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णमोकार मंत्र के जाप से मिलती है कष्टों से मुक्ति : पं. प्रदीप
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-चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में सिद्धचक्र महामंडल विधान के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने किया पूजन
फोटो-तीन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। बरनावा के चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में सोमवार को सिद्धचक्र महामंडल विधान के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने पूजन किया। इस दौरान भगवान श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा और नित्य नियम पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने 128 अर्घ्य भी अर्पित किए।
पंडित प्रदीप पीयूष शास्त्री ने मंदिर में पूजन संपन्न कराया। सौधर्म इंद्र संजीव जैन और शांतिधारा ममता जैन ने विधान में भाग लिया। पंडित शास्त्री ने कहा कि सिद्धचक्र महामंडल विधान अनेक विधानों का सृजन करता है। उन्होंने बताया कि णमोकार मंत्र का जाप करने से मनुष्य को सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है। व्याकरण के माध्यम से संस्कृत साहित्य, आगम और शास्त्रों का सही अर्थ समझना संभव होता है। इस अवसर पर पंडित महेश चंद शास्त्री, शांति कुमार शास्त्री, सविता, अनिता, प्रीति, वंदना और सारिका सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।
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फोटो-तीन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। बरनावा के चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में सोमवार को सिद्धचक्र महामंडल विधान के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने पूजन किया। इस दौरान भगवान श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा और नित्य नियम पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने 128 अर्घ्य भी अर्पित किए।
पंडित प्रदीप पीयूष शास्त्री ने मंदिर में पूजन संपन्न कराया। सौधर्म इंद्र संजीव जैन और शांतिधारा ममता जैन ने विधान में भाग लिया। पंडित शास्त्री ने कहा कि सिद्धचक्र महामंडल विधान अनेक विधानों का सृजन करता है। उन्होंने बताया कि णमोकार मंत्र का जाप करने से मनुष्य को सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है। व्याकरण के माध्यम से संस्कृत साहित्य, आगम और शास्त्रों का सही अर्थ समझना संभव होता है। इस अवसर पर पंडित महेश चंद शास्त्री, शांति कुमार शास्त्री, सविता, अनिता, प्रीति, वंदना और सारिका सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।
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