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Azamgarh News: दावे की निकल रही हवा... डीएपी के बाद अब यूरिया का टोटा
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बंद पड़ी साधन सहकारी समिति निजामाबाद। संवाद
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जिले में पर्याप्त मात्रा में यूरिया होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन अधिकांश समितियों पर यूरिया का टोटा है। यूरिया के लिए किसानों को समितियों का चक्कर काटना पड़ रहा है, वहीं बाजारों में उन्हें आसानी से यूरिया मिल जा रही है।
खरीफ सीजन में जिले में मुख्य रूप से धान की खेती की जाती है। कुल लगभग 1.68 लाख हेक्टेयर में धान की खेती हुई है। रोपाई के समय किसानों को डीएपी की किल्लत झेलनी पड़ी थी और यूरिया के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
खरीफ सीजन में सितंबर तक 58 हजार मीट्रिक टन यूरिया वितरण का लक्ष्य है, लेकिन अभी तक 55 हजार मीट्रिक टन यूरिया ही उपलब्ध हो पाई है। कृषि विभाग इसमें से निजी दुकानों और समितियों के माध्यम से अब तक 31696 मीट्रिक टन यूरिया वितरित करने और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने की बात कह रहा,लेकिन जब बुधवार को पड़ताल की गई तो कई समितियां बंद थीं, जबकि कई पर यूरिया ही नहीं थी।
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अभी शुरुआती दौर में यह हाल है, आगे जब और मांग बढ़ेगी, समस्या और बढ़ जाएगी। ऊंचागांव समिति के सचिव अवलेश कुमार ने बताया कि यूरिया नहीं है, कल तक यूरिया पहुंचने की उम्मीद है। ठेकमा के तियरी मनिराम में भी यूरिया उपलब्ध नहीं थी। इसी प्रकार अहरौला ब्लॉक की पड़ताल में पारा, खजुरी, बिलारी, हांसा मतलूबपुर और पीसीएफ रेड़हा में यूरिया उपलब्ध नहीं मिली।
फूलपुर: कुछ ही समितियों पर यूरिया आई थी, वह भी कुछ दिन पूर्व वितरित कर दी गई। कुल 11 समितियों में से नोनियाडीह, सदरपुर बरौली, कनेरी, बक्शपुर, अंबारी, पालिया, गद्दोपुर, पुष्पुनगर, खनजहांपुर, खरसहन कला, पल्थी में यूरिया नहीं है।
इसके कारण किसानों को लौटना पड़ रहा था। किसान फिरतू यादव, राधे, अंसार ने बताया कि दुकानों पर चार सौ रुपये में यूरिया मिल रही है।
बूढनपुर: सहकारी समिति बूढनपुर, हूसेपुर, भरौली, एकडंगी, सरवनपुर डींगूरपुर, निजाम शाहिद सहित अन्य समितियों पर यूरिया नहीं है। एडीओ कोऑपरेटिव ने बताया कि पैसा जमा कर दिया गया है, कल खाद उपलब्ध हो जाएगी।
अतरौलिया: गजईपुर मुंडेरा साधन सहकारी समिति खुली मिली। यहां करीब 19.5 टन यूरिया उपलब्ध थी। किसान अपनी जरूरत के अनुसार खाद ले रहे थे ,वहीं, इदिलपुर समिति पर फिलहाल यूरिया उपलब्ध नहीं थी।
मेंहनगर: क्षेत्र में कुल 11 समितियों के माध्यम से किसानों में उर्वरक वितरित किया जाता है। पड़ताल में सहकारी समिति मेहनगर, डीहा, नईं और सिंगपुर धन्नी पर यूरिया का स्टॉक उपलब्ध नहीं मिला।
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यूरिया होने के बाद भी बंद मिली समिति
निजामाबाद। पड़ताल के दौरान बहुउद्देशीय ग्रामीण सहकारी समिति निजामाबाद में यूरिया का स्टॉक मिला, लेकिन समिति बंद थी। इससे किसान परेशान दिखे। स्टॉक होने के बाद भी उन्हें यूरिया नहीं मिल पाई। इस संबंध में समिति के सचिव पप्पू रावत ने बताया कि समिति में 375 बोरी यूरिया उपलब्ध है। हमें संजरपुर और मझगावां का भी चार्ज है। इसलिए निजामाबाद में सोमवार और मंगलवार को यूरिया बांटी जाएगी। संवाद
रायशुमारी-- -
फोटो संख्या- 34
हर सीजन में यही हाल रहता है, जब उर्वरक की जरूरत रहती है, तब समितियों पर नहीं मिलती है। वहीं, बाजार में दुकानों पर हमेशा उपलब्ध रहती है, लेकिन वहां ऊंचे दामों पर मिलती है। -किसान चंद्रबली यादव, मेंहनगर
फोटो संख्या- 35
सुबह में सहकारी समिति खजुरी में यूरिया लेने गया था, लेकिन यूरिया न होने के कारण समिति बंद थी। कोई बताने वाला भी नहीं मिला कि कब यूरिया आएगी। -किसान दिनेश कुमार, अहरौला
फोटो संख्या- 36
समिति पर यूरिया न होने से बाजार में दुकानदार ऊंचे दामों पर यूरिया बेच रहे हैं। धान में यूरिया डालने का समय है, इसलिए महंगे दामों में लेना पड़ा। -किसान रामबहाल, अतरौलिया
फोटो संख्या- 37
समिति पर यूरिया आई है, लेकिन बंद होने के कारण यूरिया मिल नहीं पा रही है। यह हर सीजन में होता है। समिति सचिव के पास अन्य समितियों का भी चार्ज होने से किसान परेशान रहते हैं। -किसान चंद्रेश यादव, निजामाबाद
-- -वर्जन
समितियों और दुकानों पर यूरिया की कोई कमी नहीं है। पिछले साल एक से 12 अगस्त के बीच 8500 मीट्रिक टन यूरिया बंटी थी, लेकिन इस बार अगस्त में 10 हजार मीट्रिक टन से ऊपर यूरिया बंट चुकी है। अभी भी पर्याप्त मात्रा में यूरिया है। ओवररेटिंग की शिकायत पर जांच के बाद दुकानों पर कार्रवाई की जा रही है। -सदानंद चौधरी, जिला कृषि अधिकारी।
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पांच हजार मीट्रिक टन यूरिया स्टॉक में है। इसके अलावा तीन हजार मीट्रिक टन समितियों पर भेजी जा चुकी है। यूरिया की कोई समस्या नहीं है। जिन समितियों से डिमांड आ रही है, वहां यूरिया भेजी जा रही है। मंगलवार को 25 समितियों पर यूरिया भेजी गई थी। -अजय कुमार, एआर सहकारिता।
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खरीफ सीजन में जिले में मुख्य रूप से धान की खेती की जाती है। कुल लगभग 1.68 लाख हेक्टेयर में धान की खेती हुई है। रोपाई के समय किसानों को डीएपी की किल्लत झेलनी पड़ी थी और यूरिया के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
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खरीफ सीजन में सितंबर तक 58 हजार मीट्रिक टन यूरिया वितरण का लक्ष्य है, लेकिन अभी तक 55 हजार मीट्रिक टन यूरिया ही उपलब्ध हो पाई है। कृषि विभाग इसमें से निजी दुकानों और समितियों के माध्यम से अब तक 31696 मीट्रिक टन यूरिया वितरित करने और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने की बात कह रहा,लेकिन जब बुधवार को पड़ताल की गई तो कई समितियां बंद थीं, जबकि कई पर यूरिया ही नहीं थी।
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अभी शुरुआती दौर में यह हाल है, आगे जब और मांग बढ़ेगी, समस्या और बढ़ जाएगी। ऊंचागांव समिति के सचिव अवलेश कुमार ने बताया कि यूरिया नहीं है, कल तक यूरिया पहुंचने की उम्मीद है। ठेकमा के तियरी मनिराम में भी यूरिया उपलब्ध नहीं थी। इसी प्रकार अहरौला ब्लॉक की पड़ताल में पारा, खजुरी, बिलारी, हांसा मतलूबपुर और पीसीएफ रेड़हा में यूरिया उपलब्ध नहीं मिली।
फूलपुर: कुछ ही समितियों पर यूरिया आई थी, वह भी कुछ दिन पूर्व वितरित कर दी गई। कुल 11 समितियों में से नोनियाडीह, सदरपुर बरौली, कनेरी, बक्शपुर, अंबारी, पालिया, गद्दोपुर, पुष्पुनगर, खनजहांपुर, खरसहन कला, पल्थी में यूरिया नहीं है।
इसके कारण किसानों को लौटना पड़ रहा था। किसान फिरतू यादव, राधे, अंसार ने बताया कि दुकानों पर चार सौ रुपये में यूरिया मिल रही है।
बूढनपुर: सहकारी समिति बूढनपुर, हूसेपुर, भरौली, एकडंगी, सरवनपुर डींगूरपुर, निजाम शाहिद सहित अन्य समितियों पर यूरिया नहीं है। एडीओ कोऑपरेटिव ने बताया कि पैसा जमा कर दिया गया है, कल खाद उपलब्ध हो जाएगी।
अतरौलिया: गजईपुर मुंडेरा साधन सहकारी समिति खुली मिली। यहां करीब 19.5 टन यूरिया उपलब्ध थी। किसान अपनी जरूरत के अनुसार खाद ले रहे थे ,वहीं, इदिलपुर समिति पर फिलहाल यूरिया उपलब्ध नहीं थी।
मेंहनगर: क्षेत्र में कुल 11 समितियों के माध्यम से किसानों में उर्वरक वितरित किया जाता है। पड़ताल में सहकारी समिति मेहनगर, डीहा, नईं और सिंगपुर धन्नी पर यूरिया का स्टॉक उपलब्ध नहीं मिला।
यूरिया होने के बाद भी बंद मिली समिति
निजामाबाद। पड़ताल के दौरान बहुउद्देशीय ग्रामीण सहकारी समिति निजामाबाद में यूरिया का स्टॉक मिला, लेकिन समिति बंद थी। इससे किसान परेशान दिखे। स्टॉक होने के बाद भी उन्हें यूरिया नहीं मिल पाई। इस संबंध में समिति के सचिव पप्पू रावत ने बताया कि समिति में 375 बोरी यूरिया उपलब्ध है। हमें संजरपुर और मझगावां का भी चार्ज है। इसलिए निजामाबाद में सोमवार और मंगलवार को यूरिया बांटी जाएगी। संवाद
रायशुमारी
फोटो संख्या- 34
हर सीजन में यही हाल रहता है, जब उर्वरक की जरूरत रहती है, तब समितियों पर नहीं मिलती है। वहीं, बाजार में दुकानों पर हमेशा उपलब्ध रहती है, लेकिन वहां ऊंचे दामों पर मिलती है। -किसान चंद्रबली यादव, मेंहनगर
फोटो संख्या- 35
सुबह में सहकारी समिति खजुरी में यूरिया लेने गया था, लेकिन यूरिया न होने के कारण समिति बंद थी। कोई बताने वाला भी नहीं मिला कि कब यूरिया आएगी। -किसान दिनेश कुमार, अहरौला
फोटो संख्या- 36
समिति पर यूरिया न होने से बाजार में दुकानदार ऊंचे दामों पर यूरिया बेच रहे हैं। धान में यूरिया डालने का समय है, इसलिए महंगे दामों में लेना पड़ा। -किसान रामबहाल, अतरौलिया
फोटो संख्या- 37
समिति पर यूरिया आई है, लेकिन बंद होने के कारण यूरिया मिल नहीं पा रही है। यह हर सीजन में होता है। समिति सचिव के पास अन्य समितियों का भी चार्ज होने से किसान परेशान रहते हैं। -किसान चंद्रेश यादव, निजामाबाद
समितियों और दुकानों पर यूरिया की कोई कमी नहीं है। पिछले साल एक से 12 अगस्त के बीच 8500 मीट्रिक टन यूरिया बंटी थी, लेकिन इस बार अगस्त में 10 हजार मीट्रिक टन से ऊपर यूरिया बंट चुकी है। अभी भी पर्याप्त मात्रा में यूरिया है। ओवररेटिंग की शिकायत पर जांच के बाद दुकानों पर कार्रवाई की जा रही है। -सदानंद चौधरी, जिला कृषि अधिकारी।
पांच हजार मीट्रिक टन यूरिया स्टॉक में है। इसके अलावा तीन हजार मीट्रिक टन समितियों पर भेजी जा चुकी है। यूरिया की कोई समस्या नहीं है। जिन समितियों से डिमांड आ रही है, वहां यूरिया भेजी जा रही है। मंगलवार को 25 समितियों पर यूरिया भेजी गई थी। -अजय कुमार, एआर सहकारिता।