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Baghpat News: संबंधों में मिठास घोलने को मंगवाए रसगुल्लों से बढ़ी कड़वाहट
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बागपत। पिलाना ब्लॉक में जीपीडीपी (ग्राम पंचायत विकास योजना) का प्रशिक्षण देने के लिए शनिवार को बुलवाए गए सचिव व पंचायत सहायक खाना देखकर भड़क गए। खाने के पैकेट में सब्जी व चावल कम होने पर वह नाराज हो गए। उनको शांत करके मुंह मीठा कराने के लिए रसगुल्ले मंगवाए गए तो उनमें भी बदबू आने पर सचिवों व अफसरों में विवाद बढ़ गया। अफसरों ने भविष्य में होने वाले कार्यक्रमों में ब्लॉक में ही खाना बनवाने का आश्वासन दिया।
पिलाना ब्लॉक में सुबह 10 बजे से सचिवों व पंचायत सहायकों का प्रशिक्षण शुरू हुआ, जो दोपहर एक बजे तक चला। इसके बाद सचिवों व पंचायत सहायकों को खाने के पैकेट दिए गए। जब सचिव कृष्णपाल तोमर ने खाना खाने के लिए पैकेट खोला तो उसमें पनीर की सब्जी व चावल कम निकले। यह देखकर वह भड़क गए और सहायक पंचायत अधिकारी बुद्ध प्रकाश के सामने आपत्ति जताई। सचिव अकलेश ने कहा कि पैकेट में सब्जी-चावल काफी कम मात्रा में हैं और पूड़ी भी सूखी पड़ी हैं। इस खाने को कैसे खाया जाएगा।
सचिवों व पंचायत सहायकों को देने के बाद पैकेट बच गए थे तो बचे हुए पैकेटों से निकालकर सचिवों को दोबारा से सब्जी व चावल दिए गए। इससे उनकी नाराजगी कुछ हद तक दूर हुई। अधिकारियों ने उनकी नाराजगी को पूरी तरह से दूर करके संबंधों में मिठास घोलने की बात कहते हुए रसगुल्ले निकलवाए। जब सचिव कृष्णपाल तोमर ने रसगुल्ला उठाया तो उसमें से बदबू आने की बात कहते हुए हंगामा कर दिया। इससे माहौल दोबारा से गर्म हो गया।
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सचिवों ने कहा कि सुबह दस बजे ही मेरठ से खाने के पैकेट व रसगुल्ले मंगवा लिए गए थे। दोपहर तक खाना रखा रहने के कारण पूड़ी सूख गईं और रसगुल्लों से बदबू आने लगी। जब सचिवों व पंचायत सहायकों का प्रशिक्षण होना था तो खाना बनवाने की व्यवस्था ब्लॉक में होनी चाहिए थी। अधिकारियों ने भविष्य में ब्लॉक पर ही खाना बनवाने का आश्वासन दिया।
-54 पैकेट मंगवाए, सचिवों के बिना खाए जाने से बचे
पिलाना ब्लॉक में जीपीडीपी का प्रशिक्षण के लिए 54 कर्मचारियों को बुलाया गया था, इनमें सचिव व पंचायत सहायक दोनाें शामिल थे। सभी के लिए खाने के पैकेट मंगवाए गए थे। वहां कुछ सचिवों व पंचायत सहायकों के खाना खाए बिना चले जाने के कारण 20 पैकेट बच गए थे। यह पैकेट बाद में उन सचिवों व पंचायत सहायकों को दिए गए जिनके पैकेट में खाना कम निकला था।
वर्जन
-पिलाना ब्लॉक में जीपीडीपी का प्रशिक्षण देने के लिए सचिवों व पंचायत सहायकों को बुलाया गया था। पैकेट में पनीर की सब्जी व चावल कम थे और सचिवों को दूसरे पैकेट उपलब्ध करा दिए गए। रसगुल्ले खराब होने का आरोप गलत हैं। भविष्य में जब भी कार्यक्रम होगा तो ब्लॉक में ही खाना बनवाने की व्यवस्था की जाएगी। -बुद्ध प्रकाश, सहायक पंचायत अधिकारी
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पिलाना ब्लॉक में सुबह 10 बजे से सचिवों व पंचायत सहायकों का प्रशिक्षण शुरू हुआ, जो दोपहर एक बजे तक चला। इसके बाद सचिवों व पंचायत सहायकों को खाने के पैकेट दिए गए। जब सचिव कृष्णपाल तोमर ने खाना खाने के लिए पैकेट खोला तो उसमें पनीर की सब्जी व चावल कम निकले। यह देखकर वह भड़क गए और सहायक पंचायत अधिकारी बुद्ध प्रकाश के सामने आपत्ति जताई। सचिव अकलेश ने कहा कि पैकेट में सब्जी-चावल काफी कम मात्रा में हैं और पूड़ी भी सूखी पड़ी हैं। इस खाने को कैसे खाया जाएगा।
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सचिवों व पंचायत सहायकों को देने के बाद पैकेट बच गए थे तो बचे हुए पैकेटों से निकालकर सचिवों को दोबारा से सब्जी व चावल दिए गए। इससे उनकी नाराजगी कुछ हद तक दूर हुई। अधिकारियों ने उनकी नाराजगी को पूरी तरह से दूर करके संबंधों में मिठास घोलने की बात कहते हुए रसगुल्ले निकलवाए। जब सचिव कृष्णपाल तोमर ने रसगुल्ला उठाया तो उसमें से बदबू आने की बात कहते हुए हंगामा कर दिया। इससे माहौल दोबारा से गर्म हो गया।
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सचिवों ने कहा कि सुबह दस बजे ही मेरठ से खाने के पैकेट व रसगुल्ले मंगवा लिए गए थे। दोपहर तक खाना रखा रहने के कारण पूड़ी सूख गईं और रसगुल्लों से बदबू आने लगी। जब सचिवों व पंचायत सहायकों का प्रशिक्षण होना था तो खाना बनवाने की व्यवस्था ब्लॉक में होनी चाहिए थी। अधिकारियों ने भविष्य में ब्लॉक पर ही खाना बनवाने का आश्वासन दिया।
-54 पैकेट मंगवाए, सचिवों के बिना खाए जाने से बचे
पिलाना ब्लॉक में जीपीडीपी का प्रशिक्षण के लिए 54 कर्मचारियों को बुलाया गया था, इनमें सचिव व पंचायत सहायक दोनाें शामिल थे। सभी के लिए खाने के पैकेट मंगवाए गए थे। वहां कुछ सचिवों व पंचायत सहायकों के खाना खाए बिना चले जाने के कारण 20 पैकेट बच गए थे। यह पैकेट बाद में उन सचिवों व पंचायत सहायकों को दिए गए जिनके पैकेट में खाना कम निकला था।
वर्जन
-पिलाना ब्लॉक में जीपीडीपी का प्रशिक्षण देने के लिए सचिवों व पंचायत सहायकों को बुलाया गया था। पैकेट में पनीर की सब्जी व चावल कम थे और सचिवों को दूसरे पैकेट उपलब्ध करा दिए गए। रसगुल्ले खराब होने का आरोप गलत हैं। भविष्य में जब भी कार्यक्रम होगा तो ब्लॉक में ही खाना बनवाने की व्यवस्था की जाएगी। -बुद्ध प्रकाश, सहायक पंचायत अधिकारी