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Auraiya News: पिता को बेटे के लौटने का विश्वास, चिंता में मां का हाल-बेहाल
Tue, 18 Aug 2026 12:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 18 Aug 2026 12:07 AM IST
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फोटो-44- सेना के जवान विनोद के घर मौजूद ग्रामीण व रिश्तेदार।संवाद
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अजीतमल। अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली में आई बाढ़ में सराय अमिलिया निवासी सेना के जवान विनोद यादव के लापता होने की खबर से परिवार में मातम का माहौल है। हालांकि पिता महेंद्र यादव को विश्वास है कि उनका बेटा सकुशल लौटकर जरूर आएगा। वह लगातार सेना के रेस्क्यू अभियान से मिलने वाली जानकारी पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, मां सुनीत देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
मां ने बताया कि विनोद इसी वर्ष अप्रैल में शिवरात्रि पर घर आए थे। उस दौरान उसने घर में कार्यक्रम कराया था और पूरे परिवार के साथ खुशी-खुशी समय बिताने के बाद ड्यूटी पर लौट गए थे। परिजन ने बताया कि विनोद ने 14 अगस्त की शाम करीब तीन बजे बातचीत के दौरान बताया था कि उन्हें छुट्टी मिल गई है और 18 अगस्त को वह घर आने वाले हैं। परिवार बेटे के घर लौटने का इंतजार कर रहा था, लेकिन अगले ही दिन 15 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश में सेना के कैंप में अचानक बाढ़ आने और विनोद के लापता होने की सूचना ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं।
मां का कहना है कि वह 18 अगस्त को बेटे के घर आने का इंतजार कर रही थीं, लेकिन अब उसकी सकुशल वापसी की खबर का इंतजार है। परिवार को उम्मीद है कि सेना का रेस्क्यू अभियान विनोद और अन्य लापता जवानों तक जल्द पहुंचेगा और उनका बेटा सकुशल घर लौटेगा। इधर, गांव के लोग भी घर पहुंचकर परिजन को ढाढ़स बंधा रहे हैं। हर किसी की नजर सेना के सर्च ऑपरेशन और आने वाली नई सूचना पर टिकी हुई है।
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मां ने बताया कि विनोद इसी वर्ष अप्रैल में शिवरात्रि पर घर आए थे। उस दौरान उसने घर में कार्यक्रम कराया था और पूरे परिवार के साथ खुशी-खुशी समय बिताने के बाद ड्यूटी पर लौट गए थे। परिजन ने बताया कि विनोद ने 14 अगस्त की शाम करीब तीन बजे बातचीत के दौरान बताया था कि उन्हें छुट्टी मिल गई है और 18 अगस्त को वह घर आने वाले हैं। परिवार बेटे के घर लौटने का इंतजार कर रहा था, लेकिन अगले ही दिन 15 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश में सेना के कैंप में अचानक बाढ़ आने और विनोद के लापता होने की सूचना ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं।
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मां का कहना है कि वह 18 अगस्त को बेटे के घर आने का इंतजार कर रही थीं, लेकिन अब उसकी सकुशल वापसी की खबर का इंतजार है। परिवार को उम्मीद है कि सेना का रेस्क्यू अभियान विनोद और अन्य लापता जवानों तक जल्द पहुंचेगा और उनका बेटा सकुशल घर लौटेगा। इधर, गांव के लोग भी घर पहुंचकर परिजन को ढाढ़स बंधा रहे हैं। हर किसी की नजर सेना के सर्च ऑपरेशन और आने वाली नई सूचना पर टिकी हुई है।
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