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Auraiya News: सेहुद के रहस्यमयी धौरा नाग मंदिर, आज तक नहीं पड़ पाई छत

Tue, 18 Aug 2026 12:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Tue, 18 Aug 2026 12:09 AM IST
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Sehud's mysterious Dhaura Nag Temple: A roof could never be built.
फोटो -18- मंदिर में रखी खंडित मूर्तियों की पूजा करते लोग। संवाद - फोटो : एथले​क्टिस प्रतियोगिता में दमखम दिखाते ​खिलाड़ी। स्रोत: संस्था
दिबियापुर। जिले के भाग्यनगर विकासखंड की ग्राम पंचायत सेहुद में नाग देवता का एक अनोखा मंदिर स्थित है। यह धौरा नाग मंदिर कई रहस्यों को समेटे है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इस पर आज तक कोई छत नहीं डलवा पाया है। मान्यता है कि जिसने भी छत डालने की कोशिश की, उसे बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा या उसकी मौत हो गई।
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यह मंदिर काफी प्राचीन बताया जाता है। ग्रामीण बताते हैं कि मंदिर में सदियों पुरानी मूर्तियां पड़ी हैं। ये मूर्तियां 11वीं सदी में मोहम्मद गजनवी के आक्रमण के समय मंदिरों की तोड़फोड़ के सच को बयां करती हैं। नाग पंचमी पर हर साल यहां मेला लगता है और आसपास के जनपदों से श्रद्धालु विशेष पूजा-अर्चना करने आते हैं। मेले में दंगल का भी आयोजन होता है।
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लोगों की मान्यता है कि साक्षात धौरा नाग देवता मंदिर परिसर में दर्शन देते रहते हैं। गांव के एक इंजीनियर ने छत डलवाने की कोशिश की थी, जिसके बाद उनके घर में दो लोगों की आकस्मिक मौत हो गई। रामलखन गुप्ता के अनुसार, यह नाग मंदिर बहुत प्राचीन है और दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना करने आते हैं।
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मंदिर के आसपास से पत्थर भी नहीं ले जा सकते
इस मंदिर से कोई भी सामान बाहर नहीं ले जा सकता है। ग्रामीण बताते हैं कि अगर कोई बाहरी व्यक्ति मंदिर या उसके आसपास से कोई पत्थर ले भी जाता है, तो उसे सांप ही सांप दिखाई देते हैं। इसके बाद उसे वह पत्थर वापस रखना पड़ता है। कन्नौज के राजा जयचंद की पत्नी सुरंग के रास्ते से मंदिर में पूजा-अर्चना करने आती थी। गांव में स्थित मिट्टी के टीलों पर भगवान शिव की प्रतिमाएं भी निकलती रहती हैं। मंदिर से जुड़े इन रहस्यों की पुष्टि आज तक नहीं हो पाई है।

नाग पंचमी पर होती साफ सफाई
नाग पंचमी के दिन ही मंदिर में साफ-सफाई होती है। अन्य दिनों में अगर कोई सफाई करने आता है, तो उसे एक सफेद रंग का बड़ा सांप दिखाई देता है। वह सांप उन्हें मंदिर की सफाई नहीं करने देता। ग्रामीणों के अनुसार, राजा परीक्षित को तक्षक सांप ने डसा था। उनके बेटे जनमेजय ने संपूर्ण सांप जाति के खात्मे के लिए यज्ञ किया था। गांव में तक्षक प्रजाति के नाग निकलते रहते हैं, विशेषकर नाग पंचमी पर ये नाग मंदिर में आते-जाते रहते हैं।


सुंदरीकरण की मांग
एससी एसटी मोर्चा आयोग की सदस्य नीरज भारती ने इस मंदिर के सुंदरीकरण के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात की है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की थी कि धौरा नाग बाबा मंदिर की स्थिति चिंताजनक है। मंदिर में छत न होने के कारण श्रद्धालुओं को खुले आसमान के नीचे पूजा-अर्चना करनी पड़ती है। नीरज भारती ने मंदिर के जीर्णोद्धार और सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।

फोटो -18- मंदिर में रखी खंडित मूर्तियों की पूजा करते लोग। संवाद

फोटो -18- मंदिर में रखी खंडित मूर्तियों की पूजा करते लोग। संवाद- फोटो : एथलेक्टिस प्रतियोगिता में दमखम दिखाते खिलाड़ी। स्रोत: संस्था

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