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Auraiya News: 24 घंटे में दो मीटर बढ़ा यमुना का जलस्तर, ग्रामीणों को सता रही बाढ़ की चिंता
Sat, 15 Aug 2026 12:16 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 15 Aug 2026 12:16 AM IST
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सिकरोड़ी गांव समीप यमुना नदी का बढ़ता दायरा। संवाद
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अजीतमल। तहसील क्षेत्र से होकर गुजरी यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बीते 24 घंटे में नदी का जलस्तर दो मीटर बढ़ गया है। इससे नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों में बाढ़ को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पिछले दो दिनों से यमुना के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। बृहस्पतिवार को जलस्तर 104.250 मीटर था, जो शुक्रवार को बढ़कर 106.92 मीटर पहुंच गया। यमुना का चेतावनी बिंदु 112 मीटर और खतरे का निशान 113 मीटर निर्धारित है। वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से करीब 6.08 मीटर नीचे है। सिकरोड़ी गांव में यमुना का पानी अंत्येष्टि स्थल के करीब आ गया है।
जलस्तर में लगातार वृद्धि से यमुना कट के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। यमुना किनारे बसे करीब 10 गांव बाढ़ की स्थिति में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। गोहानी कला संपर्क मार्ग पर पानी पहुंचने से गांव का संपर्क प्रभावित हो जाता है। गांवों में पानी आने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पलायन करना पड़ता है।
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इसे देखते हुए तहसील प्रशासन ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। इसी क्रम में एसडीएम निखिल राजपूत ने सिकरोड़ी गांव के तीनों हिस्सों का निरीक्षण किया। उन्होंने उन स्थानों का जायजा लिया जहां से बाढ़ का पानी गांव में प्रवेश करता है और अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए।
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वर्जन-- -
अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है। यमुना का बहाव सामान्य है। हालांकि जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए यमुना किनारे बसे गांवों में लेखपालों को लगातार निगरानी रखने और ग्रामीणों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
-निखिल राजपूत, एसडीएम, अजीतमल
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सिंचाई विभाग ने जारी की एडवाइजरी
औरैया। राजस्थान के कोटा बैराज से चंबल नदी में पानी छोड़े जाने के बाद यमुना नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए सिंचाई विभाग ने सार्वजनिक सूचना जारी की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सामान्य परिस्थितियों में औरैया जनपद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की श्रेणी में नहीं आता लेकिन यमुना के किनारे बसे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार ने बताया कि तहसील औरैया एवं अजीतमल के यमुना किनारे बसे निचले क्षेत्रों के ग्रामीणों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। इससे निपटने के लिए जिला मुख्यालय पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नागरिक बाढ़ नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 05683-299588 व 05683-249660 पर संपर्क कर सकते हैं।
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पिछले दो दिनों से यमुना के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। बृहस्पतिवार को जलस्तर 104.250 मीटर था, जो शुक्रवार को बढ़कर 106.92 मीटर पहुंच गया। यमुना का चेतावनी बिंदु 112 मीटर और खतरे का निशान 113 मीटर निर्धारित है। वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से करीब 6.08 मीटर नीचे है। सिकरोड़ी गांव में यमुना का पानी अंत्येष्टि स्थल के करीब आ गया है।
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जलस्तर में लगातार वृद्धि से यमुना कट के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। यमुना किनारे बसे करीब 10 गांव बाढ़ की स्थिति में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। गोहानी कला संपर्क मार्ग पर पानी पहुंचने से गांव का संपर्क प्रभावित हो जाता है। गांवों में पानी आने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पलायन करना पड़ता है।
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इसे देखते हुए तहसील प्रशासन ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। इसी क्रम में एसडीएम निखिल राजपूत ने सिकरोड़ी गांव के तीनों हिस्सों का निरीक्षण किया। उन्होंने उन स्थानों का जायजा लिया जहां से बाढ़ का पानी गांव में प्रवेश करता है और अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए।
वर्जन
अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है। यमुना का बहाव सामान्य है। हालांकि जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए यमुना किनारे बसे गांवों में लेखपालों को लगातार निगरानी रखने और ग्रामीणों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
-निखिल राजपूत, एसडीएम, अजीतमल
सिंचाई विभाग ने जारी की एडवाइजरी
औरैया। राजस्थान के कोटा बैराज से चंबल नदी में पानी छोड़े जाने के बाद यमुना नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए सिंचाई विभाग ने सार्वजनिक सूचना जारी की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सामान्य परिस्थितियों में औरैया जनपद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की श्रेणी में नहीं आता लेकिन यमुना के किनारे बसे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार ने बताया कि तहसील औरैया एवं अजीतमल के यमुना किनारे बसे निचले क्षेत्रों के ग्रामीणों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। इससे निपटने के लिए जिला मुख्यालय पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नागरिक बाढ़ नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 05683-299588 व 05683-249660 पर संपर्क कर सकते हैं।