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Auraiya News: किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा
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अदालत से...
-कोर्ट ने 35 हजार रुपये का लगाया जुर्माना-विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) ने सुनाया फैसला
-धमकी देने के आरोपी को धमकी देने के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो ने किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म के आरोपी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोषी को को 10 वर्ष की सजा और 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा अन्य दो आरोपियों को धमकी देने के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
सदर कोतवाली में वादी ने आठ अगस्त 2017 को तहरीर दी थी। आरोप था कि 26 जुलाई 2017 की शाम करीब साढ़े सात बजे उनकी लगभग 14 वर्षीय बेटी शौच के लिए गांव के किनारे गई थी। उसी दौरान अभियुक्त मटरू उर्फ राहुल और देवा उर्फ कौआ उसे अपने साथ ले गए। परिवार और गवाहों के रोकने का प्रयास करने पर भी वे नहीं माने। खोजबीन करने और विरोध करने पर अन्य आरोपियों ने गाली-गलौज और धमकी दी गई थी।
पुलिस को सात जनवरी 2020 को पीड़िता अभियुक्त मटरू के कब्जे से नोएडा में मिली। बरामदगी के समय पीड़िता की गोद में एक छोटी बच्ची भी थी। हालांकि पीड़िता ने अपने बयानों में मटरू के साथ अपनी मर्जी से जाने और मंदिर में शादी करने की बात कही थी, लेकिन पॉक्सो के तहत नाबालिग की सहमति का कोई वैधानिक आधार नहीं माना गया। बुधवार को इस मामले की सुनवाई की गई।
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न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया। कोर्ट ने पॉक्सो के मामले में 10 साल की सजा और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं, किशोरी को ले जाने के मामले में पांच हजार रुपये का जुर्माना गलाया। अर्थदंड न जमा करने पर दोषी को एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। कोर्ट ने कहा की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी व जेल में बिताई गई अवधि को कुल सजा में समायोजित किया जाएगा। अर्थदंड के रूप में जमा होने वाली कुल धनराशि में से 50 प्रतिशत राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में सह-आरोपी सुनील और भूरे दोषमुक्त कर दिया।
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-कोर्ट ने 35 हजार रुपये का लगाया जुर्माना-विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) ने सुनाया फैसला
-धमकी देने के आरोपी को धमकी देने के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो ने किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म के आरोपी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोषी को को 10 वर्ष की सजा और 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा अन्य दो आरोपियों को धमकी देने के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
सदर कोतवाली में वादी ने आठ अगस्त 2017 को तहरीर दी थी। आरोप था कि 26 जुलाई 2017 की शाम करीब साढ़े सात बजे उनकी लगभग 14 वर्षीय बेटी शौच के लिए गांव के किनारे गई थी। उसी दौरान अभियुक्त मटरू उर्फ राहुल और देवा उर्फ कौआ उसे अपने साथ ले गए। परिवार और गवाहों के रोकने का प्रयास करने पर भी वे नहीं माने। खोजबीन करने और विरोध करने पर अन्य आरोपियों ने गाली-गलौज और धमकी दी गई थी।
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पुलिस को सात जनवरी 2020 को पीड़िता अभियुक्त मटरू के कब्जे से नोएडा में मिली। बरामदगी के समय पीड़िता की गोद में एक छोटी बच्ची भी थी। हालांकि पीड़िता ने अपने बयानों में मटरू के साथ अपनी मर्जी से जाने और मंदिर में शादी करने की बात कही थी, लेकिन पॉक्सो के तहत नाबालिग की सहमति का कोई वैधानिक आधार नहीं माना गया। बुधवार को इस मामले की सुनवाई की गई।
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न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया। कोर्ट ने पॉक्सो के मामले में 10 साल की सजा और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं, किशोरी को ले जाने के मामले में पांच हजार रुपये का जुर्माना गलाया। अर्थदंड न जमा करने पर दोषी को एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। कोर्ट ने कहा की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी व जेल में बिताई गई अवधि को कुल सजा में समायोजित किया जाएगा। अर्थदंड के रूप में जमा होने वाली कुल धनराशि में से 50 प्रतिशत राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में सह-आरोपी सुनील और भूरे दोषमुक्त कर दिया।