{"_id":"69c42d1fa58002198e046124","slug":"two-sentenced-to-seven-years-in-jail-in-a-27-year-old-fake-currency-case-auraiya-news-c-12-1-jhs1001-1467803-2026-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: 27 साल पुराने जाली नोट मामले में दो को सात साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: 27 साल पुराने जाली नोट मामले में दो को सात साल की कैद
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 26 Mar 2026 12:14 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
औरैया। शहर के सदर कोतवाली क्षेत्र में करीब 27 साल पहले 26 जाली नोटों के साथ पकड़े गए हरिका प्रसाद व सुघर सिंह को बुधवार को सजा सुनाई गई।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम अतीक उद्दीन की अदालत ने दोनों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर उन्हें छह माह की अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
15 अक्तूबर 1999 को सदर कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मंडी समिति के सामने दीपू शुक्ला की दुकान पर तीन व्यक्ति जाली नोट चलाकर सामान खरीद रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को रंगे हाथ दबोच लिया। तलाशी में उनके पास से 100 रुपये के 26 जाली नोट बरामद हुए थे।
पुलिस ने गिरफ्तार किए आरोपियों में प्रयागराज स्थित थाना घूरपुर के गांव बादल गंज निवासी हरिका प्रसाद मिश्र, इटावा स्थित थाना भरथना के गांव मल्हौसी निवासी हरिओम दुबे और इसी गांव के रहने वाले सुघर सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया। कोर्ट में करीब 27 साल तक चली सुनवाई के दौरान आरोपी हरिओम दुबे की मौत हो गई थी। बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश अतीक उद्दीन ने शेष दो आरोपियों हरिका प्रसाद मिश्र और सुघर सिंह को दोषी करार दिया।
अभियोजन पक्ष ने इस अपराध को देश की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर बताया और कठोर सजा की मांग की। वहीं बचाव पक्ष ने आरोपियों को गरीब और मजदूर बताते हुए दया की अपील की थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों दोषियों को पुलिस ने जिला कारागार इटावा भेज दिया।
Trending Videos
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम अतीक उद्दीन की अदालत ने दोनों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर उन्हें छह माह की अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
15 अक्तूबर 1999 को सदर कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मंडी समिति के सामने दीपू शुक्ला की दुकान पर तीन व्यक्ति जाली नोट चलाकर सामान खरीद रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को रंगे हाथ दबोच लिया। तलाशी में उनके पास से 100 रुपये के 26 जाली नोट बरामद हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस ने गिरफ्तार किए आरोपियों में प्रयागराज स्थित थाना घूरपुर के गांव बादल गंज निवासी हरिका प्रसाद मिश्र, इटावा स्थित थाना भरथना के गांव मल्हौसी निवासी हरिओम दुबे और इसी गांव के रहने वाले सुघर सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया। कोर्ट में करीब 27 साल तक चली सुनवाई के दौरान आरोपी हरिओम दुबे की मौत हो गई थी। बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश अतीक उद्दीन ने शेष दो आरोपियों हरिका प्रसाद मिश्र और सुघर सिंह को दोषी करार दिया।
अभियोजन पक्ष ने इस अपराध को देश की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर बताया और कठोर सजा की मांग की। वहीं बचाव पक्ष ने आरोपियों को गरीब और मजदूर बताते हुए दया की अपील की थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों दोषियों को पुलिस ने जिला कारागार इटावा भेज दिया।