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Azamgarh News: मूल्यांकन में अनियमितता पर प्रधानाचार्य समेत पांच शिक्षक आजीवन डिबार
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आजमगढ़। यूपी बोर्ड परीक्षा-2026 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में अनियमितता बरतने के मामले में मौलाना आजाद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य समेत पांच शिक्षकों को भविष्य में होने वाले सभी बोर्ड परीक्षा कार्यों से आजीवन डिबार कर दिया गया है।
यह कार्रवाई जिला विद्यालय निरीक्षक अजय कुमार द्वारा जांच और स्पष्टीकरण के परीक्षण के बाद की गई। डीआईओएस अजय कुमार ने बताया कि नवजागृति सेवा संस्थान की ओर से आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी कि विद्यालय के चार उर्दू विषय के शिक्षकों को अनियमित रूप से सामाजिक विज्ञान विषय का परीक्षक बनाकर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराया गया।
मामले की जांच में शिक्षकों मुशीर अहमद, मोहम्मद सालिम खान, फौजिया बानो और फरहान अहमद के शैक्षिक अभिलेखों का परीक्षण किया गया। विभागीय जांच में पाया गया कि संबंधित शिक्षक सामाजिक विज्ञान विषय के मूल्यांकन के लिए निर्धारित अर्हता नहीं रखते थे। डीआईओएस अजय कुमार ने बताया कि मामले में प्रधानाचार्य मो. शाहेदीन से स्पष्टीकरण मांगा गया था। अभिलेखों और जवाब के परीक्षण के बाद प्रधानाचार्य मो. शाहेदीन और चारों शिक्षकों को बोर्ड के किसी भी परीक्षा कार्य से आजीवन डिबार कर दिया गया है। साथ ही कार्रवाई की सूचना माध्यमिक शिक्षा परिषद को भी भेज दी गई है।
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यह कार्रवाई जिला विद्यालय निरीक्षक अजय कुमार द्वारा जांच और स्पष्टीकरण के परीक्षण के बाद की गई। डीआईओएस अजय कुमार ने बताया कि नवजागृति सेवा संस्थान की ओर से आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी कि विद्यालय के चार उर्दू विषय के शिक्षकों को अनियमित रूप से सामाजिक विज्ञान विषय का परीक्षक बनाकर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराया गया।
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मामले की जांच में शिक्षकों मुशीर अहमद, मोहम्मद सालिम खान, फौजिया बानो और फरहान अहमद के शैक्षिक अभिलेखों का परीक्षण किया गया। विभागीय जांच में पाया गया कि संबंधित शिक्षक सामाजिक विज्ञान विषय के मूल्यांकन के लिए निर्धारित अर्हता नहीं रखते थे। डीआईओएस अजय कुमार ने बताया कि मामले में प्रधानाचार्य मो. शाहेदीन से स्पष्टीकरण मांगा गया था। अभिलेखों और जवाब के परीक्षण के बाद प्रधानाचार्य मो. शाहेदीन और चारों शिक्षकों को बोर्ड के किसी भी परीक्षा कार्य से आजीवन डिबार कर दिया गया है। साथ ही कार्रवाई की सूचना माध्यमिक शिक्षा परिषद को भी भेज दी गई है।