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Azamgarh News: लेन-देन करते समय 1.19 लाख की नकली मुद्रा के साथ आठ गिरफ्तार

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 07 Mar 2026 12:40 AM IST
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Eight arrested with fake currency worth Rs 1.19 lakh while making transactions
07 : रौनापार थाने की पुलिस ने जाली नोट और उपकरण किए बरामद।
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आजमगढ़। रौनापार थाने की पुलिस ने जाली करेंसी बनाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से 1.19 लाख रुपये की जाली मुद्रा, जाली नोट छापने के उपकरण, लैपटॉप, प्रिंटर, एक कार और सात मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि क्षेत्राधिकारी सगड़ी के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष मंतोष सिंह की टीम क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि टेकनपुर पुलिया के पास एक सफेद कार में कुछ लोग जाली नोटों का लेन-देन कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस की तीन टीमों ने घेराबंदी कर रौनापार थाना क्षेत्र के बरडीहा गांव निवासी नितिन सिंह उर्फ भोला, ऋषिकेश सिंह उर्फ शनि, अभिषेक सिंह उर्फ कान्हा, आदित्य सिंह उर्फ चन्की, शिवम सिंह उर्फ विदुर व बड़हलगंज के (न्यू टीचर कालोनी चिल्लूपार) निवासी मुन्ना पांडेय शामिल है। पूछताछ और उनकी निशानदेही पर पुलिस ने बाद में ग्राम जगदीशपुर से मनोज कुमार और रुद्र पांडेय को भी जाली नोट बनाने में प्रयुक्त उपकरणों के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह का सरगना मनीष मिश्रा है, जो लैपटॉप और प्रिंटर की मदद से ए-4 साइज पेपर पर जाली नोट प्रिंट कराता था। इसके बाद पेपर कटर से उन्हें असली नोट के आकार में काटा जाता था। आरोपी जाली नोटों को असली नोटों की गड्डियों के बीच रखकर बाजार, दुकानों और लेन-देन के दौरान चलाते थे। सामान्यत: लोग आसानी से पहचान नहीं कर पाते थे। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। आरोपियों के पास से एक सफेद कार, 1.19 लाख रुपये की जाली मुद्रा, ए-4 साइज पेपर पर छपे नकली नोट, प्रिंटर, लैपटॉप, की-बोर्ड-माउस, पेपर कटर, इंक की बोतलें, डिस्क ड्राइव, डीवीडी ड्राइव और सात मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
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बहन के घर रहकर जाली नोटों की करता था छपाई-आजमगढ़। आरोपी रुद्र पांडेय अपनी बहन के घर पर रहकर जाली नोट की छपाई करता था। अब तक मार्केट में पांच लाख नकली रुपये मार्केट में खपाया जा चुका है। एसपी ग्रामीण ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि आरोपी रुद्र पांडेय जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में अपनी बहन के घर पर रहकर जाली नोटों की छपाई करता था। करीब एक माह पहले इस अवैध धंधे की शुरुआत की गई थी। गिरोह में दो लोग नोटों की छपाई करते थे, जबकि अन्य सदस्य बाजार में रहकर उन्हें खपाने का काम करते थे। अब तक यह गिरोह चार से पांच लाख रुपये के जाली नोट बाजार में चला चुका है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का सरगना मनीष मिश्रा निवासी बरडिहा थाना रौनापार है। उसके निर्देशन में सभी आरोपी लैपटॉप और प्रिंटर की मदद से A-4 साइज के कागज पर जाली करेंसी नोट प्रिंट करते थे। गिरोह जाली करेंसी चलाकर अवैध रूप से आर्थिक लाभ कमा रहा था।
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नवंबर 2024 में पकड़े गए थे जाली नोट के साथ तीन आरोपी-आजमगढ़। फूलपुर कोतवाली पुलिस ने नवंबर 2024 में जाली नोटों की तस्करी में संलिप्त तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके कब्जे से 100-100 रुपये के कुल 1000 जाली नोट बरामद किए थे, जिनकी कुल कीमत एक लाख रुपये बताई गई थी। इसके अलावा आरोपियों के पास से मोबाइल फोन भी बरामद किए गए थे। फूलपुर में लगने वाले कार्तिक पूर्णिमा मेले में इन जाली नोटों को खपाने की तैयारी में थे। पकड़े गए आरोपियों में एक फूलपुर क्षेत्र का जबकि दो आरोपी लखनऊ जनपद के निवासी थे। पूछताछ में उनकी पहचान रहिमाबाद थाना क्षेत्र के भावा खेड़ा गांव निवासी हसमत, पारा थाना क्षेत्र के हर्षनगर बुधेश्वर मोहन रोड निवासी महेंद्र कुमार यादव और फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के सतुवहिया गांव निवासी मोहम्मद नासीर के रूप में हुई थी।
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