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Auraiya News: बिल नहीं चुकाया तो अस्पताल संचालक ने अपने रिश्तेदार को सौंपा बच्चा
Wed, 19 Aug 2026 12:42 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 19 Aug 2026 12:42 AM IST
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एरवाकटरा (औरैया)। बिधूना रोड स्थित एक निजी अस्पताल संचालक ने 70 हजार रुपये बिल न चुकाने पर बच्चे को अपने रिश्तेदारों को सौंप दिया। पीड़िता ने वीडियो वायरल कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर बच्चा वापस दिलाने और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि वायरल वीडियो की संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करती।
दो अगस्त को प्रसूता ने इटावा के एक निजी अस्पताल में बच्चे का जन्म दिया था।
गांव हरनागरपुर के राजबहादुर उर्फ राजू ने बताया कि उसकी 24 वर्षीय बहन पूजा को एक अगस्त की शाम प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी एरवाकटरा ले जाया गया था। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखकर डॉक्टर ने रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन सीएचसी के बाहर आए, इसी दौरान एरवाकटरा गांव में बिधूना रोड स्थित निजी अस्पताल का संचालक मिला और उसे अस्पताल ले गए। वहां से संचालक गंभीर हालत में पूजा को इटावा के एक निजी अस्पताल ले गया, जहां दो अगस्त को ऑपरेशन से बेटे का जन्म हुआ।
तीन दिन बाद महिला को एरवाकटरा लाया गया, जहां संचालक ने कुल खर्च 70 हजार रुपये बताया। पूजा के पति संजीव कुमार ने आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण रकम देने में असमर्थता जताई। आरोप है कि इसके बाद महिला को पांच दिनों तक रोके रखा गया और बिल का भुगतान न होने पर नवजात को छीन लिया। सोमवार को महिला टांके कटाने के लिए इटावा स्थित अस्पताल पहुंची। वहां से वापस आने के दौरान उसकी गाड़ी खराब हो गई। इस दौरान वहां पहुंचा मिस्त्री को उसने घटना बताई। इस दौरान किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।
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महिला का आरोप है कि संचालक ने उसके बच्चे को कन्नौज के सौरिख स्थित अपनी रिश्तेदार को दे दिया, इसके बदले में 20 हजार रुपये दिए गए हैं। हालांकि महिला की ओर से कहीं शिकायत नहीं की गई है। सीओ बिधूना पी पुनीत मिश्रा ने बताया कि इस मामले में अभी तक कोई शिकायत नहीं की गई है। फिर भी जांच कराई जाएगी, अगर आरोप सही निकले तो कार्रवाई की जाएगी।
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दो अगस्त को प्रसूता ने इटावा के एक निजी अस्पताल में बच्चे का जन्म दिया था।
गांव हरनागरपुर के राजबहादुर उर्फ राजू ने बताया कि उसकी 24 वर्षीय बहन पूजा को एक अगस्त की शाम प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी एरवाकटरा ले जाया गया था। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखकर डॉक्टर ने रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन सीएचसी के बाहर आए, इसी दौरान एरवाकटरा गांव में बिधूना रोड स्थित निजी अस्पताल का संचालक मिला और उसे अस्पताल ले गए। वहां से संचालक गंभीर हालत में पूजा को इटावा के एक निजी अस्पताल ले गया, जहां दो अगस्त को ऑपरेशन से बेटे का जन्म हुआ।
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तीन दिन बाद महिला को एरवाकटरा लाया गया, जहां संचालक ने कुल खर्च 70 हजार रुपये बताया। पूजा के पति संजीव कुमार ने आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण रकम देने में असमर्थता जताई। आरोप है कि इसके बाद महिला को पांच दिनों तक रोके रखा गया और बिल का भुगतान न होने पर नवजात को छीन लिया। सोमवार को महिला टांके कटाने के लिए इटावा स्थित अस्पताल पहुंची। वहां से वापस आने के दौरान उसकी गाड़ी खराब हो गई। इस दौरान वहां पहुंचा मिस्त्री को उसने घटना बताई। इस दौरान किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।
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महिला का आरोप है कि संचालक ने उसके बच्चे को कन्नौज के सौरिख स्थित अपनी रिश्तेदार को दे दिया, इसके बदले में 20 हजार रुपये दिए गए हैं। हालांकि महिला की ओर से कहीं शिकायत नहीं की गई है। सीओ बिधूना पी पुनीत मिश्रा ने बताया कि इस मामले में अभी तक कोई शिकायत नहीं की गई है। फिर भी जांच कराई जाएगी, अगर आरोप सही निकले तो कार्रवाई की जाएगी।