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Azamgarh News: परिषदीय स्कूलों में जल्द होगा शिक्षकों का समायोजन
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आजमगढ़। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के असंतुलित अनुपात को सुधारने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने समायोजन प्रक्रिया शुरू कर दी है। शासन के निर्देश पर अब प्रत्येक विद्यालय में न्यूनतम दो शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए जिन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या अधिक है, वहां से शिक्षकों का दूसरे विद्यालयों में समायोजन किया जाएगा।
जनपद में कुल 2706 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 1724 प्राथमिक, 458 उच्च प्राथमिक तथा 524 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। इन स्कूलों में लगभग ढाई लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार पाठक ने बताया कि लंबे समय से समायोजन न होने के कारण कई विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात प्रभावित हो गया है। उन्होंने बताया कि पिछले शिक्षण सत्र में स्कूलों के युग्मन से कुछ सुधार हुआ था, लेकिन गैर जनपद स्थानांतरण और सेवानिवृत्ति के चलते कई विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या कम हो गई।
वहीं कुछ स्कूलों में छात्रों की संख्या कम होने के बावजूद शिक्षक अधिक हैं। जिले में 13 एकल विद्यालय बेसिक शिक्षा विभाग के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। इन विद्यालयों में शिक्षक के अवकाश पर जाने की स्थिति में स्कूल बंद करने तक की नौबत आ जाती है। ऐसे में समायोजन के बाद इन विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षक उपलब्ध हो सकेंगे और पढ़ाई व्यवस्था बेहतर होगी। महिला शिक्षकों को राहत देते हुए उन्हें दूसरे ब्लॉक में नहीं भेजा जाएगा। जिला स्तर पर गठित समिति समायोजन प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है।
ये है मानक : प्राथमिक विद्यालय में निर्धारित मानक के अनुसार 30 बच्चों पर एक शिक्षक, 45 बच्चों पर दो शिक्षक, 60 बच्चों पर तीन शिक्षक, 75 बच्चों पर चार शिक्षक और 90 बच्चों पर पांच शिक्षक होने चाहिए। यह मानक ज्यादातर प्राइमरी विद्यालयों में नहीं है। मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों का विवरण शुद्ध करने के आदेश दिए है। जिला स्तरीय कमेटी की देखरेख में शुरू हुए इस शिक्षक समायोजन से काफी कुछ व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएंगी।
जनपद में कुल 2706 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 1724 प्राथमिक, 458 उच्च प्राथमिक तथा 524 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। इन स्कूलों में लगभग ढाई लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार पाठक ने बताया कि लंबे समय से समायोजन न होने के कारण कई विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात प्रभावित हो गया है। उन्होंने बताया कि पिछले शिक्षण सत्र में स्कूलों के युग्मन से कुछ सुधार हुआ था, लेकिन गैर जनपद स्थानांतरण और सेवानिवृत्ति के चलते कई विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या कम हो गई।
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वहीं कुछ स्कूलों में छात्रों की संख्या कम होने के बावजूद शिक्षक अधिक हैं। जिले में 13 एकल विद्यालय बेसिक शिक्षा विभाग के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। इन विद्यालयों में शिक्षक के अवकाश पर जाने की स्थिति में स्कूल बंद करने तक की नौबत आ जाती है। ऐसे में समायोजन के बाद इन विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षक उपलब्ध हो सकेंगे और पढ़ाई व्यवस्था बेहतर होगी। महिला शिक्षकों को राहत देते हुए उन्हें दूसरे ब्लॉक में नहीं भेजा जाएगा। जिला स्तर पर गठित समिति समायोजन प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है।
ये है मानक : प्राथमिक विद्यालय में निर्धारित मानक के अनुसार 30 बच्चों पर एक शिक्षक, 45 बच्चों पर दो शिक्षक, 60 बच्चों पर तीन शिक्षक, 75 बच्चों पर चार शिक्षक और 90 बच्चों पर पांच शिक्षक होने चाहिए। यह मानक ज्यादातर प्राइमरी विद्यालयों में नहीं है। मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों का विवरण शुद्ध करने के आदेश दिए है। जिला स्तरीय कमेटी की देखरेख में शुरू हुए इस शिक्षक समायोजन से काफी कुछ व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएंगी।