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Auraiya News: हत्याकांड में दो मिली जमानत
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औरैया। बिधूना कोतवाली क्षेत्र के वीपी सिंह हत्याकांड मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने दो आरोपियों कुंजबिहारी और राजकिशोर उर्फ कल्लू का जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया है। सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनीं। आरोपियों को एक-एक लाख रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि के दो जमानती प्रस्तुत करने पर जिला कारागार से रिहा किया जाएगा।
कोतवाली के गांव कल्यानपुर जागू निवासी अतर सिंह ने 11 मई 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अतर सिंह ने बताया कि उनका बेटा वीपी सिंह 10 मई की शाम को कूड़ा डालने खेत पर गया था, फिर वापस नहीं आया। काफी खोजबीन के बाद 11 मई को उसका शव गांव के बाहर एक कुएं में मिला था। शुरुआत में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
विवेचना के दौरान कुंजबिहारी और राजकिशोर उर्फ कल्लू के नाम सामने आए। बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान आरोपियों के अधिवक्ताओं ने उन्हें झूठा फंसाए जाने का तर्क दिया। उन्होंने कहा कि गांव की चुनावी रंजिश के कारण उन्हें इस मामले में घसीटा गया है। बचाव पक्ष ने बताया कि आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वे 17 मई 2026 से जिला कारागार में निरुद्ध हैं। शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया था। सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान ने दलीलें सुनने के बाद जमानत मंजूर कर ली।
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कोतवाली के गांव कल्यानपुर जागू निवासी अतर सिंह ने 11 मई 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अतर सिंह ने बताया कि उनका बेटा वीपी सिंह 10 मई की शाम को कूड़ा डालने खेत पर गया था, फिर वापस नहीं आया। काफी खोजबीन के बाद 11 मई को उसका शव गांव के बाहर एक कुएं में मिला था। शुरुआत में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
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विवेचना के दौरान कुंजबिहारी और राजकिशोर उर्फ कल्लू के नाम सामने आए। बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान आरोपियों के अधिवक्ताओं ने उन्हें झूठा फंसाए जाने का तर्क दिया। उन्होंने कहा कि गांव की चुनावी रंजिश के कारण उन्हें इस मामले में घसीटा गया है। बचाव पक्ष ने बताया कि आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वे 17 मई 2026 से जिला कारागार में निरुद्ध हैं। शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया था। सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान ने दलीलें सुनने के बाद जमानत मंजूर कर ली।
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