सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   250 bighas of land usurped through a fraudulent entry will be recorded in the name of the Gram Sabha.

Auraiya News: फर्जी प्रविष्टि के सहारे हथियाई 250 बीघा जमीन ग्राम सभा में होगी दर्ज

संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Sun, 21 Jun 2026 11:41 PM IST
विज्ञापन
250 bighas of land usurped through a fraudulent entry will be recorded in the name of the Gram Sabha.
विज्ञापन
औरैया। चकबंदी के दौरान बेशकीमती जमीनों पर फर्जी प्रविष्टि के सहारे काबिज हुए मामलों में प्रशासन ने शिकंजा कसना तेज कर दिया है।

एरवाकटरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बीलपुर में वर्ष 1966 में फर्जी प्रविष्टि के सहारे हथियाई गई 250 बीघा जमीन को अब 60 साल बाद ग्राम सभा के नाम दर्ज करने का फैसला सीओ चकबंदी कोर्ट ने सुनाया है। पिछले 56 सालों से इस जमीन पर लोग फर्जीवाड़े के जरिए फसलें उगा रहे थे।
बीलपुर ग्राम पंचायत की 250 बीघा जमीन को लेकर दस्तावेजों में साल 1966 में पट्टा आवंटन की प्रविष्टियां दर्ज कराई गई थी। ग्राम पंचायत में 1960 से 1969 तक चकबंदी चल रही थी। वहीं 1989 में इस फर्जी प्रविष्टि के सहारे सभी 18 लोगों के नाम खतौनी में भी चढ़ा दिए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

राजस्व मानकों के तहत चकबंदी प्रक्रिया के दौरान पट्टा आवंटन संभव ही नहीं था। यही नहीं शिकायत होने पर ग्राम सभा की होने वाली बैठक की प्रक्रिया के भी साक्ष्य जुटाए गए थे लेकिन विभागीय दस्तावेजों में पट्टा आवंटन की पत्रावलियां ही नहीं मिलीं।
विज्ञापन

इस पूरे मामले को लेकर साल 1991 में तत्कालीन ग्राम प्रधान गेंदालाल ने शिकायत की थी। फर्जी प्रविष्टि के सहारे जमीन कब्जाने वाले लोगों की पात्रता पर भी सवाल खड़े किए थे। मामले को लेकर तहसील व जिला स्तर पर अधिकारियों ने जांच में फर्जी प्रविष्टियां पकड़ी थीं लेकिन इस मामले को लेकर जमीन हथियाने वाले लोगों ने राजस्व परिषद समेत अलग-अलग कोर्ट में सालों तक उलझाए रखा।
चकबंदी के दौरान का यह मामला होने पर संबंधित कोर्ट ने चकबंदी न्यायालय को साल 2023 से सुनवाई की जिम्मेदारी सौंप दी थी। कोर्ट में चली आ रही इस सुनवाई के बाद सभी पक्षों को सुना गया। 250 बीघा जमीन पर काबिज हुए लोगों की सरकारी अभिलेखों में दर्ज प्रविष्टियां फर्जी पाई गईं। सीओ चकबंदी कोर्ट ने अब यह जमीन खतौनी में ग्राम सभा के नाम दर्ज करने का आदेश जारी किया है। (संवाद)
--------
एरवाकटरा ब्लॉक के बीलपुर मौजे का एक मामला, जिसमें फर्जी पट्टों की प्रविष्टियों को लेकर मामला चकबंदी न्यायालय दोबामाफी में चल रहा था। इसमें दोनों पक्षों को सुना गया। इसमें उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर फर्जी प्रविष्टियों को निरस्त कर भूमि को ग्रामसभा में सुरक्षित किए जाने का आदेश दिया गया है।-शैलेंद्र भारती, चकबंदी अधिकारी, दोबामाफी
---------
परिवार रजिस्टर के कागजों ने खोल दी फर्जी प्रविष्टि की परतें
औरैया। बिधूना तहसील क्षेत्र के गांव बीलपुर में हुए जमीन के फर्जीवाड़े में तहसील स्तर के अधिकारियों की जांच ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया। वाद दर्ज होने से पहले की गई जांच में चौंकाने वाली बात सामने आई। पट्टा आवंटन की फर्जी प्रविष्टि में तो एक व्यक्ति को जन्म के छह साल पहले ही जमीन पट्टे पर दे दी गई थी। परिवार रजिस्टर के दस्तावेजों ने फर्जी प्रविष्टि की परतें खोल दीं।
साल 1966 के फर्जी पट्टों की पत्रावली के अनुसार गांव बीलपुर निवासी मातादीन के पुत्र रामचंद्र को 2.80 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। वहीं परिवार रजिस्टर के कागजात से पता चला कि रामचंद्र का जन्म 1972 में हुआ था। रामचंद्र के जन्म के छह साल पहले ही फर्जी पट्टों के कागजात में उन्हें आवंटन दे दिया गया था।
वहीं मातादीन के दूसरे पुत्र जागेश्वर दयाल को 2.90 एकड़ पट्टा दर्शाया गया। परिवार रजिस्टर में जागेश्वर दयाल का जन्म 1956 में पाया गया। इस तरह 10 साल की उम्र में ही जागेश्वर दयाल जमीन के मालिक बन गए और खेती करने लगे।
मातादीन के एक अन्य पुत्र मोहर सिंह को 2.66 एकड़ का पट्टा दर्शाया गया है। परिवार रजिस्टर के अनुसार मोहर सिंह का जन्म 1960 में हुआ। इस हिसाब से मोहर सिंह छह साल की उम्र में ही जमीन के हकदार बन गए और किसानी करने लगे। इसी तरह जमीन पर काबिज होने वाले अन्य लोगों में भी खामियां पाईं गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed