UP: ओमप्रकाश राजभर ने शंकराचार्य पर किया तंज, कहा- मन चंगा तो कठौती में गंगा; यूजीसी पर सरकार की तारीफ की
Azamgarh News: अतरौलिया में प्रेस वार्ता के दौरान ओमप्रकाश राजभर ने विपक्ष पर निशाना साधा। कहा कि न्यायालय का आदेश सर्वोपरि है सभी को उसका सम्मान करना चाहिए। कहा कि अब गांवों में शहर जैसी सुविधाएं मिलेंगी। पिछड़ों का हक लौटेगा।
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UP Politics News: उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने बृहस्पतिवार को अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान विपक्ष पर जमकर हमला बोला।
उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों, सामाजिक न्याय और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। यूजीसी द्वारा नियुक्तियों में पुराने नियमों की बहाली और सुप्रीम कोर्ट के हालिया रुख पर मंत्री ने कहा कि न्यायालय का आदेश सर्वोपरि होता है और उसका सम्मान सभी को करना चाहिए।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता पहले चुप्पी साधे रहते हैं और जब कोर्ट का फैसला आ जाता है, तब हालात को भांपते हुए बयानबाजी शुरू कर देते हैं।
राजभर ने यूजीसी के नए नियमों को सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि इससे विश्वविद्यालयों में व्याप्त अनियमितताओं पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि जब भी दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को उनका हक देने की बात आती है, कुछ लोग उसका विरोध करने लगते हैं। उन्होंने मंडल आयोग का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी विरोध हुआ था, लेकिन अंततः पिछड़े वर्गों को उनका अधिकार मिला।
सियासी तंज भी किया
ग्रामीण विकास के मुद्दे पर बोलते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार गांवों में शहर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम कर रही है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर हो रहे पलायन को रोका जा सके और रिवर्स पलायन को बढ़ावा मिले।
उन्होंने बताया कि पंचायती राज विभाग के माध्यम से गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी, युवाओं के लिए ओपन जिम और मिनी स्टेडियम जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। साथ ही गांवों की बुनियादी सुविधाओं को इतना मजबूत बनाया जा रहा है कि लोग शहर छोड़कर दोबारा गांवों की ओर रुख करें।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अनशन समाप्त करने पर मंत्री ने अपने चिर-परिचित अंदाज में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मन चंगा तो कठौती में गंगा।” अब उन्होंने भी अपनी मांगें पूरी मानकर अनशन समाप्त कर दिया है।