Auraiya Ground Report: औरैया में शिक्षा, स्वास्थ्य व विकास के क्या-क्या हुए काम, जानिए इस रिपोर्ट में
सरकारी योजनाओं का औरैया में क्या प्रभाव है। अमर उजाला ने औरैया में जाकर सरकारी योजनाओं के आम जनजीवन पर पड़े प्रभाव और विकास के दावों की असल तस्वीर को समझने का प्रयास किया।
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आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट तेज हो गई है, और इस चुनावी बिगुल से पहले ही राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कसनी शुरू कर दी है। इस परिप्रेक्ष्य में, अमर उजाला की टीम जमीनी हकीकत को टटोलने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर रही है। इस बार हमारी टीम औरैया जिले में सरकारी योजनाओं के आम जनजीवन पर पड़े प्रभाव और विकास के दावों की असल तस्वीर को समझने का प्रयास किया गया। इस पड़ताल में लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए हुए कामों के साथ-साथ नगरीय विकास, शिक्षा व्यवस्था में आए परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित किया गया।
16 एकड़ पर तैयार हो रहा वंडर पार्क
औरैया में बना रहा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वेस्ट टू वंडर पार्क का निर्माण कराया जा रहा है। यहां हमारी बात प्रोजेक्ट मैनेजर साकिब खान से हुई। यहां करीब पांच महीनों से काम हो रहा है। यहां एफिल टावर बन रहा है, स्टैचू ऑफ लिबर्टी बन रहा है। गौरिया टेंपल बन रहा है और अन्य स्टैचू बन रहे हैं। यहां इस समय पर तकरीबन 42 लड़के काम कर रहे हैं। सब लोग बाहर से आए, यहां सबको रोजगार मिला है। सब लोग अच्छा काम कर रहे हैं। काम का अगला महीना आखिरी है।
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शिक्षा व्यवस्था में क्या आया परिवर्तन?
पूर्व माध्यमिक विद्यालय पुर्वा फकीरे की प्रिंसिपल सुनीता कटियार ने बताया कि मैं इस स्कूल में 2013 से कार्यरत हूं। मौजूदा समय इंचार्ज प्रिंसिपल के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही हूं। 2013 में जब मैंने इस स्कूल को ज्वाइन किया था, तब उस समय बच्चों की संख्या 57 थी और उसके बाद कुछ वर्षों के बाद मेरे स्कूल की संख्या दोगुनी हो गई। सरकार ने बच्चों के लिए मतलब इतना किया उसकी जितनी तारीफ करूं उतना कम है। क्योंकि मुझे याद है पहले मेंटेनेंस के लिए केवल 6500 और 5000 मिलते थे। आज सरकार ने दिल खोल के हर एक छोटी से छोटी चीज पर खर्चा किया है। लाइब्रेरी पर खर्च किया है। खेल-कूद का सामान का अलग से पैसा दिया है। अगर उस फंड का सही सदुपयोग करें तो ये स्कूल सरकारी स्कूल, प्राइवेट स्कूल से 100 गुना ज्यादा तरक्की करें।
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स्वास्थ्य सेवाओं में कितना आया बदलाव?
मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश वीर सिंह ने बताया कि इस मेडिकल कॉलेज में एक तो छात्रों के लिए छात्रावास की सुविधा है। छात्रों के लिए लेक्चर थिएटर हैं। उनके लिए एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री लैब, मॉड्यूलर लैब उनके लिए तैयार की गई है। स्किल लैब तैयार की गई है। लाइब्रेरी की सुविधा मौजूद है। यहां पर मेडिकल कॉलेज में उनके लिए कैंटीन है, मल्टीपर्पज हॉल है।
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