UP News: SIR...आजमगढ़ के सदर विधानसभा में 89,960 वोट कटे, 2022 में 16 हजार था जीत का अंतर; जानें खास
Azamgarh News: विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर जिले के अधिकारी लगातार काम कर रहे हैं। इस बीच, 89,960 वोट कट जाने से कई सवाल भी उठने लगने हैं। एसआईआर में नाम हटाए जाने से आजमगढ़ सदर विधानसभा क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ है।
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SIR Voter List UP: आजमगढ़ जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में सबसे अधिक आजमगढ़ सदर में 89,960 मतदाताओं के नाम कटे हैं। यह इस लिहाज से भी अहम है कि वर्ष 2022 में जीत और हार का अंतर केवल 16 हजार वोटों का था। आजमगढ़ सदर से सपा के पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव नौ बार विस का चुनाव जीत चुके हैं। 1993 के बाद यह उनकी लगातार छठवीं जीत है।
मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने से आजमगढ़ सदर विधानसभा क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। यहां कुल 3,98,368 पंजीकृत मतदाताओं में से 89,960 (22.55 प्रतिशत) नाम काटे गए, जो जिले में सर्वाधिक है। इनमें 10,166 मृत, 33,917 मतदाता मौके पर नहीं मिले, जबकि 28,605 मतदाता स्थानांतरित हो चुके हैं।
2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के दुर्गा प्रसाद यादव ने भाजपा के अखिलेश मिश्रा को मात्र 16,036 वोटों के अंतर से हराया था। चुनाव में सपा के दुर्गा को 1,00,813 और भाजपा के अखिलेश मिश्रा को 84,777 वोट मिले थे। अब 89,960 वोटों की कटौती से जीत का मार्जिन पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। इससे आगामी चुनावों में सीट पर समीकरण बदल सकता है।
एडीएम प्रशासन राहुल विश्वकर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई बोगस, दोहरे पंजीकरण और अपात्र मतदाताओं को हटाने के लिए की गई है, ताकि सूची शुद्ध हो सके। जिले में कुल 37,14,258 मतदाताओं में से 5,81,185 यानी 15.56 प्रतिशत नाम हटाए गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कटे हुए वोट किसी एक वर्ग या क्षेत्र से अधिक जुड़े रहे हैं, तो आने वाले चुनावों में इसका सीधा असर परिणामों पर दिखेगा।
1985 से शुरू हुआ सफर, 1996 के बाद सपा से अटूट रिश्ता
सदर विधानसभा क्षेत्र से सपा नेता दुर्गा प्रसाद यादव ने एक लाख से अधिक मत प्राप्त कर विधानसभा में पहुंचकर नया रिकॉर्ड कायम किया था। इस जीत के साथ ही उन्होंने एक ही सीट से नौवीं बार विधानसभा चुनाव जीतने का इतिहास रचा था। वर्ष 1993 को छोड़ दें तो 1985 से लगातार वे आजमगढ़ सदर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं।
दुर्गा ने राजनीतिक करियर की शुरुआत वर्ष 1985 में निर्दल प्रत्याशी के रूप में की थी। इसके बाद 1989 और 1991 में उन्होंने जनता दल के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। हालांकि 1993 के चुनाव में उन्हें बसपा प्रत्याशी राजबली यादव के हाथों हार का सामना करना पड़ा।
1996 के चुनाव से दुर्गा प्रसाद यादव ने समाजवादी पार्टी का दामन थामा और उसी वर्ष पहली बार सपा के टिकट पर जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वर्ष 1996, 2002, 2007, 2012, 2017 और 2022 में लगातार सपा के टिकट पर जीत दर्ज कर वे लगातार छठी बार सपा विधायक के रूप में विधानसभा पहुंचे। कुल मिलाकर वे नौ बार विधायक बन चुके हैं।
आजमगढ़ सदर के आंकड़े
- 398368 - कुल मतदाता
- 308421 - डिजिटाइज मतदाता
- 10166 - मृतक
- 33917 - नहीं मिले
- 28605 - स्थानांतरित