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Baghpat News: परिषदीय विद्यालयों में 65 हजार विद्यार्थी सीखेंगे आत्मरक्षा के गुर
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- जिले के 530 विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच और बाल संरक्षण के प्रति किया जाएगा जागरूक
- मुहिम का उद्देश्य बच्चों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें सतर्क और आत्मविश्वासी बनाना, प्रशिक्षक किए नियुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले के 530 परिषदीय विद्यालयों में 65 हजार से अधिक विद्यार्थियों को अब आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे। इसके साथ ही उन्हें गुड टच-बैड टच और बाल संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
इस पहल के लिए प्रशिक्षक भी नियुक्त कर दिए गए हैं। कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को यह प्रशिक्षण दिया जाएगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी गीता चौधरी ने बताया कि इस मुहिम का उद्देश्य बच्चों को डराना नहीं है। इसका लक्ष्य उन्हें सतर्क और आत्मविश्वासी बनाना है। बच्चों को सरल भाषा में सही और गलत स्पर्श की पहचान सिखाई जाएगी। उन्हें निजी सीमाओं की समझ और असहज स्थितियों से निपटने के तरीके भी बताए जाएंगे। यह कार्यक्रम पढ़ाई के साथ-साथ आत्मसुरक्षा का पाठ भी पढ़ाएगा।
विद्यार्थियों को प्रेरित किया जाएगा कि वे किसी भी अनुचित व्यवहार की जानकारी बिना डरे अपने अभिभावकों या शिक्षकों को दें। उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। इस पहल के लिए शैक्षिक कैलेंडर में विशेष सत्र शामिल किए गए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे किसी भी परिस्थिति में चुप न रहें। वे समय पर मदद ले सकें।
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- मुहिम का उद्देश्य बच्चों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें सतर्क और आत्मविश्वासी बनाना, प्रशिक्षक किए नियुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले के 530 परिषदीय विद्यालयों में 65 हजार से अधिक विद्यार्थियों को अब आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे। इसके साथ ही उन्हें गुड टच-बैड टच और बाल संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
इस पहल के लिए प्रशिक्षक भी नियुक्त कर दिए गए हैं। कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को यह प्रशिक्षण दिया जाएगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी गीता चौधरी ने बताया कि इस मुहिम का उद्देश्य बच्चों को डराना नहीं है। इसका लक्ष्य उन्हें सतर्क और आत्मविश्वासी बनाना है। बच्चों को सरल भाषा में सही और गलत स्पर्श की पहचान सिखाई जाएगी। उन्हें निजी सीमाओं की समझ और असहज स्थितियों से निपटने के तरीके भी बताए जाएंगे। यह कार्यक्रम पढ़ाई के साथ-साथ आत्मसुरक्षा का पाठ भी पढ़ाएगा।
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विद्यार्थियों को प्रेरित किया जाएगा कि वे किसी भी अनुचित व्यवहार की जानकारी बिना डरे अपने अभिभावकों या शिक्षकों को दें। उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। इस पहल के लिए शैक्षिक कैलेंडर में विशेष सत्र शामिल किए गए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे किसी भी परिस्थिति में चुप न रहें। वे समय पर मदद ले सकें।
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