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Auraiya News: लगातार बारिश के बीच 70 साल पुराना कच्चा मकान ढहा
Fri, 07 Aug 2026 12:25 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 07 Aug 2026 12:25 AM IST
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ढहे पड़े कच्चे मकान का मलवा। संवाद
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सहायल। लगातार हो रही रिमझिम बारिश में गांव झबरा में एक 70 साल पुराना कच्चा मकान ढह गया। कच्चे मकान के पिछले हिस्से में बना कमरा भरभराकर गिरने से पड़ोसियों में दहशत फैल गई। कमरे के अंदर रखा घरेलू सामान मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि घटना के समय कमरे में कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
गांव झबरा निवासी आशीष कुमार मिश्रा पुत्र ओंकार नाथ मिश्रा के मकान की पीछे कमरे की कच्ची मिट्टी की छत और दीवार रात अचानक ढह गई। घटना के संबंध में आशीष कुमार मिश्रा के बड़े भाई पंकज मिश्रा ने बताया कि सोमवार रात से लगातार हो रही रिमझिम बारिश के कारण मकान की पीछे कमरे की दीवार और मिट्टी की पटाई वाली छत लगातार भीगती रही। पानी सोखने से लगभग दो फीट मोटी मिट्टी की छत का वजन काफी बढ़ गया, जिसके कारण मोटी लकड़ियों पर टिकी छत अचानक भरभराकर गिर गई।
छत के साथ ही पीछे कमरे की दीवार भी ढह गई और कमरे में रखा सामान मलबे में दबकर बर्बाद हो गया। पंकज मिश्रा ने बताया कि यह मकान उनके नाना ने बनवाया था लंबे समय से खड़ा यह कच्चा मकान लगातार बारिश के चलते कमजोर हो गया था। उन्होंने बताया कि उनके छोटे भाई आशीष कुमार रोजगार के सिलसिले में गुरुग्राम में रहते हैं। समय-समय पर गांव आते रहते हैं। लेखपाल को भी मामले से अवगत करा दिया है।
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गांव झबरा निवासी आशीष कुमार मिश्रा पुत्र ओंकार नाथ मिश्रा के मकान की पीछे कमरे की कच्ची मिट्टी की छत और दीवार रात अचानक ढह गई। घटना के संबंध में आशीष कुमार मिश्रा के बड़े भाई पंकज मिश्रा ने बताया कि सोमवार रात से लगातार हो रही रिमझिम बारिश के कारण मकान की पीछे कमरे की दीवार और मिट्टी की पटाई वाली छत लगातार भीगती रही। पानी सोखने से लगभग दो फीट मोटी मिट्टी की छत का वजन काफी बढ़ गया, जिसके कारण मोटी लकड़ियों पर टिकी छत अचानक भरभराकर गिर गई।
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छत के साथ ही पीछे कमरे की दीवार भी ढह गई और कमरे में रखा सामान मलबे में दबकर बर्बाद हो गया। पंकज मिश्रा ने बताया कि यह मकान उनके नाना ने बनवाया था लंबे समय से खड़ा यह कच्चा मकान लगातार बारिश के चलते कमजोर हो गया था। उन्होंने बताया कि उनके छोटे भाई आशीष कुमार रोजगार के सिलसिले में गुरुग्राम में रहते हैं। समय-समय पर गांव आते रहते हैं। लेखपाल को भी मामले से अवगत करा दिया है।
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