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Auraiya News: किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा
Sat, 15 Aug 2026 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 15 Aug 2026 12:10 AM IST
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औरैया। विशेष पॉक्सो कोर्ट ने किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी अनुज कुमार को दोषी करार दिया है। थाना बेला क्षेत्र के सात साल पुराने मामले में कोर्ट ने पीड़िता की गवाही के आधार पर आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष अनुसार, 16 सितंबर 2019 को किशोरी दोपहर अपने खेत पर पिता को खाना देने जा रही थी। तभी रास्ते में इटावा के ऊसराहार निवासी आरोपी अनुज कुमार ने उसे अपनी बातों में फंसाया और गाड़ी से अगवा कर लिया। आरोपी किशोरी पहले बिधूना और बाद में इटावा ले गया, जहां उसे एक कमरे में बंधक बनाकर कई दिनों तक उसके साथ दुष्कर्म किया। सुनवाई के दौरान प्रधानाध्यापक ने कोर्ट में स्कूल के अभिलेख प्रस्तुत किए, जिनमें पीड़िता की जन्मतिथि दो अगस्त 2004 दर्ज थी।
घटना के समय पीड़िता की उम्र महज 15 वर्ष थी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वह नाबालिग थी। शुक्रवार को मामले की अंतिम सुनवाई की गई। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को बताया कि दोषी ने किशोरी का नहाते समय का एक वीडियो बनाकर दिखाया और उसे वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया। कोर्ट ने पीड़िता के बयानों और साक्ष्य के तौर पर स्वीकार करते हुए बचाव पक्ष के तर्कों को खारिज कर दिया।
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दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट में जमा कराई गई अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया। बाद में दोषी को इटावा जेल भेज दिया गया।
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दंपती को पीटने व लूट के मामले में प्राथमिकी के आदेश
औरैया। बुजुर्ग दंपती को पीटने, बंधक बनाने और लूट के मामले में कोर्ट ने बिधूना कोतवाली पुलिस को दो दिन में प्राथमिकी दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए हैं। बिधूना कोतवाली क्षेत्र में जून में वारदात को अंजाम दिया गया था। मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) कोतवाली पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
मथुरा में सराफा कारोबार करने वाले पीड़ित प्रमोद कुमार (69) का आरोप है कि जून में जब वह पत्नी के साथ बिधूना स्थित पैतृक मकान पहुंचे, तो उनके सगे भाई राजीव कुमार, बबली, सुमित और ऋषभ ने ताला तोड़कर अवैध कब्जा कर लिया था। विरोध करने पर आरोपियों ने तमंचा व लोहे की रॉड दिखाकर दोनों को बंधक बना लिया और मारपीट करते हुए सोने के चेन व झुमकी लूट ली।
पीड़ित का कहना है कि राजनीतिक प्रभाव के कारण कोतवाली पुलिस ने सुनवाई नहीं की, जिसके बाद उन्हें अदालत में आना पड़ा। कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट और साक्ष्यों को देखने के बाद पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
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अभियोजन पक्ष अनुसार, 16 सितंबर 2019 को किशोरी दोपहर अपने खेत पर पिता को खाना देने जा रही थी। तभी रास्ते में इटावा के ऊसराहार निवासी आरोपी अनुज कुमार ने उसे अपनी बातों में फंसाया और गाड़ी से अगवा कर लिया। आरोपी किशोरी पहले बिधूना और बाद में इटावा ले गया, जहां उसे एक कमरे में बंधक बनाकर कई दिनों तक उसके साथ दुष्कर्म किया। सुनवाई के दौरान प्रधानाध्यापक ने कोर्ट में स्कूल के अभिलेख प्रस्तुत किए, जिनमें पीड़िता की जन्मतिथि दो अगस्त 2004 दर्ज थी।
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घटना के समय पीड़िता की उम्र महज 15 वर्ष थी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वह नाबालिग थी। शुक्रवार को मामले की अंतिम सुनवाई की गई। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को बताया कि दोषी ने किशोरी का नहाते समय का एक वीडियो बनाकर दिखाया और उसे वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया। कोर्ट ने पीड़िता के बयानों और साक्ष्य के तौर पर स्वीकार करते हुए बचाव पक्ष के तर्कों को खारिज कर दिया।
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दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट में जमा कराई गई अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया। बाद में दोषी को इटावा जेल भेज दिया गया।
दंपती को पीटने व लूट के मामले में प्राथमिकी के आदेश
औरैया। बुजुर्ग दंपती को पीटने, बंधक बनाने और लूट के मामले में कोर्ट ने बिधूना कोतवाली पुलिस को दो दिन में प्राथमिकी दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए हैं। बिधूना कोतवाली क्षेत्र में जून में वारदात को अंजाम दिया गया था। मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) कोतवाली पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
मथुरा में सराफा कारोबार करने वाले पीड़ित प्रमोद कुमार (69) का आरोप है कि जून में जब वह पत्नी के साथ बिधूना स्थित पैतृक मकान पहुंचे, तो उनके सगे भाई राजीव कुमार, बबली, सुमित और ऋषभ ने ताला तोड़कर अवैध कब्जा कर लिया था। विरोध करने पर आरोपियों ने तमंचा व लोहे की रॉड दिखाकर दोनों को बंधक बना लिया और मारपीट करते हुए सोने के चेन व झुमकी लूट ली।
पीड़ित का कहना है कि राजनीतिक प्रभाव के कारण कोतवाली पुलिस ने सुनवाई नहीं की, जिसके बाद उन्हें अदालत में आना पड़ा। कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट और साक्ष्यों को देखने के बाद पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।