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Auraiya News: दूसरे दिन 696 परीक्षक रहे अनुपस्थित, रफ्तार पर असर
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औरैया। यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य दूसरे दिन भी जारी रहा लेकिन बड़ी संख्या में परीक्षकों की अनुपस्थिति से कार्य की गति प्रभावित होती नजर आई। निर्धारित संख्या के मुकाबले कम परीक्षकों की मौजूदगी के चलते मूल्यांकन की रफ्तार अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पा रही है।
अब तक जनपद में कुल 14,318 कॉपियों का मूल्यांकन किया जा चुका है। इसमें हाईस्कूल की 12,569 और इंटरमीडिएट की 7,726 उत्तर पुस्तिकाएं शामिल हैं। वहीं, बृहस्पतिवार को एक दिन में हाईस्कूल की 10,820 और इंटरमीडिएट की 6,550 कॉपियां जांची गईं, जो संतोषजनक तो हैं, लेकिन परीक्षकों की कमी के चलते गति और तेज हो सकती थी। मूल्यांकन कार्य के लिए कुल 1,458 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन इनमें से केवल 762 परीक्षक ही उपस्थित रहे, जबकि 696 परीक्षक अनुपस्थित पाए गए। अनुपस्थित रहने वालों में अधिकांश वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षक बताए जा रहे हैं। इससे मूल्यांकन केंद्रों पर कार्य का दबाव बढ़ गया है और मौजूद परीक्षकों को अतिरिक्त जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है।
जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार मौर्य ने बताया कि स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अनुपस्थित परीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बिना सूचना अनुपस्थित रहने वालों से स्पष्टीकरण लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करना प्राथमिकता है। इसके लिए सभी परीक्षकों को नियमित रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच पूरी कर परिणाम समय से घोषित किया जा सके।
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अब तक जनपद में कुल 14,318 कॉपियों का मूल्यांकन किया जा चुका है। इसमें हाईस्कूल की 12,569 और इंटरमीडिएट की 7,726 उत्तर पुस्तिकाएं शामिल हैं। वहीं, बृहस्पतिवार को एक दिन में हाईस्कूल की 10,820 और इंटरमीडिएट की 6,550 कॉपियां जांची गईं, जो संतोषजनक तो हैं, लेकिन परीक्षकों की कमी के चलते गति और तेज हो सकती थी। मूल्यांकन कार्य के लिए कुल 1,458 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन इनमें से केवल 762 परीक्षक ही उपस्थित रहे, जबकि 696 परीक्षक अनुपस्थित पाए गए। अनुपस्थित रहने वालों में अधिकांश वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षक बताए जा रहे हैं। इससे मूल्यांकन केंद्रों पर कार्य का दबाव बढ़ गया है और मौजूद परीक्षकों को अतिरिक्त जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार मौर्य ने बताया कि स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अनुपस्थित परीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बिना सूचना अनुपस्थित रहने वालों से स्पष्टीकरण लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करना प्राथमिकता है। इसके लिए सभी परीक्षकों को नियमित रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच पूरी कर परिणाम समय से घोषित किया जा सके।