गंगा विलास की काशी में वापसी टली: 10 अक्तूबर को कोलकाता से रवाना, 30 पर्यटकों संग अंतिम सप्ताह में आएगा
गंगा विलास 10 अक्तूबर को कोलकाता से चलकर अंतिम सप्ताह में काशी पहुंचेगा। गंगा में पानी बढ़ने के कारण संचालन टला था। पहले 25 सितंबर को कोलकाता से रवाना होना था।
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गंगा में बढ़े जलस्तर और पुलों के नीचे से गुजरने में संभावित दिक्कत के कारण दुनिया के चर्चित लग्जरी रिवर क्रूज एमवी गंगा विलास की वाराणसी वापसी की तारीख आगे बढ़ गई है। पहले इसे 25 सितंबर को कोलकाता से रवाना होना था, लेकिन अब 10 अक्तूबर को रवाना होगा। अक्तूबर के अंतिम सप्ताह तक इस क्रूज के वाराणसी पहुंचने की संभावना है।
गंगा विलास क्रूज की इस यात्रा में स्विट्जरलैंड, जर्मनी समेत विभिन्न देशों के करीब 30 विदेशी पर्यटक काशी पहुंचेंगे। वाराणसी पहुंचने के बाद पर्यटकों के तीन रात-दो दिन ठहरने का कार्यक्रम है। इस दौरान वे श्रीकाशी विश्वनाथ धाम, सारनाथ, अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों और दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती का अनुभव करेंगे। गंगा विलास की वाराणसी में पिछली प्रस्तावित यात्रा जनवरी 2026 में पूरी नहीं हो सकी थी।
12 नवंबर 2025 को कोलकाता से वाराणसी के लिए रवाना हुआ क्रूज कम जलस्तर के कारण पटना से ही वापस कोलकाता लौट गया था। उसमें सवार 30 विदेशी पर्यटकों को सड़क मार्ग से वाराणसी लाया गया था। आईडब्ल्यूएआई के अधिकारियों ने बताया कि गंगा विलास के वाराणसी आगमन को लेकर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तैयारियां की जा रही हैं।
1200 किमी की नदी यात्रा
कोलकाता से वाराणसी तक गंगा विलास को करीब 1200 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है। इस यात्रा में लगभग 18-19 दिन लगते हैं। रास्ते में क्रूज कई नदी बंदरगाहों पर ठहरता है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार 10 अक्तूबर से शुरू होने वाली यात्रा अंतिम सप्ताह में समाप्त होगी।