UP: कभी पैरों में नहीं थी चप्पल, आज करोड़ों का पैतृक घर बना गरीब बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग हब
Azamgarh News: समाजसेवी राजमणि यादव ने दो मंजिला मकान शिक्षा के नाम समर्पित किया है। इनके पिता ने फीता काटकर इस भवन का लोकार्पण किया। इसमें 230 से अधिक बच्चे मुफ्त शिक्षा ले रहे हैं। आगे आईएएस-पीसीएस, आईआईटी-नीट की तैयारी कराने का लक्ष्य है।
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अहरौला क्षेत्र के महुवारा गांव निवासी समाजसेवी व कारोबारी राजमणि यादव (40) ने अपने करोड़ों रुपये मूल्य के पैतृक दो मंजिला मकान को गरीब व असहाय बच्चों की शिक्षा के लिए समर्पित कर समाज के सामने मिसाल पेश की है। 26 जनवरी को पैतृक गांव में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने मंच से इसकी औपचारिक घोषणा की। उनके पिता रामयश यादव ने फीता काटकर निःशुल्क कोचिंग संस्थान का लोकार्पण किया।
कार्यक्रम के दौरान अपने संघर्षपूर्ण जीवन को याद करते हुए राजमणि यादव भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब उनके पैरों में चप्पल तक नहीं थी। रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव था। उच्च शिक्षा के बारे में सोचना भी संभव नहीं था, लेकिन संघर्ष से जीवन में सफलता मिली।
उन्होंने कहा कि अभाव के दर्द को वह भली-भांति समझते हैं। उन्हीं परिस्थितियों ने उन्हें प्रेरित किया कि गांव के संसाधनविहीन और प्रतिभाशाली बच्चों को शिक्षा से वंचित न रहना पड़े। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने खाली पड़े पैतृक मकान को निःशुल्क कोचिंग संस्थान के रूप में समर्पित कर दिया, जिसका पूरा खर्च वह स्वयं वहन करेंगे। वर्तमान में इस संस्थान में जूनियर स्तर के 230 से अधिक बच्चे निःशुल्क पठन-पाठन कर रहे हैं।
मिल रही सराहना
राजमणि यादव ने बताया कि आने वाले सत्र से आईएएस, पीसीएस, आईआईटी और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी निशुल्क कराई जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को बड़े सपनों को साकार करने का अवसर मिल सके। राजमणि यादव लखनऊ स्थित रॉयल्योसन ग्रुप ऑफ कंपनी के चेयरमैन हैं।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य विजय बहादुर सिंह पिंकू, संतोष सिंह बबलू, भाजपा जिला मंत्री दिलीप सिंह बघेल, प्रमोद राजभर, संजय गिरी, रामहित यादव, विजय सिंह, बलराम तिवारी, लालचंद यादव व प्रधान संग्राम निषाद समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
