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Azamgarh News: 5 ग्राम के बजाय 25 ग्राम नमक ले रहे युवा, बढ़ रहा हाई बीपी
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चक्रपानपुर। हाई ब्लड प्रेशर अब केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज चक्रपानपुर के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के अध्ययन में सामने आया है कि 25 से 35 वर्ष की आयु के युवाओं में भी तेजी से हाई बीपी के मामले बढ़ रहे हैं। बड़ी वजह अतिरिक्त नमक का सेवन करना है।
अध्ययन में खुलासा हुआ कि आज के युवा 5 ग्राम के बजाय 25 ग्राम नमक ले रहे हैं। इसके अलावा खराब खानपान, तनावपूर्ण दिनचर्या, जंक फूड और शारीरिक गतिविधियों में कमी भी बीमारी की प्रमुख वजह बन रही है। मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शिवप्रकाश ने बताया कि जनवरी से अब तक करीब पांच महीने में 100 लोगों पर अध्ययन किया गया है। अध्ययन में कई ऐसे मरीज मिले जिनका ब्लड प्रेशर 180 एमएमएचजी तक पहुंचा हुआ था। इनमें 25-35 वर्ष के युवा अधिक रही। यह स्थिति बेहद खतरनाक मानी जाती है, क्योंकि इससे हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज और लकवे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
अब स्ट्रोक और ब्रेन हेमरेज के मामलों में युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि पहले यह समस्या अधिकतर 50 वर्ष की उम्र के बाद देखने को मिलती थी। कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के अनुसार कॉलेज जाने वाले छात्रों और नौकरीपेशा युवाओं में यह समस्या ज्यादा पाई गई। घंटों बैठकर काम करना, देर रात तक जागना, धूम्रपान, मोटापा और फास्टफूड का बढ़ता सेवन युवाओं की सेहत पर भारी पड़ रहा है। अध्ययन में यह भी सामने आया कि कई युवा प्रतिदिन 25 से 30 ग्राम तक नमक का सेवन कर रहे हैं, जबकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ केवल 4 से 5 ग्राम नमक लेने की सलाह देते हैं।
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चिप्स, नमकीन, इंस्टेंट फूड, बाहर का भोजन और अतिरिक्त नमक का प्रयोग शरीर पर लगातार दबाव बढ़ा रहा है। अधिक नमक शरीर में पानी रोकता है, जिससे रक्तचाप बढ़ने के साथ दिल, दिमाग और किडनी पर भी असर पड़ता है। हाई ब्लड प्रेशर के साथ हृदय रोग, मधुमेह, किडनी की बीमारी और नसों से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। यदि समय रहते जीवनशैली में बदलाव नहीं किया गया तो आने वाले समय में युवाओं में हार्ट और ब्रेन से जुड़ी बीमारियों का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। हालांकि अध्ययन में राहत की बात भी सामने आई। जिन लोगों ने नमक कम किया, नियमित व्यायाम शुरू किया और फिटनेस पर ध्यान दिया, उनमें रक्तचाप काफी हद तक नियंत्रित पाया गया।
घर पर एक डिजिटल बीपी मशीन रखें-डॉ. शिवप्रकाश ने बताया कि अगर आपकी उम्र 30 से ज्यादा है, तो घर पर एक डिजिटल बीपी मशीन रखें और महीने में कम से कम एक बार अपना ब्लड प्रेशर जरूर चेक करें। एक सामान्य वयस्क का ब्लड प्रेशर 120/80 के आसपास होना चाहिए।
हाई बीपी को “साइलेंट किलर” कहा जाता है और युवाओं को इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने युवाओं से जंक फूड से दूरी बनाने, नियमित व्यायाम करने और संतुलित जीवनशैली अपनाने की अपील की।-डॉ. शिवप्रकाश, विभागाध्यक्ष, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग, राजकीय मेडिकल कॉलेज, चक्रपानपुर
अध्ययन में खुलासा हुआ कि आज के युवा 5 ग्राम के बजाय 25 ग्राम नमक ले रहे हैं। इसके अलावा खराब खानपान, तनावपूर्ण दिनचर्या, जंक फूड और शारीरिक गतिविधियों में कमी भी बीमारी की प्रमुख वजह बन रही है। मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शिवप्रकाश ने बताया कि जनवरी से अब तक करीब पांच महीने में 100 लोगों पर अध्ययन किया गया है। अध्ययन में कई ऐसे मरीज मिले जिनका ब्लड प्रेशर 180 एमएमएचजी तक पहुंचा हुआ था। इनमें 25-35 वर्ष के युवा अधिक रही। यह स्थिति बेहद खतरनाक मानी जाती है, क्योंकि इससे हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज और लकवे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
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अब स्ट्रोक और ब्रेन हेमरेज के मामलों में युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि पहले यह समस्या अधिकतर 50 वर्ष की उम्र के बाद देखने को मिलती थी। कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के अनुसार कॉलेज जाने वाले छात्रों और नौकरीपेशा युवाओं में यह समस्या ज्यादा पाई गई। घंटों बैठकर काम करना, देर रात तक जागना, धूम्रपान, मोटापा और फास्टफूड का बढ़ता सेवन युवाओं की सेहत पर भारी पड़ रहा है। अध्ययन में यह भी सामने आया कि कई युवा प्रतिदिन 25 से 30 ग्राम तक नमक का सेवन कर रहे हैं, जबकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ केवल 4 से 5 ग्राम नमक लेने की सलाह देते हैं।
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घर पर एक डिजिटल बीपी मशीन रखें-डॉ. शिवप्रकाश ने बताया कि अगर आपकी उम्र 30 से ज्यादा है, तो घर पर एक डिजिटल बीपी मशीन रखें और महीने में कम से कम एक बार अपना ब्लड प्रेशर जरूर चेक करें। एक सामान्य वयस्क का ब्लड प्रेशर 120/80 के आसपास होना चाहिए।
हाई बीपी को “साइलेंट किलर” कहा जाता है और युवाओं को इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने युवाओं से जंक फूड से दूरी बनाने, नियमित व्यायाम करने और संतुलित जीवनशैली अपनाने की अपील की।-डॉ. शिवप्रकाश, विभागाध्यक्ष, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग, राजकीय मेडिकल कॉलेज, चक्रपानपुर