{"_id":"69cac468f3750872780df944","slug":"all-services-will-be-available-in-the-new-building-of-the-medical-college-auraiya-news-c-211-1-aur1006-142180-2026-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में मिलेंगी सभी सेवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में मिलेंगी सभी सेवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 31 Mar 2026 12:13 AM IST
विज्ञापन
फोटो-12- मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग। संवाद
विज्ञापन
औरैया। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी बढ़ती जा रही है। ऐसे में अलग-अलग बिल्डिंगों में दी जा रहीं सुविधाओं को अब नई बिल्डिंग में ही दिया जाएगा।
इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तैयारी शुरू कर ली है। अब मरीजों को ओपीडी के बाद जांच व वार्ड के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। नई बिल्डिंग में ही सभी सुविधाएं मिलेंगी।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी तीन हजार के पार पहुंच चुकी है। यही नहीं, 420 बेड के इस अस्पताल में रोजाना 300 से ज्यादा मरीज भर्ती रहते हैं। स्टाफ की कमी और व्यवस्थाओं की शिफ्टिंग न होने के चलते अभी तक वार्ड व जच्चा-बच्चा विभाग का संचालन पुरानी बिल्डिंग में किया जा रहा है। इसके अलावा एक्सरे, अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन की सुविधा भी पुरानी बिल्डिंग में मिल रही है।
ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के बाद मरीजों को इन जांचों के लिए पुरानी बिल्डिंग की खाक छाननी पड़ती है। जर्जर सड़क के बीच से मरीजों का स्ट्रेचर व व्हीलचेयर पर आवागमन दिक्कतों से भरा रहता है।
अब नई बिल्डिंग के पास ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार है। ऐसे में अब नई बिल्डिंग में इसका कनेक्शन किया जा रहा है। इसके बाद पुरानी बिल्डिंगों में दी जाने वाली सुविधाओं को अब नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाएगा। अप्रैल के अंत तक यह काम पूरा भी कर लिया जाएगा।
संबंधित विभागों को भी इसे लेकर सचेत किया गया है। हालांकि पुरानी बिल्डिंग में फिलहाल दवाइयों के स्टोर का संचालन किया जाएगा। वहां दवाओं से लेकर स्वास्थ्य संबंधी उपकरण रखे जाएंगे।
-- -- -- -- -- -
महिला अस्पताल की बिल्डिंग का मेंटेनेंस भी होगा
मेडिकल कॉलेज के कैंपस में महिला अस्पताल की बिल्डिंग में वार्ड और जच्चा-बच्चा विभाग का संचालन किया जा रहा है। यहां पर ऑपरेशन भी होते हैं लेकिन यहां की सीवरेज लाइन चोक होने की वजह से छतों से गंदा पानी टपकता रहता है। इस समस्या को दूर करने के लिए बिल्डिंग में मेंटेनेंस का काम होना है। शासन से जारी दो करोड़ के बजट से होने जा रहे इस काम से पहले इस बिल्डिंग की स्वास्थ्य सेवाओं को नई बिल्डिंग में शिफ्ट करना पड़ेगा। इसे देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने शिफ्टिंग की तैयारी बना ली है।
-- -- -- -
इधर-उधर भटकने से मिलेगा छुटकारा
नई बिल्डिंग की ओपीडी में आने वाले मरीजों को पहले डॉक्टरों को दिखाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद डॉक्टरी परामर्श पर एक्सरे, अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन के लिए मरीजों को पुरानी बिल्डिंग में जाना होता है। जहां भीड़ के बीच फिर से मरीजों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। जहां जांच रिपोर्ट लेने के बाद वापस ओपीडी में पहुंचने तक दो बजे से ज्यादा का समय हो जाता है। डॉक्टर न मिलने की स्थिति में ज्यादातर मरीजों को अगले दिन फिर से डॉक्टर को दिखाने के लिए आना पड़ता है। यह सिलसिला लगातार जारी है।
-- -- -
मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में वार्ड से लेकर अन्य सभी स्वास्थ्य सेवाएं देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। ऑक्सीजन प्लांट का कनेक्शन कराया जा रहा है। जल्द ही पुरानी बिल्डिंगों में चल रही सेवाओं को नई बिल्डिंग में शिफ्ट कराया जाएगा।
-डॉ. पवन कुमार शर्मा, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज
Trending Videos
इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तैयारी शुरू कर ली है। अब मरीजों को ओपीडी के बाद जांच व वार्ड के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। नई बिल्डिंग में ही सभी सुविधाएं मिलेंगी।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी तीन हजार के पार पहुंच चुकी है। यही नहीं, 420 बेड के इस अस्पताल में रोजाना 300 से ज्यादा मरीज भर्ती रहते हैं। स्टाफ की कमी और व्यवस्थाओं की शिफ्टिंग न होने के चलते अभी तक वार्ड व जच्चा-बच्चा विभाग का संचालन पुरानी बिल्डिंग में किया जा रहा है। इसके अलावा एक्सरे, अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन की सुविधा भी पुरानी बिल्डिंग में मिल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के बाद मरीजों को इन जांचों के लिए पुरानी बिल्डिंग की खाक छाननी पड़ती है। जर्जर सड़क के बीच से मरीजों का स्ट्रेचर व व्हीलचेयर पर आवागमन दिक्कतों से भरा रहता है।
अब नई बिल्डिंग के पास ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार है। ऐसे में अब नई बिल्डिंग में इसका कनेक्शन किया जा रहा है। इसके बाद पुरानी बिल्डिंगों में दी जाने वाली सुविधाओं को अब नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाएगा। अप्रैल के अंत तक यह काम पूरा भी कर लिया जाएगा।
संबंधित विभागों को भी इसे लेकर सचेत किया गया है। हालांकि पुरानी बिल्डिंग में फिलहाल दवाइयों के स्टोर का संचालन किया जाएगा। वहां दवाओं से लेकर स्वास्थ्य संबंधी उपकरण रखे जाएंगे।
महिला अस्पताल की बिल्डिंग का मेंटेनेंस भी होगा
मेडिकल कॉलेज के कैंपस में महिला अस्पताल की बिल्डिंग में वार्ड और जच्चा-बच्चा विभाग का संचालन किया जा रहा है। यहां पर ऑपरेशन भी होते हैं लेकिन यहां की सीवरेज लाइन चोक होने की वजह से छतों से गंदा पानी टपकता रहता है। इस समस्या को दूर करने के लिए बिल्डिंग में मेंटेनेंस का काम होना है। शासन से जारी दो करोड़ के बजट से होने जा रहे इस काम से पहले इस बिल्डिंग की स्वास्थ्य सेवाओं को नई बिल्डिंग में शिफ्ट करना पड़ेगा। इसे देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने शिफ्टिंग की तैयारी बना ली है।
इधर-उधर भटकने से मिलेगा छुटकारा
नई बिल्डिंग की ओपीडी में आने वाले मरीजों को पहले डॉक्टरों को दिखाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद डॉक्टरी परामर्श पर एक्सरे, अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन के लिए मरीजों को पुरानी बिल्डिंग में जाना होता है। जहां भीड़ के बीच फिर से मरीजों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। जहां जांच रिपोर्ट लेने के बाद वापस ओपीडी में पहुंचने तक दो बजे से ज्यादा का समय हो जाता है। डॉक्टर न मिलने की स्थिति में ज्यादातर मरीजों को अगले दिन फिर से डॉक्टर को दिखाने के लिए आना पड़ता है। यह सिलसिला लगातार जारी है।
मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में वार्ड से लेकर अन्य सभी स्वास्थ्य सेवाएं देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। ऑक्सीजन प्लांट का कनेक्शन कराया जा रहा है। जल्द ही पुरानी बिल्डिंगों में चल रही सेवाओं को नई बिल्डिंग में शिफ्ट कराया जाएगा।
-डॉ. पवन कुमार शर्मा, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज

फोटो-12- मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग। संवाद