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Azamgarh News: डिघिया नाला खतरे के निशान से दो सेमी नीचे, तटीय गांवों में बढ़ी चिंता
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देवारा खास राजा के झगरहवा में कटान रोकने के लिए लगाए गए परखूपाइन।
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लगातार हो रही बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण सरयू नदी से जुड़े डिघिया और बदरहुआ नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
डिघिया नाला अब खतरे के निशान से महज दो सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है, जिससे तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है।
बाढ़ खंड के अनुसार, बुधवार शाम चार बजे बदरहुआ नाले का जलस्तर 71.02 मीटर दर्ज किया गया था, जो बृहस्पतिवार को छह सेंटीमीटर बढ़कर 71.08 मीटर हो गया। वहीं डिघिया नाले का जलस्तर 70.35 मीटर से बढ़कर 70.38 मीटर पर पहुंच गया है।
डिघिया नाले का खतरा बिंदु 70.40 मीटर निर्धारित है, ऐसे में यह अब लाल निशान से केवल दो सेंटीमीटर नीचे रह गया है। दूसरी ओर बदरहुआ नाले का खतरा बिंदु 71.68 मीटर है।
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बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, बृहस्पतिवार को गिरिजा बैराज, शारदा बैराज और सरयू बैराज से कुल 2,88,318 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे आने वाले दिनों में नदी और नालों के जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरयू नदी के खतरे का निशान पार करते ही सबसे पहले लगभग 300 की आबादी वाला चक्की गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर जाता है। इसके अलावा सगड़ी तहसील के देवारा खास राजा, अजगरा, बांका, शाहडीह, मानिकपुर और सोनौरा गांवों की सिवान भी जलमग्न होने लगती है।
जलस्तर में लगातार वृद्धि होने पर बाढ़ का पानी धीरे-धीरे आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ने लगता है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सतर्क रहने और तटीय गांवों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अवर अभियंता रामानंद ने बताया कि नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। प्रशासन सतर्क है और नजर बनाए हुए हैं। पानी बढ़ने से कटान थम सी गई है।
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डिघिया नाला अब खतरे के निशान से महज दो सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है, जिससे तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है।
बाढ़ खंड के अनुसार, बुधवार शाम चार बजे बदरहुआ नाले का जलस्तर 71.02 मीटर दर्ज किया गया था, जो बृहस्पतिवार को छह सेंटीमीटर बढ़कर 71.08 मीटर हो गया। वहीं डिघिया नाले का जलस्तर 70.35 मीटर से बढ़कर 70.38 मीटर पर पहुंच गया है।
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डिघिया नाले का खतरा बिंदु 70.40 मीटर निर्धारित है, ऐसे में यह अब लाल निशान से केवल दो सेंटीमीटर नीचे रह गया है। दूसरी ओर बदरहुआ नाले का खतरा बिंदु 71.68 मीटर है।
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बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, बृहस्पतिवार को गिरिजा बैराज, शारदा बैराज और सरयू बैराज से कुल 2,88,318 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे आने वाले दिनों में नदी और नालों के जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरयू नदी के खतरे का निशान पार करते ही सबसे पहले लगभग 300 की आबादी वाला चक्की गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर जाता है। इसके अलावा सगड़ी तहसील के देवारा खास राजा, अजगरा, बांका, शाहडीह, मानिकपुर और सोनौरा गांवों की सिवान भी जलमग्न होने लगती है।
जलस्तर में लगातार वृद्धि होने पर बाढ़ का पानी धीरे-धीरे आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ने लगता है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सतर्क रहने और तटीय गांवों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अवर अभियंता रामानंद ने बताया कि नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। प्रशासन सतर्क है और नजर बनाए हुए हैं। पानी बढ़ने से कटान थम सी गई है।