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Auraiya News: पंचायती राज विभाग ने किए बड़े भुगतान, 1.60 करोड़ वेतनमद में सरेंडर
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 01 Apr 2026 12:08 AM IST
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फोटो-27- डीपीआरओ कार्यालय में काम करते अधिकारी व कर्मचारी। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
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औरैया। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिन 31 मार्च को जिला कोषागार में देर रात तक बजट स्थानांतरण और सरेंडर का सिलसिला चलता रहा।
मार्च क्लोजिंग के चलते विभिन्न विभागों में बचे बजट को जहां तेजी से खर्च किया गया वहीं, उपयोग न हो पाने वाली धनराशि को शासन के खाते में वापस भी किया गया। उधर, पंचायती राज विभाग ने बड़े भुगतान किए, 1.60 करोड़ वेतनमद में सरेंडर किए गए।
कोषागार में सुबह से ही हलचल शुरू हो गई थी जो देर रात तक जारी रही। विभागों के वित्तीय अभिलेखों को दुरुस्त करने और अंतिम समय में भुगतान सुनिश्चित करने के लिए अधिकारी अपने-अपने पटल पर जुटे रहे। इस बीच जिले के लिए सबसे अहम फैसलों में शामिल औरैया के शेरगढ़ घाट से ककोर तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए 71.20 करोड़ रुपये की धनराशि कार्यदायी संस्था को स्थानांतरित की गई।
यह परियोजना जिले की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगी। लोक निर्माण विभाग को भी अंतिम समय में कई वित्तीय प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा।
पढ़ीन क्षेत्र में प्रस्तावित पंचायत उत्सव भवन के निर्माण के लिए 1.41 करोड़ रुपये पंचायत निधि में ट्रांसफर किए गए, इससे ग्रामीण क्षेत्र में सामुदायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
वहीं, पंचायती राज विभाग में कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतनमद में लंबित 1.60 करोड़ रुपये की धनराशि को सरेंडर कर शासन के खाते में वापस भेजा गया। इसके अलावा पंचायत भवन निर्माण के लिए 12.50 लाख, अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण के लिए 62 लाख और कार्यालयों के लिए कंप्यूटर, प्रिंटर व अन्य संसाधनों पर 15 लाख रुपये खर्च किए गए।
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मार्च क्लोजिंग के अंतिम दिन सभी प्रमुख भुगतान पूरे कराए गए हैं। पंचायत उत्सव भवन के लिए धनराशि जारी कर दी गई है, जबकि वेतनमद में बची 1.60 करोड़ रुपये की राशि सरेंडर की गई है।
- श्रीकांत यादव, डीपीआरओ
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औरैया-ककोर मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 71.20 करोड़ रुपये स्थानांतरित किए गए हैं। इसके अलावा विभाग से संबंधित अन्य वित्तीय स्वीकृतियां भी जारी की गई हैं।
- अमर सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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मार्च क्लोजिंग के चलते विभिन्न विभागों में बचे बजट को जहां तेजी से खर्च किया गया वहीं, उपयोग न हो पाने वाली धनराशि को शासन के खाते में वापस भी किया गया। उधर, पंचायती राज विभाग ने बड़े भुगतान किए, 1.60 करोड़ वेतनमद में सरेंडर किए गए।
कोषागार में सुबह से ही हलचल शुरू हो गई थी जो देर रात तक जारी रही। विभागों के वित्तीय अभिलेखों को दुरुस्त करने और अंतिम समय में भुगतान सुनिश्चित करने के लिए अधिकारी अपने-अपने पटल पर जुटे रहे। इस बीच जिले के लिए सबसे अहम फैसलों में शामिल औरैया के शेरगढ़ घाट से ककोर तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए 71.20 करोड़ रुपये की धनराशि कार्यदायी संस्था को स्थानांतरित की गई।
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यह परियोजना जिले की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगी। लोक निर्माण विभाग को भी अंतिम समय में कई वित्तीय प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा।
पढ़ीन क्षेत्र में प्रस्तावित पंचायत उत्सव भवन के निर्माण के लिए 1.41 करोड़ रुपये पंचायत निधि में ट्रांसफर किए गए, इससे ग्रामीण क्षेत्र में सामुदायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
वहीं, पंचायती राज विभाग में कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतनमद में लंबित 1.60 करोड़ रुपये की धनराशि को सरेंडर कर शासन के खाते में वापस भेजा गया। इसके अलावा पंचायत भवन निर्माण के लिए 12.50 लाख, अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण के लिए 62 लाख और कार्यालयों के लिए कंप्यूटर, प्रिंटर व अन्य संसाधनों पर 15 लाख रुपये खर्च किए गए।
मार्च क्लोजिंग के अंतिम दिन सभी प्रमुख भुगतान पूरे कराए गए हैं। पंचायत उत्सव भवन के लिए धनराशि जारी कर दी गई है, जबकि वेतनमद में बची 1.60 करोड़ रुपये की राशि सरेंडर की गई है।
- श्रीकांत यादव, डीपीआरओ
औरैया-ककोर मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 71.20 करोड़ रुपये स्थानांतरित किए गए हैं। इसके अलावा विभाग से संबंधित अन्य वित्तीय स्वीकृतियां भी जारी की गई हैं।
- अमर सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी