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Azamgarh News: अप्रैल बीत गया, सूखे रह गए 241 पोखरे
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बूढ़नपुर क्षेत्र के बाजिदपुर पोखरे में नहीं भरा गया पानी
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आजमगढ़। गर्मी में नहरों में पानी न छोड़े जाने से जिले के 241 तालाब सूखे रह गए हैं। इससे गर्मी में पशु- पक्षियों को पानी के लिए भटकना पड़ेगा।जिले में शारदा सहायक खंड 23 और खंड 32 के अलावा अन्य जिलों से आने वाली नहरों की संख्या 350 से अधिक है। इनके माध्यम से किसान खरीफ और रबी की फसलों की सिंचाई करते हैं वहीं, गर्मी के दिनों में इन्हीं नहरों के माध्यम से 241 पोखरे भी भरे जाते हैं ताकि गर्मी के दिनों में पानी के लिए पशु- पक्षियों को भटकना न पड़े। इस बार अप्रैल के शुरुआत से ही भीषण गर्मी पड़ रही है।
ऐसे में लोगों को प्यास बुझाने के लिए हर पल पानी की जरूरत पड़ रही है। इस बार सिंचाई विभाग के अधिकारी 25 अप्रैल तक नहरों में पानी आ जाने और सभी पोखरों को भरने की बात कहे थे। एक सप्ताह से अधिक का समय बीत गया पोखरों में पानी भरने की बात तो दूर अभी तक नहरों में ही पानी नहीं पहुंचा है। अजय तिवारी, महेंद्र सिंह, रामदवर यादव, रामप्रताप ने बताया कि बरदह, फूलपुर, फरिहा, बूढ़नपुर, कप्तानगंज, मेंहनगर, सगड़ी आदि क्षेत्रों में सभी पोखरे सूखे पड़े हुए हैं। इसके कारण सीवान में रहने वाले पशु- पक्षी पानी के भटक रहे हैं।
पोखरे में पड़ चुकी है दरारें
फरिहा/ बरदह। भीषण गर्मी में फरिहा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बघौरा इनामपुर, असीलपुर, वनगांव, फरीदाबाद, चकिया हुसेनाबाद, परसहा, नंदपुर आदि गांवों के पोखरे सूख चुके हैं। पानी न आने से इसमें दरारें आ चुकी हैं। यही हाल बरदह क्षेत्र के छत्तरपुर और मार्टीनगंज क्षेत्र गदेहरा गांव के गम्मा पोखरा का है। बूढ़नपुर के वाजिदपुर में भी पानी न आने से पोखरा सूख चुका है। अजीत कुमार, कमलेश,, शंकर आदि ने नहर में पानी छोड़े जाने की मांग किया।
पानी की डिमांड अप्रैल में ही गई थी। जौनपुर तक पानी आ गया है। पांच- छह मई तक जिले की नहरों में पानी आ जाएगा और सभी पोखरों को भरा जाएगा। - रितेश सिंह, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग।
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ऐसे में लोगों को प्यास बुझाने के लिए हर पल पानी की जरूरत पड़ रही है। इस बार सिंचाई विभाग के अधिकारी 25 अप्रैल तक नहरों में पानी आ जाने और सभी पोखरों को भरने की बात कहे थे। एक सप्ताह से अधिक का समय बीत गया पोखरों में पानी भरने की बात तो दूर अभी तक नहरों में ही पानी नहीं पहुंचा है। अजय तिवारी, महेंद्र सिंह, रामदवर यादव, रामप्रताप ने बताया कि बरदह, फूलपुर, फरिहा, बूढ़नपुर, कप्तानगंज, मेंहनगर, सगड़ी आदि क्षेत्रों में सभी पोखरे सूखे पड़े हुए हैं। इसके कारण सीवान में रहने वाले पशु- पक्षी पानी के भटक रहे हैं।
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पोखरे में पड़ चुकी है दरारें
फरिहा/ बरदह। भीषण गर्मी में फरिहा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बघौरा इनामपुर, असीलपुर, वनगांव, फरीदाबाद, चकिया हुसेनाबाद, परसहा, नंदपुर आदि गांवों के पोखरे सूख चुके हैं। पानी न आने से इसमें दरारें आ चुकी हैं। यही हाल बरदह क्षेत्र के छत्तरपुर और मार्टीनगंज क्षेत्र गदेहरा गांव के गम्मा पोखरा का है। बूढ़नपुर के वाजिदपुर में भी पानी न आने से पोखरा सूख चुका है। अजीत कुमार, कमलेश,, शंकर आदि ने नहर में पानी छोड़े जाने की मांग किया।
पानी की डिमांड अप्रैल में ही गई थी। जौनपुर तक पानी आ गया है। पांच- छह मई तक जिले की नहरों में पानी आ जाएगा और सभी पोखरों को भरा जाएगा। - रितेश सिंह, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग।
