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Azamgarh News: कागजों पर चल रहा संचारी अभियान, गांवों में बीमारी ले रही जान
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रानी की सराय स्टेशन रोड के बगल में कचरे का लगा ढेर। संवाद
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डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और इंसेफेलाइटिस जैसी संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए चलाया जा रहा विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान जिले में कागजों तक सिमटा नजर आ रहा है।
जुलाई से शुरू होकर 10 अगस्त तक विस्तारित इस अभियान का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई, जलभराव की रोकथाम, फॉगिंग और दवा के छिड़काव के माध्यम से संक्रामक रोगों पर नियंत्रण पाना है, लेकिन जमीनी स्थिति इससे बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है।
इधर, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जिले की सभी 1,810 ग्राम पंचायतों में 31 जुलाई तक अभियान पूरा किया जा चुका है। बृहस्पतिवार को संवाद न्यूज एजेंसी की ओर से की गई पड़ताल में कई ग्राम पंचायतों में जगह-जगह कूड़े के ढेर, जाम नालियां और बारिश का जमा पानी देखने को मिला।
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जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका बनी हुई है। गांवों में रोग नियंत्रण के लिए कराए जाने वाले एंटी लार्वा दवा के छिड़काव और अन्य बचाव के उपाय भी अधिकांश स्थानों पर नहीं दिखे।
स्वास्थ्य विभाग और जिला पंचायती राज विभाग को समन्वय बनाकर अभियान संचालित करना है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि न तो नियमित सफाई हो रही है और न ही बीमारी से बचाव के लिए कोई विशेष गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। इससे लोगों में संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ता जा रहा है।
इस बीच मेंहनगर क्षेत्र की ठोठिया ग्राम पंचायत में फैली अज्ञात बीमारी ने चिंता और बढ़ा दी है। यहां एक युवती की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक ग्रामीण बीमार बताए जा रहे हैं। ऐसे हालात में संचारी रोग नियंत्रण अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
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अभियान के मुख्य कार्य
स्वच्छता और फॉगिंग : गांवों और शहरों में साफ-सफाई, एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव और मच्छरों को मारने के लिए फॉगिंग की जाती है।
घर-घर दस्तक अभियान : आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को बुखार, मलेरिया और डेंगू के लक्षणों की जानकारी देती हैं।
विभागों का सहयोग : स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर विकास, शिक्षा और पंचायती राज जैसे कई विभाग मिलकर काम करते हैं।
जन-जागरूकता : लोगों को पीने के साफ पानी, खुले में पानी न जमा होने देने और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाता है।
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ठोठिया में सफाई व छिड़काव नहीं होने से ग्रामीणों में संक्रमण का डर
मेंहनगर। ठोठिया गांव में फैली अज्ञात बीमारी की घटना के बीच संचारी रोग नियंत्रण अभियान का प्रभाव धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में अब तक अभियान के तहत न तो नियमित साफ-सफाई कराई गई है और न ही दवा का प्रभावी छिड़काव किया गया है, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है। पीड़ित परिवार के विश्व प्रकाश ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान के बावजूद गांव में साफ-सफाई और कीटनाशक दवा के छिड़काव का कोई कार्यक्रम नहीं चलाया गया है। उनका कहना है कि गांव में अभी भी गंदगी की स्थिति बनी हुई है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और ग्राम पंचायत से गांव में नियमित सफाई, दवा का छिड़काव तथा पेयजल की जांच कराए जाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और लोगों को संक्रामक बीमारियों से बचाया जा सके। संवाद
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गांवों में गंदगी से बढ़ रहा संक्रमण का खतरा
अतरौलिया। विकास खंड के कई गांवों में संचारी रोग नियंत्रण अभियान का असर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा। तेजापुर और अतरौलिया पुरवा गांव में नालियां जाम मिलीं। जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा था। चूना व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव नहीं हुआ है और न फॉगिंग कराई गई है। बारिश के कारण उगी घास-फूस और जलभराव से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में नियमित सफाई नहीं होती और सफाईकर्मी भी शायद ही कभी आते हैं। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में गंदगी के कारण संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है। एडीओ पंचायत संदीप ज्ञानवेद ने बताया कि एक जुलाई से लेकर 31 जुलाई तक संचारी अभियान पूर्ण कर लिया गया है। संवाद
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नालियां जाम, छिड़काव की कोई व्यवस्था नहीं
अहरौला। विकास खंड में जगह-जगह जलभराव से लोग परेशान हैं। गांवों में नालियां जाम हैं और जलभराव वाले स्थानों पर संक्रामक बीमारी पैदा करने वाले जीवाणु पनप रहे हैं। अभी तक न तो साफ-सफाई का अभियान ही चलाया गया और न छिड़काव कराया गया है। मतलूबपुर ग्रामसभा में थाना, स्वास्थ्य केंद्र, बीआरसी के अगल-बगल भारी गंदगी व्याप्त है। इसी तरह आलमपुर गांव में डीहबाबा के स्थान से राजभर बस्ती तक जाने वाले आरसीसी रोड पर आधा फीट से ज्यादा पानी लगा हुआ है, जिससे छोटे-छोटे बच्चे और गांव के लोग इसी रास्ते से गुजर रहे हैं। जलनिकासी के लिए नाली नहीं है। लोग हैंडपंप का पानी पीकर संक्रमित भी हो रहे हैं। संवाद
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मच्छरोधी दवा के छिड़काव की मांग
रानी की सराय। ब्लाक क्षेत्र के मुरादाबाद, शेषपुर, नरहरपुर, ईश्वरपुर, मालिक हुसैनपुर, घाटी पट्टी, चकसेठवल, हसनपुर, अंधौरी, सम्मोपुर खालसा आदि गांवों में नालों पर पटिया नहीं लगी है। नालों की साफ-सफाई न होने से मच्छर पनप रहे हैं। गांवों में जगह-जगह कूड़े का अंबार है। साफ-सफाई के अभाव में मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है। इसके कारण लोग मलेरिया, डेंगू जैसे रोगों से पीड़ित हो रहे हैं। क्षेत्र के रमेश कुमार, राजेश, निलेश कुमार, राजू, मनोज यादव, राहुल यादव, सुरेश कुमार ने बताया कि गांवों में जो भी सफाईकर्मी आते हैं, वे सिर्फ खानापूर्ति करते हैं। एडीओ पंचायत सुभाष चंद्र शर्मा ने बताया कि सचिव को बोलकर छिड़काव करा दिया जाएगा। संवाद
-- -- -- - प्रतिक्रिया
संचारी रोग नियंत्रण अभियान कब चला और कब पूरा हो गया, किसी को पता ही नहीं चला। न तो साफ-सफाई हुई और न कोई छिड़काव हुआ।
सुबास कुमार, ग्रामीण।
गांव में सफाईकर्मी कब आता है और क्या करता है, यह किसी को पता नहीं। गांवों में नालियां जाम हैं, जगह-जगह गंदगी फैली हुई है, जिम्मेदार आंख मूंदे पड़े हैं। -मनीराम, ग्रामीण।
कौन सा अभियान गांव में कब चलाया जाता है, किसी को पता नहीं चलता। कागजों में अभियान चलाकर प्रशासन अपनी पीठ खुद थपथपा लेता है। प्रशासन को आम आदमी से क्या लेना। -राकेश यादव, ग्रामीण।
बारिश के मौसम में संक्रामक बीमारियां पांव पसारती हैं। सरकार इसके लिए फंड जारी कर अभियान चलाती है, लेकिन जिम्मेदार इसे धरातल पर नहीं उतारते। तभी तो गांव बदहाल हैं। -हरिचरण, ग्रामीण।
-- -वर्जन
जिले के सभी गांवों से लेकर शहर तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान का प्रथम चरण पूरा कर लिया गया है। अब यह अभियान 10 अगस्त तक चलाया जाना है। इक्का-दुक्का जगहों पर जो सफाई या छिड़काव के काम छूटे हैं, उन्हें पूरा कराया जा रहा है। -डॉ. एनआर वर्मा, सीएमओ।
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जुलाई से शुरू होकर 10 अगस्त तक विस्तारित इस अभियान का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई, जलभराव की रोकथाम, फॉगिंग और दवा के छिड़काव के माध्यम से संक्रामक रोगों पर नियंत्रण पाना है, लेकिन जमीनी स्थिति इससे बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है।
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इधर, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जिले की सभी 1,810 ग्राम पंचायतों में 31 जुलाई तक अभियान पूरा किया जा चुका है। बृहस्पतिवार को संवाद न्यूज एजेंसी की ओर से की गई पड़ताल में कई ग्राम पंचायतों में जगह-जगह कूड़े के ढेर, जाम नालियां और बारिश का जमा पानी देखने को मिला।
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जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका बनी हुई है। गांवों में रोग नियंत्रण के लिए कराए जाने वाले एंटी लार्वा दवा के छिड़काव और अन्य बचाव के उपाय भी अधिकांश स्थानों पर नहीं दिखे।
स्वास्थ्य विभाग और जिला पंचायती राज विभाग को समन्वय बनाकर अभियान संचालित करना है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि न तो नियमित सफाई हो रही है और न ही बीमारी से बचाव के लिए कोई विशेष गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। इससे लोगों में संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ता जा रहा है।
इस बीच मेंहनगर क्षेत्र की ठोठिया ग्राम पंचायत में फैली अज्ञात बीमारी ने चिंता और बढ़ा दी है। यहां एक युवती की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक ग्रामीण बीमार बताए जा रहे हैं। ऐसे हालात में संचारी रोग नियंत्रण अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
अभियान के मुख्य कार्य
स्वच्छता और फॉगिंग : गांवों और शहरों में साफ-सफाई, एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव और मच्छरों को मारने के लिए फॉगिंग की जाती है।
घर-घर दस्तक अभियान : आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को बुखार, मलेरिया और डेंगू के लक्षणों की जानकारी देती हैं।
विभागों का सहयोग : स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर विकास, शिक्षा और पंचायती राज जैसे कई विभाग मिलकर काम करते हैं।
जन-जागरूकता : लोगों को पीने के साफ पानी, खुले में पानी न जमा होने देने और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाता है।
ठोठिया में सफाई व छिड़काव नहीं होने से ग्रामीणों में संक्रमण का डर
मेंहनगर। ठोठिया गांव में फैली अज्ञात बीमारी की घटना के बीच संचारी रोग नियंत्रण अभियान का प्रभाव धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में अब तक अभियान के तहत न तो नियमित साफ-सफाई कराई गई है और न ही दवा का प्रभावी छिड़काव किया गया है, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है। पीड़ित परिवार के विश्व प्रकाश ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान के बावजूद गांव में साफ-सफाई और कीटनाशक दवा के छिड़काव का कोई कार्यक्रम नहीं चलाया गया है। उनका कहना है कि गांव में अभी भी गंदगी की स्थिति बनी हुई है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और ग्राम पंचायत से गांव में नियमित सफाई, दवा का छिड़काव तथा पेयजल की जांच कराए जाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और लोगों को संक्रामक बीमारियों से बचाया जा सके। संवाद
गांवों में गंदगी से बढ़ रहा संक्रमण का खतरा
अतरौलिया। विकास खंड के कई गांवों में संचारी रोग नियंत्रण अभियान का असर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा। तेजापुर और अतरौलिया पुरवा गांव में नालियां जाम मिलीं। जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा था। चूना व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव नहीं हुआ है और न फॉगिंग कराई गई है। बारिश के कारण उगी घास-फूस और जलभराव से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में नियमित सफाई नहीं होती और सफाईकर्मी भी शायद ही कभी आते हैं। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में गंदगी के कारण संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है। एडीओ पंचायत संदीप ज्ञानवेद ने बताया कि एक जुलाई से लेकर 31 जुलाई तक संचारी अभियान पूर्ण कर लिया गया है। संवाद
नालियां जाम, छिड़काव की कोई व्यवस्था नहीं
अहरौला। विकास खंड में जगह-जगह जलभराव से लोग परेशान हैं। गांवों में नालियां जाम हैं और जलभराव वाले स्थानों पर संक्रामक बीमारी पैदा करने वाले जीवाणु पनप रहे हैं। अभी तक न तो साफ-सफाई का अभियान ही चलाया गया और न छिड़काव कराया गया है। मतलूबपुर ग्रामसभा में थाना, स्वास्थ्य केंद्र, बीआरसी के अगल-बगल भारी गंदगी व्याप्त है। इसी तरह आलमपुर गांव में डीहबाबा के स्थान से राजभर बस्ती तक जाने वाले आरसीसी रोड पर आधा फीट से ज्यादा पानी लगा हुआ है, जिससे छोटे-छोटे बच्चे और गांव के लोग इसी रास्ते से गुजर रहे हैं। जलनिकासी के लिए नाली नहीं है। लोग हैंडपंप का पानी पीकर संक्रमित भी हो रहे हैं। संवाद
मच्छरोधी दवा के छिड़काव की मांग
रानी की सराय। ब्लाक क्षेत्र के मुरादाबाद, शेषपुर, नरहरपुर, ईश्वरपुर, मालिक हुसैनपुर, घाटी पट्टी, चकसेठवल, हसनपुर, अंधौरी, सम्मोपुर खालसा आदि गांवों में नालों पर पटिया नहीं लगी है। नालों की साफ-सफाई न होने से मच्छर पनप रहे हैं। गांवों में जगह-जगह कूड़े का अंबार है। साफ-सफाई के अभाव में मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है। इसके कारण लोग मलेरिया, डेंगू जैसे रोगों से पीड़ित हो रहे हैं। क्षेत्र के रमेश कुमार, राजेश, निलेश कुमार, राजू, मनोज यादव, राहुल यादव, सुरेश कुमार ने बताया कि गांवों में जो भी सफाईकर्मी आते हैं, वे सिर्फ खानापूर्ति करते हैं। एडीओ पंचायत सुभाष चंद्र शर्मा ने बताया कि सचिव को बोलकर छिड़काव करा दिया जाएगा। संवाद
संचारी रोग नियंत्रण अभियान कब चला और कब पूरा हो गया, किसी को पता ही नहीं चला। न तो साफ-सफाई हुई और न कोई छिड़काव हुआ।
सुबास कुमार, ग्रामीण।
गांव में सफाईकर्मी कब आता है और क्या करता है, यह किसी को पता नहीं। गांवों में नालियां जाम हैं, जगह-जगह गंदगी फैली हुई है, जिम्मेदार आंख मूंदे पड़े हैं। -मनीराम, ग्रामीण।
कौन सा अभियान गांव में कब चलाया जाता है, किसी को पता नहीं चलता। कागजों में अभियान चलाकर प्रशासन अपनी पीठ खुद थपथपा लेता है। प्रशासन को आम आदमी से क्या लेना। -राकेश यादव, ग्रामीण।
बारिश के मौसम में संक्रामक बीमारियां पांव पसारती हैं। सरकार इसके लिए फंड जारी कर अभियान चलाती है, लेकिन जिम्मेदार इसे धरातल पर नहीं उतारते। तभी तो गांव बदहाल हैं। -हरिचरण, ग्रामीण।
जिले के सभी गांवों से लेकर शहर तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान का प्रथम चरण पूरा कर लिया गया है। अब यह अभियान 10 अगस्त तक चलाया जाना है। इक्का-दुक्का जगहों पर जो सफाई या छिड़काव के काम छूटे हैं, उन्हें पूरा कराया जा रहा है। -डॉ. एनआर वर्मा, सीएमओ।