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Azamgarh News: यूपीएससी की परीक्षा में भाई-बहन ने गढ़ी सफलता की कहानी
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अपने माता-पिता के साथ आदित्य हृदय उपाध्याय व आयुषी उपाध्याय। संवाद
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आजमगढ़। बिलरियागंज के शांतिपुर निवासी भाई-बहन ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर जिले का नाम गौरवान्वित किया है। परिणाम में भाई ने 154वीं और बहन ने 361वीं रैंक हासिल की है। शांतिपुर निवासी अधिवक्ता सूर्यप्रकाश उपाध्याय लखनऊ हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं। वहीं उनकी पत्नी प्रतिभा उपाध्याय इंटर कॉलेज में शिक्षिका हैं। इनके बेटे आदित्य हृदय उपाध्याय ने यूपीएससी परीक्षा में 154वीं रैंक प्राप्त की है, जबकि छोटी बेटी आयुषी उपाध्याय ने 361वीं रैंक हासिल कर परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। शैक्षणिक उपलब्धियों में दोनों भाई-बहन का रिकॉर्ड उत्कृष्ट रहा है। आदित्य रुड़की से बीटेक में गोल्ड मेडलिस्ट रहे। वहीं आयुषी ने नेशनल लॉ कॉलेज से ग्रेजुएशन में गोल्ड मेडल हासिल किया है। आदित्य इससे पहले भी यूपीएससी परीक्षा में चयनित होकर आईआरएस (असिस्टेंट कमिश्नर इनकम टैक्स) के पद पर कार्यरत हैं, जबकि आयुषी उपाध्याय ने दूसरे प्रयास में शानदार सफलता प्राप्त की है। दोनों भाई-बहन की इस उपलब्धि से गांव में हर्ष का माहौल है।
गुरेहथा के राज सिंह की यूपीएससी में 729वीं रैंक-आजमगढ़। मेंहनगर के गुरेहथा निवासी राज सिंह ने तीसरे प्रयास में यूपीएससी में 729वीं रैंक हासिल की है। यूपीएससी परीक्षा-2025 की सूची जारी होते ही गुरेहथा गांव में खुशी छा गई। बधाई देने वालों का तांता लग गया।गुरेहथा निवासी राजीव सिंह उर्फ राजू सिंह के दो पुत्र हैं। बड़े पुत्र राज सिंह ने आजमगढ़ में महर्षि विद्या मंदिर से पांच तक की प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की। पढ़ाई में बेटे को कुसाग्र देख परिजनों ने उनका प्रवेश बिड़ला पब्लिक स्कूल पिलानी राजस्थान में करा दिया। यहां उन्होंने कक्षा 06 से इंटरमीडिएट तक की शिक्षा ग्रहण की। उन्होंने 2015 में हाईस्कूल की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की। इसके बाद यहीं से इंटरमीडिएट भी पास किया। यहां स्नातक की पढ़ाई के लिए वे दिल्ली चले गए। उनका प्रवेश डीयू में हो गया। यहां से बीएससी उत्तीर्ण करने के बाद यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। लगातार दो बार वे यूपीएससी की परीक्षा में बैठे पर अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। यूपीएससी परीक्षा 2025 में बैठे। मार्च माह में आए रिजल्ट में उनको 729वीं रैंक मिली। इसकी सूचना मिलते ही दादा जितेंद्र सिंह फौजी, विजेंद्र सिंह, मां बीना सिंह, पिता राजीव सिंह को बधाई देने वालों का तांता लग गया। इसके पूर्व गुरेहथा गांव में एक आईपीएस, दो पीसीएस भी हो चुके हैं।
रुद्र प्रताप सिंह को 345 वीं रैंक-आजमगढ़। कप्तानगंज थाना के चेंवता गांव निवासी रुद्र प्रताप सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में 345 वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों, मित्रों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। रुद्र प्रताप सिंह वर्तमान में इंटेलीजेंस ब्यूरो में एसीआईओ-वन के पद पर मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में तैनात हैं। उनके पिता अशोक सिंह दीवानी न्यायालय में अधिवक्ता हैं। रुद्र प्रताप ने नौकरी के साथ ही ऑनलाइन माध्यम से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी जारी रखी। लगातार प्रयास करते हुए चौथे प्रयास में उन्हें यह सफलता मिली। इससे पहले वह एक बार साक्षात्कार तक पहुंचे थे, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका था। बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर प्रयास करते रहे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और परिवार के सहयोग को दिया। रुद्र प्रताप ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई चिल्ड्रेन कॉलेज से यूपी बोर्ड से पूरी की। इसके बाद वर्ष 2016 में प्रयागराज स्थित एक इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल की। तभी से वह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए थे।
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रुद्र प्रताप सिंह को 345 वीं रैंक-आजमगढ़। कप्तानगंज थाना के चेंवता गांव निवासी रुद्र प्रताप सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में 345 वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों, मित्रों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। रुद्र प्रताप सिंह वर्तमान में इंटेलीजेंस ब्यूरो में एसीआईओ-वन के पद पर मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में तैनात हैं। उनके पिता अशोक सिंह दीवानी न्यायालय में अधिवक्ता हैं। रुद्र प्रताप ने नौकरी के साथ ही ऑनलाइन माध्यम से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी जारी रखी। लगातार प्रयास करते हुए चौथे प्रयास में उन्हें यह सफलता मिली। इससे पहले वह एक बार साक्षात्कार तक पहुंचे थे, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका था। बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर प्रयास करते रहे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और परिवार के सहयोग को दिया। रुद्र प्रताप ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई चिल्ड्रेन कॉलेज से यूपी बोर्ड से पूरी की। इसके बाद वर्ष 2016 में प्रयागराज स्थित एक इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल की। तभी से वह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए थे।

अपने माता-पिता के साथ आदित्य हृदय उपाध्याय व आयुषी उपाध्याय। संवाद

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