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Azamgarh News: गैस किल्लत के चलते 100 से अधिक छोटी दुकानें हुई बंद
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रानी की सराय के रुदरी मोड़ पर बंद दुकान। संवाद
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आजमगढ़। मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव और युद्ध के असर से पैदा हुई गैस किल्लत का असर अब स्थानीय बाजारों में भी दिखाई देने लगा है। जिले में कामर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से छोटी खानपान की दुकानों के सामने संकट खड़ा हो गया है। जिले में अतरौलिया, निजामाबाद, रानी की सराय, अहरौला, लालगंज, ठेकमां, मुबारकपुर, सरायमीर, लॉटघाट आदि क्षेत्रों में अभी तक 100 से अधिक दुकानदारों को मजबूरन अपनी दुकानें बंद करनी पड़ी हैं, जबकि कुछ लोग वैकल्पिक साधनों का सहारा लेकर किसी तरह काम चला रहे हैं।
जिले के शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में हालात ऐसे हो गए हैं कि चाय, नाश्ता और छोटे भोजनालय चलाने वाले दुकानदारों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरकार की ओर से कामर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति पर रोक लगने के बाद कई छोटी दुकानें अस्थायी रूप से बंद हो गई हैं। इससे न सिर्फ दुकानदारों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई है, बल्कि ग्राहकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, कुछ दुकानदारों ने काम जारी रखने के लिए नए तरीके अपनाए हैं। कई लोग इंडेक्शन चूल्हे और कोयले का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि कारोबार पूरी तरह ठप न हो। वहीं दूसरी ओर जिले के कई इलाकों में ठेले पर चलने वाली खानपान की दुकानों पर घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस संकट के कारण बाजार की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। यदि जल्द ही कामर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो छोटे कारोबारियों की परेशानी और बढ़ सकती है।
दुकानदार लगा रहे इंडक्शन, कोयले भी जल रहे
निजामाबाद। तहसील क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्रों में और निजामाबाद बाजार में व्यावसायिक सिलेंडर बंद हो जाने के नाते रेस्टोरेंट संचालक और छोटे दुकानदार इस समय इलेक्ट्रिक इंडक्शन और कोयले के चूल्हे का इस्तेमाल कर रहे हैं। निजामाबाद में लगभग 10 छोटी दुकानें व्यावसायिक सिलेंडर न होने के नाते बंद हो गई है। निजामाबाद ठाकुरद्वारा चौक पर प्रतिष्ठित मिष्ठान और चाय-नाश्ते की दुकान, बद्री मिष्ठान भंडार पर व्यावसायिक सिलेंडर न होने पर दुकानदार काफी परेशान दिखे। इंडक्शन और कोयले के चूल्हे पर दूध गर्म कर चाय बना रहे थे। दुकानदार विजय मोदनवाल ने बताया कि लड़ाई का असर इधर भी देखने को मिल रहा है। हम लोग काफी दिनों से इंडक्शन और कोयले के चूल्हे का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो काफी महंगा पड़ रहा है। एक तरफ बिजली का बिल दीजिए, दूसरी तरफ कोयले की खरीदारी से दुकानदारी पर काफी असर हो रहा है।
रोटी के लिए घर में नहीं मिल रहा सिलिंडर, अंडा भून रहे दुकानदार
लाटघाट। अजमतगढ़ ब्लाक के लाटघाट, जीयनपुर, सतना, चौको बाजार सहित हरैया ब्लाक के रौनापार और चांदपट्टी इलाके में इन दिनों घरेलू गैस सिलिंडर को लेकर मारामारी की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि जहां एक ओर घरों में रोटी बनाने के लिए गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है, वहीं बाजार में अंडा, छोले, चाउमीन और अन्य खाद्य पदार्थों की दुकानों पर घरेलू सिलिंडरों का खुलेआम उपयोग हो रहा है। पूर्ति निरीक्षक अजमतगढ़ बृजेश दुबे और हरैया के पूर्ति निरीक्षक पंकज यादव ने बताया कि गैस एजेंसियों की जांच की जा रही है। कई बड़े प्रतिष्ठानों पर छापेमारी भी की गई है और यदि कहीं अवैध रूप से घरेलू सिलिंडर का उपयोग पाया गया तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं रौनापार स्थित इंडियन गैस वितरक केंद्र के संचालक अजय वर्मा ने बताया कि उपभोक्ताओं को पासबुक और ओटीपी सत्यापन के बाद ही गैस सिलिंडर दिया जा रहा है। गोदाम पर पर्याप्त मात्रा में गैस सिलेंडर उपलब्ध है और शासन के निर्देशानुसार ही वितरण किया जा रहा है।
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जिले के शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में हालात ऐसे हो गए हैं कि चाय, नाश्ता और छोटे भोजनालय चलाने वाले दुकानदारों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरकार की ओर से कामर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति पर रोक लगने के बाद कई छोटी दुकानें अस्थायी रूप से बंद हो गई हैं। इससे न सिर्फ दुकानदारों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई है, बल्कि ग्राहकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, कुछ दुकानदारों ने काम जारी रखने के लिए नए तरीके अपनाए हैं। कई लोग इंडेक्शन चूल्हे और कोयले का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि कारोबार पूरी तरह ठप न हो। वहीं दूसरी ओर जिले के कई इलाकों में ठेले पर चलने वाली खानपान की दुकानों पर घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस संकट के कारण बाजार की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। यदि जल्द ही कामर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो छोटे कारोबारियों की परेशानी और बढ़ सकती है।
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दुकानदार लगा रहे इंडक्शन, कोयले भी जल रहे
निजामाबाद। तहसील क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्रों में और निजामाबाद बाजार में व्यावसायिक सिलेंडर बंद हो जाने के नाते रेस्टोरेंट संचालक और छोटे दुकानदार इस समय इलेक्ट्रिक इंडक्शन और कोयले के चूल्हे का इस्तेमाल कर रहे हैं। निजामाबाद में लगभग 10 छोटी दुकानें व्यावसायिक सिलेंडर न होने के नाते बंद हो गई है। निजामाबाद ठाकुरद्वारा चौक पर प्रतिष्ठित मिष्ठान और चाय-नाश्ते की दुकान, बद्री मिष्ठान भंडार पर व्यावसायिक सिलेंडर न होने पर दुकानदार काफी परेशान दिखे। इंडक्शन और कोयले के चूल्हे पर दूध गर्म कर चाय बना रहे थे। दुकानदार विजय मोदनवाल ने बताया कि लड़ाई का असर इधर भी देखने को मिल रहा है। हम लोग काफी दिनों से इंडक्शन और कोयले के चूल्हे का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो काफी महंगा पड़ रहा है। एक तरफ बिजली का बिल दीजिए, दूसरी तरफ कोयले की खरीदारी से दुकानदारी पर काफी असर हो रहा है।
रोटी के लिए घर में नहीं मिल रहा सिलिंडर, अंडा भून रहे दुकानदार
लाटघाट। अजमतगढ़ ब्लाक के लाटघाट, जीयनपुर, सतना, चौको बाजार सहित हरैया ब्लाक के रौनापार और चांदपट्टी इलाके में इन दिनों घरेलू गैस सिलिंडर को लेकर मारामारी की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि जहां एक ओर घरों में रोटी बनाने के लिए गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है, वहीं बाजार में अंडा, छोले, चाउमीन और अन्य खाद्य पदार्थों की दुकानों पर घरेलू सिलिंडरों का खुलेआम उपयोग हो रहा है। पूर्ति निरीक्षक अजमतगढ़ बृजेश दुबे और हरैया के पूर्ति निरीक्षक पंकज यादव ने बताया कि गैस एजेंसियों की जांच की जा रही है। कई बड़े प्रतिष्ठानों पर छापेमारी भी की गई है और यदि कहीं अवैध रूप से घरेलू सिलिंडर का उपयोग पाया गया तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं रौनापार स्थित इंडियन गैस वितरक केंद्र के संचालक अजय वर्मा ने बताया कि उपभोक्ताओं को पासबुक और ओटीपी सत्यापन के बाद ही गैस सिलिंडर दिया जा रहा है। गोदाम पर पर्याप्त मात्रा में गैस सिलेंडर उपलब्ध है और शासन के निर्देशानुसार ही वितरण किया जा रहा है।