कोई सुनवाई नहीं होती। कीचड़ और गंदगी से गुजरना मजबूरी है। सड़कों की बुरी स्थिति है। सफाई करने के लिए कर्मचारी भी नहीं आते। ग्रामीण जिम्मेदार अफसरों के पास जाकर पीड़ा की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल रहा। ग्रामीण अफसरों के दफ्तरों के चक्कर काटकर थक गए हैं। प्रशासनिक अधिकारी आंख मूंद कर बैठे हैं।
मंगलवार को जोया ब्लाक के नसीरपुर और शाहपुर मजरों की स्थिति बेहद खराब मिली। सड़कों पर कीचड़ और गहरे गड्ढे अधिकारियों की उदासीनता की गवाही दे रहे हैं।
लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं हो पाई है। सालों बाद भी ओवरहेड टैंक का निर्माण नहीं हो सका। सड़कों पर गंदगी और किनारे पर लगे कूड़े के ढेर बदहाली को बता रहे हैं। जलजीवन मिशन के तहत गांव में पाइपलाइन बिछाने के लिए तोड़ी गई सड़कों को ऐसे ही छोड़ दिया गया है। सड़कों को ठीक करने की जहमत तक नहीं उठाई गई। मंडी धनौरा के चकवासीपुर और हसनुपर ब्लॉक के मजरा निचली सोहत के ग्रामीण भी जिम्मेदारों की व्यवस्था को कोसते नजर आए।
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ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय वादे तो किए जाते हैं लेकिन चुनाव निपटने के बाद कोई सुनवाई नहीं होती। कीचड़ और गंदगी से गुजरना मजबूरी है। सड़कों की बुरी स्थिति है। सफाई करने के लिए कर्मचारी भी नहीं आते। ग्रामीण जिम्मेदार अफसरों के पास जाकर पीड़ा की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल रहा। ग्रामीण अफसरों के दफ्तरों के चक्कर काटकर थक गए हैं। प्रशासनिक अधिकारी आंख मूंद कर बैठे हैं।
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मंगलवार को जोया ब्लाक के नसीरपुर और शाहपुर मजरों की स्थिति बेहद खराब मिली। सड़कों पर कीचड़ और गहरे गड्ढे अधिकारियों की उदासीनता की गवाही दे रहे हैं।
लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं हो पाई है। सालों बाद भी ओवरहेड टैंक का निर्माण नहीं हो सका। सड़कों पर गंदगी और किनारे पर लगे कूड़े के ढेर बदहाली को बता रहे हैं। जलजीवन मिशन के तहत गांव में पाइपलाइन बिछाने के लिए तोड़ी गई सड़कों को ऐसे ही छोड़ दिया गया है। सड़कों को ठीक करने की जहमत तक नहीं उठाई गई। मंडी धनौरा के चकवासीपुर और हसनुपर ब्लॉक के मजरा निचली सोहत के ग्रामीण भी जिम्मेदारों की व्यवस्था को कोसते नजर आए।